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ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी': अमेरिका ने ईरान पर 13,000 हमले किए, 13 सैनिक शहीद हुए

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ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी': अमेरिका ने ईरान पर 13,000 हमले किए, 13 सैनिक शहीद हुए

सारांश

पेंटागन ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान पर 13,000 से अधिक हमले करने का खुलासा किया है। इस महाकाय सैन्य अभियान में 13 अमेरिकी सैनिकों की शहादत हुई। जानें इस ऑपरेशन की बारीकियों के बारे में।

मुख्य बातें

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत 13,000 से अधिक हमले हुए।
13 अमेरिकी सैनिकों की शहादत हुई।
ईरान की 80% हवाई रक्षा क्षमता समाप्त हुई।
50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को तैनात किया गया।
ईरान के न्यूक्लियर इंडस्ट्रियल बेस को भी नुकसान पहुंचा।

वॉशिंगटन, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पेंटागन ने बुधवार को एक बयान जारी करते हुए खुलासा किया कि अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत 13,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए। यह एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान था, जिसमें अमेरिका ने 13 सैनिकों की जान गंवाई।

जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन, एयर फोर्स जनरल डैन केन ने कहा कि इस ऑपरेशन का दायरा इसकी तीव्रता और प्रभाव को दर्शाता है।

उन्होंने उल्लेख किया, “युद्ध कार्रवाई की शुरुआत के बाद, अमेरिकी संयुक्त बलों ने 13,000 से अधिक लक्ष्यों को निशाना बनाया।”

इन लक्ष्यों में से 4,000 से अधिक ऐसे थे जो युद्ध के दौरान अचानक सामने आए और उन्हें तात्कालिक कमांड-एंड-कंट्रोल प्रणाली के जरिए निशाना बनाया गया।

इस अभियान में 10,000 से अधिक मिशन शामिल थे, जिनमें 62 बमवर्षकों की उड़ानें भी थीं। इनमें से कुछ उड़ानें अमेरिका से ईरान तक और वापस आने में 30 घंटे से अधिक समय ले गईं।

केन ने कहा कि दुनिया में कोई अन्य सेना ऐसा नहीं कर सकती है, और इसे अमेरिका की लॉजिस्टिक क्षमताओं का एक उदाहरण बताया।

इस अभियान में ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे के कई हिस्सों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी बलों ने 450 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइल भंडारण स्थल, 801 ड्रोन भंडारण स्थान, और 1,500 से अधिक वायु सुरक्षा लक्ष्यों को नष्ट किया, जिससे ईरान की लगभग 80% हवाई रक्षा क्षमता समाप्त हो गई।

केन ने कहा कि इस ऑपरेशन ने ईरान के कमांड और नियंत्रण नेटवर्क को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया। 2,000 से अधिक सिस्टम नष्ट कर दिए गए, जिससे उनकी सैन्य प्रतिक्रिया समन्वय करने की क्षमता कमजोर हुई।

उन्होंने कहा कि हमने ईरान के कमांड, नियंत्रण और लॉजिस्टिक नेटवर्क को बुरी तरह नष्ट कर दिया है।

नौसैनिक कार्रवाई भी काफी प्रभावशाली रही। अमेरिका का दावा है कि उसने ईरान के 90% से अधिक नौसैनिक बेड़े को डुबो दिया, जिसमें बड़े युद्धपोत भी शामिल थे, और 700 से अधिक हमलों के जरिए 95% से अधिक नौसैनिक खदानों को नष्ट कर दिया।

इस हमले का ईरान के रक्षा उद्योग पर भी प्रभाव पड़ा। लगभग 90% हथियार फैक्ट्रियों को निशाना बनाया गया, जिनमें ड्रोन और मिसाइल के पुर्जे बनाने वाली फैक्ट्रियां भी शामिल थीं।

केन ने कहा कि ईरान के न्यूक्लियर इंडस्ट्रियल बेस का लगभग 80% हिस्सा भी प्रभावित हुआ।

इस ऑपरेशन के लिए 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों को सेंट्रल कमांड क्षेत्र और अन्य ठिकानों पर तैनात किया गया।

उन्होंने बताया कि इस पूरे अभियान के दौरान, पेंटागन ने 13 अमेरिकी सैनिकों की मृत्यु की पुष्टि की। केन ने कहा कि हम अपने शहीदों और उनके परिवारों को कभी नहीं भूलते… विशेष रूप से ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में शहीद हुए 13 सैनिकों को।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें ईरान के खिलाफ की गई कार्यवाही और अमेरिकी सैनिकों की शहादत की पुष्टि होती है। यह स्थिति न केवल वैश्विक सुरक्षा पर असर डालती है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्या है?
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी एक सैन्य अभियान है जिसमें अमेरिका ने ईरान के खिलाफ 13,000 से अधिक हमले किए।
इस ऑपरेशन में कितने अमेरिकी सैनिक शहीद हुए?
इस ऑपरेशन में 13 अमेरिकी सैनिक शहीद हुए।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट करना और उसकी हवाई रक्षा क्षमता को कमजोर करना था।
राष्ट्र प्रेस
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