4 अक्टूबर 2026
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एआईएडीएमके छोड़ टीवीके में शामिल हुए पूर्व विधायक मुरुगुमारन, नेतृत्व पर धनबल को तरजीह देने का आरोप

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एआईएडीएमके छोड़ टीवीके में शामिल हुए पूर्व विधायक मुरुगुमारन, नेतृत्व पर धनबल को तरजीह देने का आरोप

सारांश

धरापुरम उपचुनाव से ठीक पहले एआईएडीएमके के दो बार के विधायक एन. मुरुगुमारन ने पार्टी पर धनबल की राजनीति का आरोप लगाकर टीवीके का दामन थाम लिया। 2026 के चुनाव में कट्टुमन्नारकोइल की जगह तिट्टाकुडी से उम्मीदवारी देना इसकी वजह बनी। यह एआईएडीएमके से एक और अनुभवी नेता का जाना है।

मुख्य बातें

मुरुगुमारन , एआईएडीएमके के पूर्व विधायक व संगठन सचिव, ने पार्टी से इस्तीफा देकर टीवीके की सदस्यता ली।
मुरुगुमारन ने कट्टुमन्नारकोइल से 2011 और 2016 में एआईएडीएमके के टिकट पर चुनाव जीता था।
2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें तिट्टाकुडी से नामांकन दिया गया, जहाँ वे 42,502 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे।
उन्होंने नेतृत्व पर आरोप लगाया कि पार्टी में अब करोड़पति उम्मीदवारों को तरजीह दी जाती है, सच्चे कार्यकर्ताओं को नहीं।
यह कदम 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले धरापुरम उपचुनाव से ठीक पहले उठाया गया।

तमिलनाडु में विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के पूर्व विधायक और संगठन सचिव एन. मुरुगुमारन ने पार्टी नेतृत्व पर ईमानदार कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर धनवान उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने का गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने रविवार, 5 अक्टूबर 2026 को धरापुरम में तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की सदस्यता ग्रहण कर ली। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब 6 अक्टूबर को होने वाले धरापुरम उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान अपने अंतिम चरण में है।

मुरुगुमारन का राजनीतिक सफर

कट्टुमन्नारकोइल विधानसभा क्षेत्र से 2011 और 2016 में एआईएडीएमके के टिकट पर जीत दर्ज कर चुके मुरुगुमारन पार्टी के लंबे समय के निष्ठावान नेता माने जाते थे। पार्टी में शामिल होने से पूर्व उन्होंने टीवीके के महासचिव और ग्रामीण विकास एवं जल संसाधन मंत्री एन. आनंद से मुलाकात की।

टिकट वितरण पर नाराज़गी

मुरुगुमारन ने रविवार सुबह इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें उनके पूर्व निर्वाचन क्षेत्र कट्टुमन्नारकोइल से प्रत्याशी न बनाए जाने से वे गहरे आहत हैं। उनका कहना था कि नेतृत्व ने उन्हें उक्त क्षेत्र में व्यापक स्तर पर काम करने के लिए प्रेरित किया, लेकिन चुनाव आते-आते उन्हें आरक्षित तिट्टाकुडी निर्वाचन क्षेत्र से नामांकित कर दिया गया। उन्होंने इस फैसले को 'विश्वासघात' करार दिया।

तिट्टाकुडी में मुरुगुमारन को 42,502 मत मिले, जबकि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के उम्मीदवार सीवी गणेशन 63,106 वोट पाकर विजयी रहे। टीवीके के प्रत्याशी राजशेखर 60,477 मत लेकर दूसरे स्थान पर रहे।

नेतृत्व पर गंभीर आरोप

मुरुगुमारन ने अपने इस्तीफे के बयान में एआईएडीएमके नेतृत्व पर स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर अब पर्याप्त वित्तीय संसाधन रखने वालों को ही राजनीतिक अवसर मिलते हैं। उन्होंने कहा, 'आम मज़दूर, गरीब पृष्ठभूमि के लोग और करोड़ों रुपए न रखने वाले लोग पार्टी के भीतर अवसर पाने में असमर्थ होते जा रहे हैं।' उनके अनुसार यह प्रवृत्ति एआईएडीएमके को तमिलनाडु की राजनीति में तीसरी शक्ति तक सिमित कर सकती है।

गौरतलब है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब एआईएडीएमके के किसी पूर्व मंत्री या पदाधिकारी ने पार्टी पर इस तरह के आरोप लगाए हों। 2026 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद से एआईएडीएमके के कई पूर्व मंत्री और नेता पार्टी छोड़ चुके हैं, और मुरुगुमारन का इस्तीफा इस कड़ी में नवीनतम है।

टीवीके के लिए रणनीतिक लाभ

मुरुगुमारन का धरापुरम उपचुनाव से ठीक पहले टीवीके में शामिल होना पार्टी के लिए एक रणनीतिक संकेत माना जा रहा है। यह कदम दर्शाता है कि विपक्षी एआईएडीएमके के अनुभवी जनाधार वाले नेता टीवीके को एक उभरती हुई ताकत के रूप में देख रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मुरुगुमारन जैसे अनुभवी नेताओं का समर्थन टीवीके को तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में कहाँ तक ले जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एआईएडीएमके के भीतर उस बड़े संकट की अभिव्यक्ति है जो 2026 की हार के बाद से धीरे-धीरे उभर रहा है — जब पार्टी के अनुभवी जनाधार वाले चेहरे एक-एक कर पाला बदल रहे हैं। 'धनबल बनाम ज़मीनी कार्यकर्ता' की यह बहस भारतीय राजनीति में नई नहीं है, लेकिन जब यह आरोप भीतर से आता है तो उसकी साख अलग होती है। असली सवाल यह है कि क्या एआईएडीएमके का शीर्ष नेतृत्व इस आंतरिक रिसाव को रोकने के लिए संरचनात्मक बदलाव करेगा, या धरापुरम जैसे उपचुनाव इस पतन को और तेज़ करते रहेंगे।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एन. मुरुगुमारन कौन हैं और उन्होंने एआईएडीएमके क्यों छोड़ी?
एन. मुरुगुमारन एआईएडीएमके के पूर्व विधायक और संगठन सचिव हैं, जिन्होंने 2011 और 2016 में कट्टुमन्नारकोइल सीट जीती थी। उन्होंने नेतृत्व पर आरोप लगाया कि पार्टी समर्पित कार्यकर्ताओं की बजाय धनवान उम्मीदवारों को तरजीह देती है, और 2026 के चुनाव में उन्हें उनका पसंदीदा निर्वाचन क्षेत्र न देकर विश्वासघात किया गया।
मुरुगुमारन किस पार्टी में शामिल हुए हैं?
मुरुगुमारन ने तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की सदस्यता ग्रहण की है। वे धरापुरम में टीवीके के महासचिव और मंत्री एन. आनंद से मिलने के बाद पार्टी में शामिल हुए।
2026 के चुनाव में मुरुगुमारन को कितने वोट मिले थे?
2026 के विधानसभा चुनाव में मुरुगुमारन को तिट्टाकुडी निर्वाचन क्षेत्र से 42,502 वोट मिले और वे डीएमके उम्मीदवार सीवी गणेशन से पीछे रहे, जिन्हें 63,106 मत मिले। टीवीके उम्मीदवार राजशेखर 60,477 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
धरापुरम उपचुनाव से ठीक पहले इस शामिल होने का क्या महत्व है?
मुरुगुमारन का टीवीके में शामिल होना 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले धरापुरम उपचुनाव से ठीक पहले हुआ है। यह एआईएडीएमके के लिए राजनीतिक रूप से असहज स्थिति है, क्योंकि इससे उपचुनाव से ठीक पहले उसकी आंतरिक दरारें उजागर होती हैं।
एआईएडीएमके से इस तरह पार्टी छोड़ने का यह कोई पहला मामला है?
नहीं, 2026 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद से एआईएडीएमके के कई पूर्व मंत्री और पदाधिकारी पार्टी छोड़ चुके हैं। मुरुगुमारन का इस्तीफा इस कड़ी में नवीनतम है, जो पार्टी के भीतर गहराते असंतोष को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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