पेट्रोल ₹3.14 और डीजल ₹3.11 प्रति लीटर महंगा, दिल्ली में नई दरें 15 मई से लागू
सारांश
मुख्य बातें
देशभर में 15 मई 2026 (शुक्रवार) से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी लागू हो गई है। राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल ₹3.14 प्रति लीटर महंगा होकर ₹97.77 प्रति लीटर पर पहुँच गया है, जबकि डीजल ₹3.11 प्रति लीटर की वृद्धि के साथ ₹90.67 प्रति लीटर हो गया है। मध्य पूर्व संकट के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने से सरकारी तेल कंपनियों पर बढ़ते घाटे ने यह कदम उठाने पर मजबूर किया।
सीएनजी की कीमतों में भी इजाफा
पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ सीएनजी की दरों में भी ₹2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई है। नई दिल्ली में सीएनजी की नई दर ₹79.09 प्रति किलोग्राम हो गई है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते गैस आपूर्ति प्रभावित होने से यह निर्णय लिया गया।
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें और भारत पर असर
पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के आँकड़ों के अनुसार, भारतीय बास्केट में कच्चे तेल की औसत कीमत पिछले तीन महीनों से 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। अप्रैल 2026 में यह औसत 114 डॉलर प्रति बैरल रही, जबकि मई 2026 में भी कीमत लगभग 104 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में लगातार तेज़ी बनी हुई है।
तेल कंपनियों का घाटा और सरकार की चेतावनी
सरकारी तेल कंपनियों — इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम — का कहना है कि महंगे क्रूड ऑयल के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही संकेत दे चुके थे कि तेल कंपनियों को प्रतिदिन ₹1,000 करोड़ से अधिक का घाटा हो रहा है। उन्होंने आगाह किया था कि यदि खुदरा कीमतों में संशोधन नहीं किया गया, तो एक तिमाही में कंपनियों का कुल नुकसान ₹1 लाख करोड़ से अधिक हो सकता है।
रुपये की गिरावट और PM मोदी की अपील
इस बीच रुपये में भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ₹95 प्रति डॉलर के स्तर को पार कर गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को संकट के मद्देनज़र नागरिकों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग करने, सोने की खरीद सीमित करने और विदेश यात्राएँ स्थगित करने की अपील की थी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब आम जनता पहले से ही बढ़ती महंगाई की मार झेल रही है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में एक्साइज ड्यूटी, वैट, डीलर कमीशन और अन्य शुल्क जुड़ने के कारण उपभोक्ताओं पर पहले से ही अतिरिक्त बोझ है। परिवहन लागत बढ़ने से रोज़मर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव पड़ने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में जारी अस्थिरता को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में ईंधन की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।