टीवीके में DMK-AIADMK नेताओं का पलायन तेज़, स्थानीय निकाय चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक बदलाव

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टीवीके में DMK-AIADMK नेताओं का पलायन तेज़, स्थानीय निकाय चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक बदलाव

सारांश

तमिलनाडु में स्थानीय निकाय चुनावों की आहट के साथ ही TVK की ताकत और बढ़ रही है — DMK और AIADMK के नेता सत्ताधारी पार्टी का दामन थाम रहे हैं। 108 सीटों की जीत के बाद अब जमीनी स्तर पर भी TVK का विस्तार हो रहा है, जो तमिलनाडु की राजनीति में नए ध्रुवीकरण का संकेत है।

मुख्य बातें

DMK और AIADMK के स्थानीय नेता और पदाधिकारी सत्ताधारी दल TVK में शामिल हो रहे हैं।
DMK के इरोड जिले के आर.
शिवकुमार , नामक्कल के ए.के.
बालाचंदर और रासीपुरम के पूर्व पार्षद TVK में शामिल हुए।
AIADMK के पूर्व मंत्री केवी.
रामलिंगम ने वरिष्ठ मंत्री केए.
सेंगोत्तैयन की मौजूदगी में TVK की सदस्यता ली।
TVK ने हाल के विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी।
दक्षिणी, पश्चिमी और मध्य जिलों के और पदाधिकारी भी TVK में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं।

तमिलनाडु में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की संभावित घोषणा के बीच सत्ताधारी दल तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) की ओर नेताओं का रुख तेज़ी से बढ़ रहा है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) दोनों दलों के स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता 17 मई 2026 तक TVK में शामिल होने की प्रक्रिया में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, यह प्रवृत्ति विधानसभा चुनावों में TVK के उभार के बाद तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य में आ रहे व्यापक बदलाव का संकेत है।

कौन-कौन से नेता बदल रहे हैं पाला

हाल के हफ्तों में TVK में शामिल होने वाले उल्लेखनीय नामों में DMK के राज्यस्तरीय पदाधिकारी इरोड जिले के एल्लापलयम आर. शिवकुमार, नामक्कल पूर्वी जिले के कोषाध्यक्ष ए.के. बालाचंदर और रासीपुरम नगर पालिका के पूर्व पार्षद रामकुमार एवं गेट थंगावेल शामिल हैं। AIADMK की ओर से पूर्व मंत्री केवी. रामलिंगम ने वरिष्ठ मंत्री केए. सेंगोत्तैयन की उपस्थिति में TVK की सदस्यता ग्रहण की।

गौरतलब है कि ये दलबदल केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक पुनर्गठन के संकेत के रूप में देखे जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार दक्षिणी, पश्चिमी और मध्य जिलों के कई और पदाधिकारी भी इसी दिशा में कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।

स्थानीय निकाय चुनाव — बदलाव की असली वजह

राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की आहट ने जमीनी स्तर के नेताओं को अपनी राजनीतिक संभावनाओं का पुनर्मूल्यांकन करने पर मजबूर किया है। यह आम धारणा बन रही है कि TVK नगर पालिका और स्थानीय स्तर पर भी वही प्रदर्शन दोहरा सकती है जो उसने विधानसभा चुनावों में किया था।

एक सूत्र ने बताया कि कई स्थानीय नेताओं में यह भावना प्रबल है कि यदि चुनाव शीघ्र घोषित होते हैं, तो सत्ताधारी पार्टी का पलड़ा भारी रहेगा। यही सोच कार्यकर्ताओं को TVK की ओर आकर्षित कर रही है।

TVK का राजनीतिक उभार — पृष्ठभूमि

हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। इसके बाद पार्टी ने कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), CPI(M), विदुथलई चिरुथाईगल काची (VCK) और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनाई। यह ऐसे समय में आया है जब DMK और AIADMK दोनों अपनी-अपनी संगठनात्मक चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, TVK की सांगठनिक मजबूती और सत्ता में रहते हुए बढ़ता जनाधार इस पलायन के पीछे प्रमुख कारण हैं। यह तमिलनाडु की राजनीति में एक नए ध्रुवीकरण की शुरुआत हो सकती है।

विपक्षी दलों पर असर

दोनों प्रमुख विपक्षी दलों — DMK और AIADMK — के सूत्रों ने स्वीकार किया है कि हाल के हफ्तों में स्थानीय नेताओं का TVK की ओर जाना एक बढ़ती चिंता का विषय बन गया है। आलोचकों का कहना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो स्थानीय निकाय चुनावों में विपक्ष की उम्मीदवारी कमज़ोर पड़ सकती है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या विपक्षी दल इस पलायन को रोकने के लिए कोई ठोस रणनीति अपनाते हैं या TVK का विस्तार इसी रफ्तार से जारी रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक गहरे संरचनात्मक बदलाव का संकेत है। TVK ने विधानसभा में जो सफलता पाई, उसने जमीनी नेताओं की गणित बदल दी है — और स्थानीय निकाय चुनाव इस बदलाव को और तेज़ कर रहे हैं। असली सवाल यह है कि क्या DMK और AIADMK इस पलायन को रोकने के लिए अपनी संगठनात्मक कमज़ोरियों को स्वीकार कर सुधार करेंगे, या केवल प्रतीक्षा करेंगे। यदि TVK स्थानीय निकाय चुनावों में भी विधानसभा जैसा प्रदर्शन करती है, तो तमिलनाडु में दो-दलीय राजनीति का युग समाप्त होने की ओर हो सकता है।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TVK में कौन-कौन से नेता शामिल हुए हैं?
DMK के इरोड जिले के आर. शिवकुमार, नामक्कल पूर्वी जिले के कोषाध्यक्ष ए.के. बालाचंदर, रासीपुरम के पूर्व पार्षद रामकुमार और गेट थंगावेल, तथा AIADMK के पूर्व मंत्री केवी. रामलिंगम हाल ही में TVK में शामिल हुए हैं। ये सभी स्थानीय और राज्यस्तरीय पदाधिकारी हैं।
TVK में दलबदल क्यों बढ़ रहा है?
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, TVK की विधानसभा चुनावों में 108 सीटों की जीत और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में उसकी संभावित सफलता की धारणा नेताओं को पाला बदलने के लिए प्रेरित कर रही है। जमीनी नेता अपनी राजनीतिक संभावनाओं का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं।
TVK ने तमिलनाडु में सरकार कैसे बनाई?
TVK ने हाल के विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। इसके बाद कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनाई गई।
स्थानीय निकाय चुनावों का इन दलबदलों से क्या संबंध है?
तमिलनाडु में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा की बढ़ती संभावना ने नेताओं को TVK की ओर आकर्षित किया है। यह धारणा है कि TVK स्थानीय स्तर पर भी विधानसभा जैसी सफलता दोहरा सकती है, जिससे सत्ताधारी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ना फायदेमंद माना जा रहा है।
DMK और AIADMK पर इस पलायन का क्या असर पड़ेगा?
दोनों विपक्षी दलों के सूत्रों ने माना है कि यह पलायन बढ़ती चिंता का विषय है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो स्थानीय निकाय चुनावों में इन दलों की उम्मीदवारी और संगठनात्मक ताकत कमज़ोर पड़ सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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