कामाख्या एग्जिट पोल: तमिलनाडु में DMK, AIADMK और TVK के बीच त्रिकोणीय मुकाबला, 118 का बहुमत किसी को नहीं
सारांश
Key Takeaways
- कामाख्या एग्जिट पोल के अनुसार DMK+ को 78-95 सीटें, AIADMK+ को 68-84 सीटें और TVK को 67-81 सीटें मिलने का अनुमान।
- 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटें जरूरी, लेकिन कोई भी खेमा इस आँकड़े तक पहुँचता नहीं दिख रहा।
- मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की DMK सबसे बड़े दल के रूप में उभर सकती है, पर बहुमत से दूर।
- अभिनेता विजय की पार्टी TVK पहले ही चुनाव में संभावित किंगमेकर की भूमिका में।
- आधिकारिक नतीजे 4 मई 2026 को घोषित होंगे।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले 29 अप्रैल 2026 को जारी कामाख्या एग्जिट पोल ने राज्य की राजनीति में गहरी अनिश्चितता पैदा कर दी है। सर्वे के अनुसार 234 सदस्यीय विधानसभा में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नीत गठबंधन, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) नीत मोर्चा और अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के बीच कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। तीनों में से किसी भी खेमे को बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटें मिलती नहीं दिख रहीं।
एग्जिट पोल के प्रमुख अनुमान
कामाख्या एग्जिट पोल के मुताबिक DMK नीत सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (DMK+) को 78 से 95 सीटें मिलने का अनुमान है। यह आँकड़ा सत्तारूढ़ गठबंधन को तीनों में सबसे आगे दिखाता है, लेकिन बहुमत की सीमा से यह 23 से 40 सीट पीछे है। ऐसे में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के लिए अपने दम पर सत्ता बरकरार रखना आसान नहीं दिखता।
AIADMK नीत गठबंधन — जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अन्य सहयोगी दल शामिल हैं — को 68 से 84 सीटें मिलने का अनुमान है। पिछले चुनावी प्रदर्शन की तुलना में यह विपक्ष के पुनरुत्थान का संकेत देता है।
विजय की TVK: पहले चुनाव में किंगमेकर की दस्तक
राजनीतिक समीकरणों में सबसे बड़ा मोड़ अभिनेता विजय की पार्टी TVK की मजबूत एंट्री से आया है। एग्जिट पोल के अनुसार TVK को 67 से 81 सीटें मिल सकती हैं। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो TVK अपने पहले ही चुनाव में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय के उभार ने तमिलनाडु की पारंपरिक DMK बनाम AIADMK द्विध्रुवीय राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। विभिन्न क्षेत्रों में वोट शेयर के बँटवारे ने मुकाबले को और अधिक प्रतिस्पर्धी तथा अप्रत्याशित बना दिया है।
त्रिशंकु विधानसभा की संभावना और राजनीतिक गणित
तीनों प्रमुख मोर्चों के बीच सीटों का अनुमानित अंतर बेहद कम है। ऐसे में वोट प्रतिशत में मामूली बदलाव भी सीटों के नतीजों पर बड़ा असर डाल सकता है। गौरतलब है कि राज्य की कई विधानसभा सीटों पर कड़ी टक्कर का अनुमान है, जिससे अंतिम नतीजों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।
यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में सत्ता-विरोधी लहर और नई पार्टी के प्रति युवा मतदाताओं का झुकाव दोनों एक साथ देखे जा रहे हैं। यदि सत्ता-विरोधी वोट एकजुट हुए, तो AIADMK+ गठबंधन को सीधा फायदा मिल सकता है।
चुनाव बाद गठबंधन की संभावनाएँ
किसी भी दल या गठबंधन के लिए अकेले सरकार बनाना कठिन दिख रहा है। ऐसी स्थिति में चुनाव बाद गठबंधन, रणनीतिक बातचीत और राजनीतिक समीकरण सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। TVK की संभावित किंगमेकर स्थिति यह तय करेगी कि राज्य में अगली सरकार किसकी बनेगी।
आधिकारिक नतीजे और एग्जिट पोल की सीमाएँ
हालाँकि एग्जिट पोल मतदाताओं के रुझान की प्रारंभिक तस्वीर पेश करते हैं, लेकिन उनकी सटीकता को लेकर हमेशा बहस होती रही है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के आधिकारिक नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। उसी दिन स्पष्ट होगा कि कामाख्या एग्जिट पोल के अनुमान सही साबित होते हैं या राज्य कोई अप्रत्याशित जनादेश देता है।