रजनीकांत ने डीएमके हार के बाद स्टालिन से की मुलाकात, तमिलनाडु में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी
सारांश
मुख्य बातें
सुपरस्टार रजनीकांत ने बुधवार, 6 मई 2026 को चेन्नई के अलवरपेट स्थित उनके आवास पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष एमके स्टालिन से मुलाकात की। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में DMK के बड़े झटके के बाद यह मुलाकात राजनीतिक एकजुटता के अहम संकेत के रूप में देखी जा रही है, जबकि राज्य में सरकार गठन को लेकर तेज़ राजनीतिक हलचल जारी है।
मुलाकात का संदेश और माहौल
सूत्रों के अनुसार, रजनीकांत ने स्टालिन के साथ एकजुटता प्रकट करते हुए कहा कि मुश्किल राजनीतिक हालात में वे वरिष्ठ नेता के साथ खड़े रहेंगे। यह मीटिंग कुछ देर तक चली और राजनीतिक हलकों में इसे व्यक्तिगत व राजनीतिक समर्थन के एक अहम इशारे के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि यह उस समय हो रहा है जब DMK हाल के वर्षों में अपने सबसे बड़े चुनावी झटकों में से एक का सामना कर रही है।
डीएमके का चुनावी प्रदर्शन
234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में DMK, जो स्टालिन के नेतृत्व में एक कार्यकाल सत्ता में रही, केवल 59 सीटें ही हासिल कर पाई। पार्टी को सत्ता-विरोधी लहर और अभिनेता-राजनेता विजय तथा उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के अचानक उभरने से भारी नुकसान हुआ। यह DMK के लिए एक ऐतिहासिक चुनावी हार मानी जा रही है।
गठबंधन दलों की एकजुटता
रजनीकांत की मुलाकात के साथ-साथ DMK नेतृत्व वाले गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने भी पार्टी मुख्यालय 'अन्ना अरिवालयम' का दौरा किया। इनमें विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) और वामपंथी दलों के नेता शामिल रहे, जिन्होंने हार के बाद पार्टी नेतृत्व को समर्थन दिया। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में विपक्षी एकता बनाए रखने और बदलते राजनीतिक हालात के लिए तैयारी पर ज़ोर दिया गया।
तमिलनाडु में नई राजनीतिक तस्वीर
TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, हालाँकि यह बहुमत के 118 के आँकड़े से कम है। पाँच सीटें जीतने वाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने पहले ही विजय को सशर्त समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। TVK ने सीपीआई, सीपीआई(एम) और VCK से भी समर्थन माँगा है। इस बीच, विजय ने बुधवार को औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया, जिसमें TVK के वरिष्ठ नेता 'बुस्सी' आनंद, केए सेंगोट्टैयन, आधव अर्जुन और अरुण राज उनके साथ मौजूद रहे।
आगे क्या होगा
तमिलनाडु की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में गठबंधन की राजनीति नई करवट ले रही है और TVK को बहुमत के लिए अभी और साझेदारों की ज़रूरत है। DMK के लिए अब मुख्य चुनौती एक प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाना और अगले चुनाव तक अपनी पहचान पुनर्स्थापित करना होगा।