दिल्ली में CNG ₹80.09/किग्रा के पार: 48 घंटों में दूसरी बढ़ोतरी, वैश्विक तेल संकट का असर

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दिल्ली में CNG ₹80.09/किग्रा के पार: 48 घंटों में दूसरी बढ़ोतरी, वैश्विक तेल संकट का असर

सारांश

दिल्ली में CNG पहली बार ₹80 के पार — और यह महज 48 घंटों में दूसरी बढ़ोतरी है। होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से उपजे वैश्विक तेल संकट की आँच अब सीधे दिल्ली-एनसीआर के ऑटो चालकों और आम यात्रियों तक पहुँच रही है।

मुख्य बातें

17 मई को ₹1/किग्रा की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG पहली बार ₹80.09 प्रति किलोग्राम पर पहुँची।
48 घंटों में दूसरी वृद्धि — शुक्रवार को ₹2/किग्रा बढ़ाई गई थी, कुल इजाफा ₹3/किग्रा ।
नोएडा और गाजियाबाद में CNG अब ₹88.70 प्रति किलोग्राम ।
दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77/लीटर और डीजल ₹90.67/लीटर — दोनों में शुक्रवार को ~₹3/लीटर की वृद्धि।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा — वैश्विक स्तर पर 20–100% वृद्धि के मुकाबले भारत में पेट्रोल में 3.2% और डीजल में 3.4% की बढ़ोतरी।
मूल कारण: होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल।

नई दिल्ली में सीएनजी की कीमत पहली बार ₹80 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई है। रविवार, 17 मई को ₹1 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सीएनजी अब ₹80.09 प्रति किलोग्राम पर बिक रही है। यह महज 48 घंटों में दूसरी वृद्धि है, जिससे दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों और ऑटो-टैक्सी चालकों की जेब पर सीधा असर पड़ा है।

दो दिनों में दोहरी मार

इससे पहले शुक्रवार, 15 मई को सीएनजी की कीमत में ₹2 प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया था, जिससे दिल्ली में दर ₹79.09 प्रति किलोग्राम हो गई थी। रविवार की बढ़ोतरी के बाद कुल वृद्धि ₹3 प्रति किलोग्राम हो गई है — और यह सब केवल दो दिनों के भीतर। नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमत अब ₹88.70 प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई है।

पेट्रोल-डीजल भी महंगे

सीएनजी के साथ-साथ शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में पेट्रोल की कीमत में लगभग ₹3 प्रति लीटर और डीजल में भी लगभग ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर पर बिक रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब आम परिवारों पर महंगाई का दबाव पहले से ही बना हुआ है।

वैश्विक तेल संकट की पृष्ठभूमि

ईंधन की इस तीखी वृद्धि की जड़ें पश्चिम एशिया के बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव में हैं। होर्मुज स्ट्रेट — जिससे वैश्विक तेल और गैस व्यापार का लगभग पाँचवाँ हिस्सा गुजरता है — की लगातार नाकेबंदी के चलते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें तेजी से चढ़ी हैं। आपूर्ति शृंखला में यह व्यवधान भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए सीधे लागत में तब्दील हो रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया

ईंधन मूल्य वृद्धि की आलोचना के जवाब में केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारत ने पेट्रोल और डीजल की दरें नियंत्रण में रखी हैं। उन्होंने बताया कि कई देशों में ईंधन की कीमतें 20% से लेकर लगभग 100% तक बढ़ी हैं, जबकि भारत में पेट्रोल में केवल 3.2% और डीजल में 3.4% की वृद्धि हुई है।

रिजिजू ने यह भी कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने उपभोक्ताओं को मुद्रास्फीति के व्यापक प्रभाव से बचाने के लिए हफ्तों तक भारी नुकसान उठाया। गौरतलब है कि यह तर्क ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल सरकार से ईंधन पर उत्पाद शुल्क घटाने की माँग कर रहे हैं।

आम जनता और परिवहन पर असर

दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में ऑटोरिक्शा, टैक्सी और निजी वाहन सीएनजी पर निर्भर हैं, क्योंकि इसे पेट्रोल-डीजल के मुकाबले सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प माना जाता था। ₹80 का आँकड़ा पार होने के बाद यह धारणा कमजोर पड़ रही है। परिवहन संघों ने किराया संशोधन की माँग उठाई है, जिसका सीधा असर यात्री लागत पर पड़ सकता है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता न आने तक आगे और वृद्धि से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

तकनीकी रूप से सही हो सकता है — लेकिन यह उन चालकों को राहत नहीं देता जिनकी दैनिक आय पहले से सीमित है। असली सवाल यह है कि क्या सरकार उत्पाद शुल्क में कटौती का विकल्प तलाशेगी, जो उसने 2022 में किया था, या इस बार तेल विपणन कंपनियों के घाटे की भरपाई उपभोक्ताओं से ही कराई जाएगी।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में CNG की नई कीमत क्या है?
17 मई 2026 को ₹1/किग्रा की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG की कीमत ₹80.09 प्रति किलोग्राम हो गई है — यह पहली बार है जब दिल्ली में CNG ₹80 के स्तर को पार कर गई है।
48 घंटों में CNG दो बार क्यों महंगी हुई?
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के कारण अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। इस वैश्विक आपूर्ति व्यवधान का सीधा असर भारत की घरेलू गैस कीमतों पर पड़ा है, जिससे शुक्रवार को ₹2/किग्रा और रविवार को ₹1/किग्रा की वृद्धि की गई।
नोएडा और गाजियाबाद में CNG कितने में मिल रही है?
इस बढ़ोतरी के बाद नोएडा और गाजियाबाद में CNG की कीमत ₹88.70 प्रति किलोग्राम हो गई है, जो दिल्ली से काफी अधिक है।
सरकार ने ईंधन मूल्य वृद्धि पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन कीमतें 20% से 100% तक बढ़ी हैं, जबकि भारत में पेट्रोल केवल 3.2% और डीजल 3.4% महंगा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं की रक्षा के लिए हफ्तों तक नुकसान उठाया।
होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी का भारत पर क्या असर है?
होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल और गैस व्यापार का लगभग पाँचवाँ हिस्सा गुजरता है। इसकी नाकेबंदी से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे कीमतें बढ़ी हैं और भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को घरेलू ईंधन दरें बढ़ानी पड़ रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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