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अर्जुन बिजलानी बोले — दीपावली परिवार संग यादें बनाने का सबसे खास मौका

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अर्जुन बिजलानी बोले — दीपावली परिवार संग यादें बनाने का सबसे खास मौका

सारांश

अर्जुन बिजलानी के लिए दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं — यह व्यस्त जीवन में ठहरकर अपनों को महसूस करने का मौका है। उनका कहना है कि असली खुशी जश्न में नहीं, बल्कि उन लोगों की मौजूदगी में है जिनके साथ वह पल जिए जाते हैं।

मुख्य बातें

अर्जुन बिजलानी ने कहा कि दीपावली परिवार के साथ समय बिताने का सबसे बेहतरीन अवसर है।
अभिनेता अपने शेड्यूल को इस तरह व्यवस्थित करते हैं कि त्योहारों पर परिवार के साथ उपस्थित रह सकें।
उनके अनुसार, 'अंधेरे पर रोशनी की जीत' का अर्थ उम्मीद, सकारात्मकता और आभार है।
बचपन की दीपावली में पटाखे और मिठाइयां थीं, अब वे गहरे पारिवारिक बंधन को ज़्यादा अहमियत देते हैं।
उनका संदेश: हंसी-खुशी के पल और साझा यादें ही जीवन की सबसे कीमती संपत्ति हैं।

टेलीविजन अभिनेता अर्जुन बिजलानी का मानना है कि त्योहारों का मौसम, खासकर दीपावली, व्यस्त दिनचर्या से थोड़ा विराम लेकर अपने प्रियजनों के साथ सच्चा और यादगार समय बिताने का एक अनमोल अवसर है। मुंबई में अपने परिवार के साथ पारंपरिक तरीके से दीपावली मनाने वाले अर्जुन ने इस त्योहार को लेकर अपने दिल की बात साझा की।

परिवार और पर्व का तालमेल

अर्जुन ने कहा, 'दीपावली का मतलब हमेशा परिवार के साथ अच्छा समय बिताना होता है। हम आमतौर पर घर पर ही त्योहार मनाते हैं — पूजा करते हैं, घर को सजाते हैं, स्वादिष्ट खाना खाते हैं और खूब हंसी-खुशी का माहौल बनाते हैं।' उन्होंने स्वीकार किया कि काम की व्यस्तता के बावजूद वे परिवार के लिए समय निकालने की भरपूर कोशिश करते हैं।

अभिनेता ने जोड़ा, 'यह काम और त्योहारों के बीच तालमेल बिठाने की बात है। मैं अपना शेड्यूल इस तरह से सेट करने की कोशिश करता हूं कि अपने परिवार के साथ त्योहारों का आनंद ले सकूं। काम महत्वपूर्ण है, लेकिन दिन के अंत में, अपने प्रियजनों के साथ बिताए गए ये पल भी उतने ही कीमती होते हैं।'

बदलता नज़रिया — बचपन से आज तक

अर्जुन बिजलानी ने माना कि समय के साथ दीपावली को लेकर उनका दृष्टिकोण काफी गहरा हुआ है। उन्होंने कहा, 'बचपन में दीपावली का मतलब नए कपड़े, मिठाइयां, पटाखे और परिवार से मिलना-जुलना होता था। लेकिन बड़े होने पर समझ आता है कि इस त्योहार के मायने कहीं ज्यादा गहरे हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'मेरे लिए 'अंधेरे पर रोशनी की जीत' का मतलब उम्मीद, सकारात्मकता और मुश्किल समय में ताकत जुटाने से भी है। यह मुझे याद दिलाता है कि जो कुछ भी मेरे पास है, उसके लिए मुझे आभारी रहना चाहिए और जीवन में चाहे कैसी भी परिस्थितियां आएं, हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए।'

सबसे यादगार पल

दीपावली की प्रिय यादों को साझा करते हुए अर्जुन ने कहा, 'अपने परिवार के साथ दीपावली हमेशा खास होती है, लेकिन जब हम सब एक ही छत के नीचे एक साथ होते हैं, तो वह पल सबसे यादगार बन जाता है।' उन्होंने कहा कि जश्न से कहीं ज्यादा जरूरी है — उन लोगों की मौजूदगी जिनके साथ वह मौका साझा किया जाए।

अभिनेता ने भावनात्मक लहजे में जोड़ा, 'हंसी-मजाक के वे पल, अपनों के साथ रहना और यादें संजोना ही वह चीज है जिसे आप हमेशा अपने पास रखते हैं।' यह बयान उनके उस विश्वास को दर्शाता है कि सेलिब्रिटी जीवन की चकाचौंध के बीच भी पारिवारिक बंधन ही असली ऊर्जा का स्रोत है।

आम जनता पर असर

अर्जुन बिजलानी की यह बात केवल उनके निजी अनुभव तक सीमित नहीं है — यह उस बड़े सामाजिक सच को छूती है जिसमें आधुनिक पेशेवर जीवन और पारिवारिक जुड़ाव के बीच संतुलन बनाना एक साझा चुनौती बन चुकी है। गौरतलब है कि त्योहारों के इस मौसम में लाखों भारतीय परिवार एक ही सवाल से जूझते हैं — काम और अपनों के बीच समय का बंटवारा कैसे हो। अर्जुन का यह संदेश उस भावना को स्वर देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बड़े सांस्कृतिक तनाव को भी दर्शाता है जिसमें भारत का मध्यवर्गीय पेशेवर तबका जी रहा है — जहाँ काम की माँगें और पारिवारिक परंपराएं अक्सर टकराती हैं। मनोरंजन जगत के सितारों के ऐसे बयान अपने दर्शकों के लिए सांस्कृतिक दर्पण का काम करते हैं। हालांकि, मुख्यधारा की कवरेज इसे महज एक 'फील-गुड स्टोरी' तक सीमित कर देती है — जबकि असली सवाल यह है कि क्या त्योहारी मौसम में 'वर्क-लाइफ बैलेंस' का यह विमर्श केवल उन्हीं के लिए सुलभ है जिनके पास शेड्यूल तय करने की स्वतंत्रता है।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अर्जुन बिजलानी दीपावली कैसे मनाते हैं?
अर्जुन बिजलानी दीपावली अपने परिवार के साथ घर पर पारंपरिक तरीके से मनाते हैं — पूजा करते हैं, घर सजाते हैं, स्वादिष्ट खाना खाते हैं और हंसी-खुशी का माहौल बनाते हैं। उनके लिए यह त्योहार काम की व्यस्तता से विराम लेकर परिवार के करीब आने का सबसे खास अवसर है।
अर्जुन बिजलानी के लिए दीपावली का क्या मतलब है?
उनके लिए दीपावली का अर्थ केवल जश्न नहीं, बल्कि उम्मीद, सकारात्मकता और कठिन समय में ताकत जुटाने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार उन्हें अपनी उपलब्धियों के लिए आभारी रहने और हर परिस्थिति में आगे बढ़ते रहने की याद दिलाता है।
अर्जुन बिजलानी काम और त्योहारों में तालमेल कैसे बिठाते हैं?
अर्जुन अपना शेड्यूल इस तरह व्यवस्थित करते हैं कि त्योहारों पर परिवार के साथ समय बिता सकें। उनका मानना है कि जो लोग और चीजें आपके लिए मायने रखती हैं, उनके लिए समय निकालना उतना ही जरूरी है जितना कि काम।
अर्जुन बिजलानी की दीपावली की सबसे प्यारी याद क्या है?
अर्जुन के अनुसार, जब सभी परिवारजन एक ही छत के नीचे एक साथ होते हैं, तो वह पल सबसे यादगार बन जाता है। वे कहते हैं कि हंसी-मजाक के वे पल और साझा यादें ही ऐसी चीजें हैं जिन्हें इंसान हमेशा अपने पास संजो कर रखता है।
बचपन और अब की दीपावली में अर्जुन बिजलानी को क्या फर्क लगता है?
बचपन में दीपावली का मतलब उनके लिए नए कपड़े, मिठाइयां और पटाखे थे, लेकिन बड़े होने पर उन्हें एहसास हुआ कि इस त्योहार के मायने कहीं अधिक गहरे हैं। अब वे परिवार की मौजूदगी और भावनात्मक जुड़ाव को उत्सव के किसी भी बाहरी आडंबर से ज़्यादा महत्व देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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