बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान नई दिल्ली पहुंचे, महत्वपूर्ण बैठकों में होंगे शामिल
सारांश
Key Takeaways
- खालिलुर रहमान की नई दिल्ली यात्रा
- भारत-बांग्लादेश सहयोग को बढ़ावा
- महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा
- वीजा सेवाओं की बहाली की मांग
- समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा सहयोग
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान मंगलवार शाम को “सद्भावना यात्रा” के तहत नई दिल्ली पहुंचे। ढाका ने आशा व्यक्त की है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत और स्थायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
विदेश मंत्रालय ने उनके आगमन का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक और मजबूत रिश्ते हैं, जो लोगों के आपसी जुड़ाव पर आधारित हैं। यह यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूती प्रदान करेगी।
बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के अनुसार, रहमान 10 से 12 अप्रैल के बीच मॉरीशस में होने वाले इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में भाग लेने वाले हैं और इसी दौरान वे नई दिल्ली में रहेंगे। यहाँ वे भारत के विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री के साथ औपचारिक मुलाकात करेंगे।
यह दौरा विशेष महत्व रखता है क्योंकि फरवरी में बीएनपी-नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद यह किसी बांग्लादेशी मंत्री की पहली भारत यात्रा है। इससे भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
बैठकों के दौरान वीजा सेवाओं की बहाली, ऊर्जा सहयोग में वृद्धि, सीमा प्रबंधन को सुदृढ़ करने, नदी जल बंटवारे के मुद्दों के समाधान और व्यापार सुविधा को बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सकती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बांग्लादेश भारत से वीजा सेवाओं को पूरी तरह से फिर से शुरू करने के लिए सकारात्मक कदम उठाने की अपील कर सकता है। जुलाई 2024 से सुरक्षा कारणों से बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पर्यटन वीजा निलंबित है और वीजा केंद्र भी सीमित स्टाफ के साथ कार्य कर रहे हैं।
इससे पहले, भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की थी। भारत ने साझा हितों के आधार पर संबंधों को मजबूत करने की इच्छा प्रकट की।
हाल ही में, भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात कर रक्षा सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा की।
यह दौरा उस समय हो रहा है जब दोनों देश आपसी सहयोग को नए सिरे से मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।