13 जुलाई 2026
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वेल्लामंडी नटराजन टीवीके में शामिल, एआईएडीएमके को बड़ा झटका; केंद्रीय जांच की मांग

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वेल्लामंडी नटराजन टीवीके में शामिल, एआईएडीएमके को बड़ा झटका; केंद्रीय जांच की मांग

सारांश

एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता और पूर्व पर्यटन मंत्री वेल्लामंडी नटराजन ने टीवीके का दामन थाम लिया — यह उस पार्टी के लिए एक और गहरा घाव है जो जयललिता के निधन के बाद से खुद को समेट नहीं पाई। चार विधायकों के बाद अब एक पूर्व मंत्री का जाना और केंद्रीय जांच की मांग — तमिलनाडु की विपक्षी राजनीति एक नए मोड़ पर है।

मुख्य बातें

पूर्व पर्यटन मंत्री वेल्लामंडी नटराजन ने 28 मई 2026 को तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की सदस्यता ली।
नटराजन 2016 में तिरुचि ईस्ट से विधायक और जयललिता सरकार में पर्यटन मंत्री रह चुके हैं।
इससे पहले एआईएडीएमके के चार विधायक भी टीवीके में शामिल हो चुके हैं।
एआईएडीएमके सांसद धनपाल ने हॉर्स ट्रेडिंग की केंद्रीय एजेंसियों से जांच की मांग की।
नटराजन ने पार्टी छोड़ने का कारण जयललिता के निधन के बाद से जारी आंतरिक विभाजन और चुनावी हार बताया।

तमिलनाडु के पूर्व पर्यटन मंत्री वेल्लामंडी नटराजन ने 28 मई 2026 को सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की सदस्यता ग्रहण कर ली, जिससे विपक्षी दल अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) को एक और गंभीर राजनीतिक आघात पहुँचा है। तिरुचि के इस वरिष्ठ नेता का दलबदल ऐसे समय में हुआ है जब एआईएडीएमके पहले से ही भीतरी टूट और चुनावी हार की मार झेल रही है।

नटराजन का राजनीतिक सफर

वेल्लामंडी नटराजन मध्य तमिलनाडु में एआईएडीएमके के मजबूत जमीनी संगठनकर्ता माने जाते थे। वे 2016 में तिरुचि ईस्ट विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता के नेतृत्व वाली सरकार में पर्यटन मंत्री का पद संभाला।

जयललिता के निधन के बाद पार्टी में उपजे सत्ता-संघर्ष के दौरान नटराजन ने पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम का साथ दिया। जब 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले पन्नीरसेल्वम द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के साथ चले गए, तब नटराजन एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाले एआईएडीएमके गुट में लौट आए। परंतु पार्टी के भीतर जारी संकट ने अंततः उन्हें टीवीके की ओर मोड़ दिया।

टीवीके में शामिल होने की प्रक्रिया

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नटराजन ने बुधवार देर रात टीवीके के महासचिव एन. आनंद से मुलाकात की और औपचारिक रूप से पार्टी में प्रवेश किया। यह उल्लेखनीय है कि इससे पहले एआईएडीएमके के चार विधायक भी पार्टी छोड़कर टीवीके में शामिल हो चुके हैं।

नटराजन ने क्या कहा

टीवीके में शामिल होने के बाद नटराजन ने अपनी पुरानी पार्टी की स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, 'मैं लंबे समय से पार्टी में हूं। जयललिता के निधन के बाद पार्टी टूट गई और लगातार हार का सामना करना पड़ा। मैंने कई बार सुझाव दिया कि सभी नेता मिलकर भविष्य की दिशा तय करें, लेकिन मेरी बात नहीं मानी गई। चुनाव के बाद भी पार्टी में विभाजन जारी रहा। यह ठीक नहीं है।'

उन्होंने टीवीके नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि पार्टी ने पेरियार, सी.एन. अन्नादुरई, एम.जी. रामचंद्रन और जयललिता जैसे नेताओं की विचारधारा को आत्मसात किया है, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने यह निर्णय लिया।

केंद्रीय जांच की मांग और हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप

एआईएडीएमके सांसद धनपाल ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि तमिलनाडु की राजनीति में बड़े पैमाने पर हॉर्स ट्रेडिंग और पैसे के लेन-देन के जरिए विधायकों को तोड़ा जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

एआईएडीएमके पर असर और आगे की राह

गौरतलब है कि एआईएडीएमके जयललिता के निधन के बाद से ही लगातार नेतृत्व संकट और दलबदल की समस्या से जूझ रही है। नटराजन जैसे अनुभवी नेता का जाना पार्टी के जमीनी आधार को और कमजोर कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा, तो एआईएडीएमके के लिए तमिलनाडु में प्रभावी विपक्ष की भूमिका निभाना और कठिन हो जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

2021 और 2026 की चुनावी हार, और अब विधायकों व वरिष्ठ नेताओं के पलायन के बावजूद कोई ठोस नेतृत्व पुनर्गठन नहीं किया। धनपाल की केंद्रीय जांच की मांग राजनीतिक रूप से समझ में आती है, लेकिन बिना साक्ष्य के यह आरोप एआईएडीएमके की अपनी साख को और कमजोर करते हैं। असली सवाल यह है कि पलानीस्वामी के नेतृत्व में पार्टी 2031 से पहले खुद को पुनर्जीवित कर पाएगी या नहीं।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वेल्लामंडी नटराजन कौन हैं और उन्होंने टीवीके क्यों जॉइन की?
वेल्लामंडी नटराजन तमिलनाडु के पूर्व पर्यटन मंत्री और तिरुचि के वरिष्ठ एआईएडीएमके नेता हैं, जो 2016 में तिरुचि ईस्ट से विधायक चुने गए थे। उन्होंने जयललिता के निधन के बाद पार्टी में जारी आंतरिक विभाजन और लगातार चुनावी हार से निराश होकर 28 मई 2026 को टीवीके की सदस्यता ग्रहण की।
एआईएडीएमके से अब तक कितने नेता टीवीके में शामिल हुए हैं?
नटराजन से पहले एआईएडीएमके के चार विधायक पार्टी छोड़कर टीवीके में शामिल हो चुके हैं। नटराजन का जाना इस सिलसिले की नवीनतम और सबसे वरिष्ठ कड़ी है।
हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप क्या हैं और केंद्रीय जांच की मांग किसने की?
एआईएडीएमके सांसद धनपाल ने आरोप लगाया है कि तमिलनाडु की राजनीति में पैसे के लेन-देन और हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए विधायकों को तोड़ा जा रहा है और इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
टीवीके में नटराजन का स्वागत कैसे हुआ?
नटराजन ने बुधवार देर रात टीवीके के महासचिव एन. आनंद से मुलाकात कर औपचारिक रूप से पार्टी में प्रवेश किया। उन्होंने टीवीके नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि पार्टी पेरियार, अन्नादुरई, एम.जी. रामचंद्रन और जयललिता की विचारधारा पर चलती है।
एआईएडीएमके की मौजूदा स्थिति क्या है?
एआईएडीएमके जयललिता के निधन के बाद से लगातार आंतरिक संकट, दलबदल और चुनावी हार का सामना कर रही है। पार्टी अभी एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में है, लेकिन वरिष्ठ नेताओं और विधायकों का पलायन उसके जमीनी आधार को कमजोर कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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