8 जुलाई 2026
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बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और हत्याएँ: दो नागरिकों की कथित गैर-न्यायिक मौत, सात और लापता

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बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी और हत्याएँ: दो नागरिकों की कथित गैर-न्यायिक मौत, सात और लापता

सारांश

बलूचिस्तान में मानवाधिकार संकट गहराया — BYC ने किसान शेरदिल की गोली मारकर हत्या और 66 दिन बाद मिले ड्राइवर मोहसिन के शव का मामला उठाया। उसी सप्ताह सात और नागरिक — जिनमें एक 14 साल का नाबालिग भी है — कथित तौर पर सुरक्षा बलों द्वारा जबरन गायब किए गए।

मुख्य बातें

बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने 22 मई 2026 को केच जिले के किसान शेरदिल की FC जवानों द्वारा कथित गोलीबारी में मौत का मामला उजागर किया।
21 साल के ड्राइवर मोहसिन का शव पंजगुर जिले में 66 दिन बाद मिला; 16 मार्च को जीरक चेकपोस्ट से जबरन गायब किया गया था।
उसी सप्ताह बलूचिस्तान के विभिन्न जिलों से सात नागरिक कथित तौर पर जबरन लापता किए गए, जिनमें 14 साल का नाबालिग दिलशाद दाद भी शामिल है।
लापता नागरिकों में ड्राइवर, गायक, मजदूर, मछुआरा और नाबालिग शामिल — FC , MI और CTD पर आरोप।
BYC ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से बलूचिस्तान की स्थिति पर तत्काल हस्तक्षेप की माँग की।

बलूचिस्तान में मानवाधिकार संकट गहराता जा रहा है — मानवाधिकार संगठन बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने 22 मई 2026 को दो नागरिकों की कथित गैर-न्यायिक हत्या का मामला उजागर किया है, जिनमें एक बुजुर्ग किसान और एक युवा ड्राइवर शामिल हैं। इसके साथ ही, स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उसी सप्ताह बलूचिस्तान के अलग-अलग जिलों से सात और नागरिकों को कथित तौर पर जबरन गायब कर दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

केच जिले के तुरबत इलाके में 21 मई 2026 को बुजुर्ग किसान शेरदिल की मौत हो गई। BYC के अनुसार, पाकिस्तान की फ्रंटियर कोर (FC) के जवानों ने उनकी जमीन के पास गोलीबारी की, जिसमें शेरदिल को गोली लगी और वे मौके पर ही दम तोड़ गए। संगठन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।

दूसरी घटना में, 21 साल के ड्राइवर मोहसिन का शव 19 मई को पंजगुर जिले के पारूम इलाके में मिला। BYC के अनुसार, मोहसिन को 16 मार्च को पारूम के जीरक चेकपोस्ट से कथित तौर पर FC जवानों ने हिरासत में लिया था — और लगभग 66 दिन बाद उसका शव बरामद हुआ। आरोप है कि हिरासत के दौरान उसकी हत्या कर शव फेंक दिया गया।

सात नागरिकों की जबरन गुमशुदगी

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शुक्रवार को बलूचिस्तान के कई जिलों से सात नागरिकों को कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों ने हिरासत में लेकर गायब कर दिया। इनमें एक 14 साल का नाबालिग लड़का, एक गायक, मजदूर, एक मछुआरा और एक ड्राइवर शामिल हैं।

ग्वादर जिले के धूर चेकपोस्ट पर 29 अप्रैल 2026 की शाम को 23 साल के ड्राइवर जावेद बलूच को कथित तौर पर मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) के कर्मियों ने हिरासत में लिया। केच जिले के तुरबत के चाह सर इलाके से 30 अप्रैल को 20 साल के गायक खलील करीम को हिरासत में लेकर गायब कर दिया गया।

19 अप्रैल की रात ग्वादर जिले के जिवानी के पनवान इलाके में FC और MI के जवानों ने घरों पर छापे मारे और 14 साल के दिलशाद दाद, ड्राइवर अली फजल तथा 19 साल के मछुआरे सोहेल करीम को हिरासत में लेकर कथित तौर पर गायब कर दिया। इसके अलावा, 24 साल के मजदूर अब्दुल हक शहजाद को काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के कर्मियों ने हिरासत में लिया और वह भी लापता बताए जा रहे हैं। चागई जिले के किली हाजी मोहम्मद इलाके के 30 साल के नागरिक मजीद को FC और CTD कर्मियों ने हिरासत में लिया, और वह भी बाद में लापता हो गए।

मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया

BYC ने कहा है कि बलूचिस्तान में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। संगठन के अनुसार, 'आम लोगों को न तो सुरक्षा मिल रही है और न ही न्याय।' उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक संस्थाओं से अपील की है कि बलूचिस्तान की बिगड़ती स्थिति पर तत्काल ध्यान दें। संगठन ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई, न्याय, नागरिकों की सुरक्षा और प्रभावित परिवारों के सम्मान की भी माँग की है।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी कोई नई घटना नहीं है — यह क्षेत्र वर्षों से इस संकट से जूझ रहा है। पीड़ितों में किसान, मछुआरे, मजदूर, गायक और नाबालिग बच्चे शामिल हैं, जो दर्शाता है कि यह समस्या समाज के हर वर्ग को प्रभावित कर रही है। BYC ने कहा कि लोग 'बेहद दर्द और दुख में जी रहे हैं, खासकर उन दिनों में जो शांति और साथ के होने चाहिए।'

क्या होगा आगे

अंतरराष्ट्रीय दबाव और मानवाधिकार संगठनों की अपीलों के बावजूद, पाकिस्तान सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। BYC और अन्य संगठनों की माँग है कि लापता लोगों का पता लगाया जाए और दोषियों के खिलाफ जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। इन मामलों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें टिकी हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दशकों पुराने एक ढाँचागत पैटर्न की कड़ी है जिसे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन लंबे समय से दर्ज करते आए हैं। चिंताजनक यह है कि पीड़ितों में किसान, मछुआरे और 14 साल के नाबालिग तक शामिल हैं — यानी सुरक्षा-केंद्रित तर्क भी इन हिरासतों को उचित नहीं ठहरा सकता। पाकिस्तान सरकार की चुप्पी और जवाबदेही के किसी स्वतंत्र तंत्र की अनुपस्थिति इस संकट को और गहरा बनाती है। जब तक अंतरराष्ट्रीय दबाव ठोस सत्यापन-योग्य जाँच में नहीं बदलता, ये रिपोर्टें दर्ज होती रहेंगी — और हालात जस के तस।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी क्या है और यह कैसे होती है?
जबरन गुमशुदगी वह स्थिति है जब किसी व्यक्ति को सुरक्षा बलों या सरकारी एजेंसियों द्वारा बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में लिया जाता है और उसके बाद उसका कोई अता-पता नहीं रहता। बलूचिस्तान में BYC और अन्य संगठनों के अनुसार, FC, MI और CTD जैसी एजेंसियाँ अक्सर चेकपोस्टों या घरों पर छापे मारकर लोगों को उठा लेती हैं।
किसान शेरदिल की मौत कैसे हुई?
BYC के अनुसार, 21 मई 2026 को केच जिले के तुरबत इलाके में FC जवानों ने शेरदिल की जमीन के पास गोलीबारी की, जिसमें उन्हें गोली लगी और वे मौके पर ही दम तोड़ गए। यह आरोप BYC का है; पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
ड्राइवर मोहसिन को कब और कहाँ से गायब किया गया था?
BYC के अनुसार, 21 साल के मोहसिन को 16 मार्च को पंजगुर जिले के पारूम स्थित जीरक चेकपोस्ट से FC जवानों ने कथित तौर पर हिरासत में लिया था। लगभग 66 दिन बाद, 19 मई को उसका शव उसी इलाके में मिला।
इस सप्ताह कितने और नागरिक लापता हुए और कौन हैं?
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उसी सप्ताह सात नागरिक जबरन लापता किए गए — जिनमें जावेद बलूच (23, ड्राइवर, ग्वादर), खलील करीम (20, गायक, केच), दिलशाद दाद (14, नाबालिग, जिवानी), अली फजल (ड्राइवर), सोहेल करीम (19, मछुआरा), अब्दुल हक शहजाद (24, मजदूर) और मजीद (30, चागई जिला) शामिल हैं।
BYC ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या माँग की है?
BYC ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक संस्थाओं से बलूचिस्तान की बिगड़ती स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की अपील की है। संगठन ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई, लापता नागरिकों को न्याय, उनकी सुरक्षा और प्रभावित परिवारों के सम्मान की माँग की है।
राष्ट्र प्रेस
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