पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई: बलूच नागरिकों की हत्या और गायब होने की घटनाएं बढ़ीं

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पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई: बलूच नागरिकों की हत्या और गायब होने की घटनाएं बढ़ीं

सारांश

बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की कार्रवाइयों ने फिर से मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है। तीन बलूच नागरिकों की हत्या और पांच अन्य का गायब होना इस क्षेत्र में बढ़ती हिंसा का संकेत है। जानें इस मामले के बारे में विस्तार से।

Key Takeaways

  • पाकिस्तानी सेना ने बलूच नागरिकों की हत्या की।
  • कम से कम तीन बलूच नागरिक मारे गए।
  • पांच नागरिक जबरन गायब हुए।
  • मानवाधिकार संगठन ने स्वतंत्र जांच की मांग की।
  • बलूचिस्तान में स्थिति गंभीर है।

क्वेटा, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन के अनुसार, बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना ने कम से कम तीन बलूच नागरिकों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के हत्या कर दी। इसके साथ ही, पांच लोगों को जबरन गायब कर दिया गया।

बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक ने सूचना दी कि बलूच छात्र शायहाक रहीम का शव रविवार को केच जिले के तुर्बत के पासनी लिंक रोड के इलाके में गोलियों से छलनी अवस्था में मिला।

रिपोर्टों के अनुसार, रहीम को 31 मार्च को तुर्बत के मेन बाजार से पाकिस्तान के समर्थित डेथ स्क्वॉड द्वारा किडनैप किया गया था।

पांक ने इस घटना को बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का उल्लंघन करने का एक परेशान करने वाला और व्यवस्थित रूप से जारी पैटर्न बताया, जहां लोगों, विशेषकर छात्रों और युवाओं को जबरन गायब किया जाता है और बाद में उनकी लाशें मिलती हैं।

एक अलग मामले में, 18 वर्षीय सबजल बलूच की कटी-फटी लाश 1 अप्रैल को ग्वादर जिले के पेलारी इलाके में प्राप्त हुई। बताया गया है कि सबजल को करीब आठ महीने पहले जबरन गायब किया गया था।

पांक के अनुसार, सबजल को 25 जुलाई, 2025 को ग्वादर और तुर्बत के बीच तलार चेक पोस्ट से पाकिस्तान की फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) द्वारा गायब किया गया था।

मानवाधिकार संगठन ने बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में एक और बलूच युवा, इसरार बलूच के गैर-कानूनी हिरासत, टॉर्चर और हिरासत में हत्या की कड़ी निंदा की।

जानकारी के अनुसार, इसरार को 22 मार्च को पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी विभाग (सटीडी) द्वारा हिरासत में लिया गया था और बाद में उसे मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) को सौंप दिया गया।

बाद में उसे गंभीर हालत में वापस लाया गया, उसके शरीर पर टॉर्चर के स्पष्ट निशान थे, और चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो गई।

इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए मानवाधिकार संगठन ने तुरंत एक स्वतंत्र जांच की मांग की और सभी जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की अपील की।

बलूचिस्तान में जबरन गायब होने की घटनाओं में वृद्धि के बीच, मानवाधिकार संगठन ने बताया कि एक और आम नागरिक, अब्दुल्ला आदिल को रविवार को केच के कुद्दन दश्त इलाके से पाकिस्तान की एफसी और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा उठाया गया।

इसके अलावा, 3 अप्रैल को केच में पाकिस्तानी सेना ने 18 वर्षीय छात्र फिदा ताज को उसके दोस्त के साथ किडनैप किया, जिससे प्रांत में मानवाधिकार की स्थिति पर गंभीर चिंताएं और बढ़ गई हैं।

बलूचिस्तान में लोगों का जबरन गायब होना जारी रहने की आलोचना करते हुए पांक ने बताया कि 2 अप्रैल को बरखान जिले में पाकिस्तानी सेना ने एफसी और सटीडी के लोगों द्वारा दो अन्य आम नागरिकों को जबरन गायब कर दिया।

मरे हुए लोगों की पहचान नूर अहमद खजानी, एक कृषि अधिकारी और नूर जमान खजानी, एक स्थानीय दुकानदार के रूप में हुई है। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का कहर लगातार जारी है, जिसमें जबरन गायब होना और बलूच आम लोगों की हत्याएं शामिल हैं।

Point of View

वहीं इस तरह की घटनाएं हमारे समाज की सुरक्षा और न्याय की धारणा को चुनौती देती हैं। ऐसे मामलों में ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

पाकिस्तानी सेना के द्वारा कितने बलूच नागरिकों की हत्या की गई?
पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान में कम से कम तीन बलूच नागरिकों की हत्या की है।
क्या बलूच नागरिकों के गायब होने की घटनाएं बढ़ रही हैं?
हाँ, बलूचिस्तान में बलूच नागरिकों के जबरन गायब होने की घटनाएं बढ़ रही हैं।
मानवाधिकार संगठन इस मामले पर क्या कहता है?
मानवाधिकार संगठन ने इन घटनाओं को बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन के रूप में बताया है और स्वतंत्र जांच की मांग की है।
क्या इस मामले में कोई कार्रवाई की गई है?
अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन मानवाधिकार संगठन ने जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की अपील की है।
क्यों बलूच नागरिकों को टारगेट किया जा रहा है?
बलूच नागरिकों को टारगेट करने के पीछे राजनीतिक और सामाजिक कारण हो सकते हैं, जो मानवाधिकारों का उल्लंघन करते हैं।
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