इमरान खान की बहनों को अदियाला जेल में फिर नहीं मिली मुलाकात की अनुमति

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इमरान खान की बहनों को अदियाला जेल में फिर नहीं मिली मुलाकात की अनुमति

सारांश

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों को अदियाला जेल में अपने भाई से मिलने की इजाजत नहीं मिली। जानें इस घटना के पीछे की वजह और इमरान खान के परिवार की स्थिति क्या है।

Key Takeaways

  • इमरान खान की बहनों को अदियाला जेल में मिलने की इजाजत नहीं मिली।
  • पुलिस द्वारा बार-बार रोकने के कारण मुलाकात नहीं हो पाई।
  • कासिम खान ने अपने पिता की हिरासत को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया।
  • पाकिस्तान में राजनीतिक दमन की स्थिति बढ़ रही है।
  • अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समझौतों का पालन नहीं हो रहा।

इस्लामाबाद, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों को एक बार फिर से रावलपिंडी की अदियाला जेल में अपने भाई से मिलने की इजाजत नहीं दी गई।

पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र डॉन के अनुसार, अधिकारियों ने इमरान खान की बहनों को जेल में प्रवेश करने से रोक दिया, जिसके बाद वे लौट गईं।

इमरान खान की बहन अलीमा ने कहा कि सामान्यतः पुलिस हमें आगे नहीं जाने देती और जेल प्रशासन अदालत को सूचित कर देता है कि हम पहुंचे ही नहीं, जिससे मुलाकात संभव नहीं हो पाई। इस बार हम अदियाला जेल के गेट तक पहुंचे और अधिकारियों को बताया कि हम यहां हैं। अलीमा ने कहा कि हमने यह सुनिश्चित किया कि हमारे चेहरे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो जाएं, ताकि जेल अधिकारी हमारी मौजूदगी से इनकार न कर सकें।

जब उनसे पूछा गया कि वे जेल के मुख्य गेट तक कैसे पहुंचीं, तो उन्होंने कहा कि अगर वे तरीका बता देंगी, तो आगे ऐसा करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हम वहां रुक सकते थे, लेकिन पुलिस ने हमें जाने को कहा, क्योंकि उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती थी।

अलीमा खान ने बताया कि पिछले हफ्ते जेल के बाहर हुए एक प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 51 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें छुड़ाने की कोशिश की जा रही है।

इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने इमरान खान के परिवार, वकीलों और सहयोगियों को हफ्ते में दो बार उनसे मिलने की अनुमति दी है। लेकिन पिछले कई महीनों से उन्हें ज्यादातर मुलाकात की इजाजत नहीं मिल रही है।

पिछले महीने, खान के बेटे कासिम ने अपने पिता की हिरासत को “मनमानी” बताया और कहा कि उनके साथ किया जा रहा व्यवहार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन है।

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के सत्र के दौरान कासिम ने कहा कि उनके पिता का मामला कोई अलग घटना नहीं है, बल्कि 2022 के बाद पाकिस्तान में बढ़ते दमन का सबसे बड़ा उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि देश में राजनीतिक कैदियों को रखा जा रहा है, आम नागरिकों पर सैन्य अदालतों में मुकदमे चलाए जा रहे हैं और पत्रकारों को चुप कराया जा रहा है, उनका अपहरण किया जा रहा है या उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है।

कासिम खान ने यह भी कहा कि उनके पिता को अकेले में रखा गया है, परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा और उन्हें उचित इलाज भी नहीं मिल रहा। उन्होंने फरवरी 2024 में होने वाले आम चुनावों का जिक्र करते हुए पीटीआई के उस आरोप को दोहराया कि चुनाव में धांधली हुई थी।

कासिम ने कहा कि पाकिस्तान ने जीएसपी-प्लस समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का पालन करने का वादा किया है, जिसमें नागरिक और राजनीतिक अधिकारों पर अंतरराष्ट्रीय समझौता और संयुक्त राष्ट्र का टॉर्चर के खिलाफ कन्वेंशन शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों पर सैन्य अदालतों में मुकदमा चलाना इन अंतरराष्ट्रीय समझौतों के खिलाफ है।

Point of View

NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

इमरान खान की बहनों को जेल में क्यों नहीं मिलने दिया गया?
अधिकारियों ने उन्हें जेल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी, जिससे मुलाकात संभव नहीं हो पाई।
कासिम खान ने अपने पिता की हिरासत के बारे में क्या कहा?
उन्हें 'मनमानी' बताया और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों का उल्लंघन है।
अदियाला जेल में क्या हो रहा है?
जेल में इमरान खान के परिवार की मुलाकात की इजाजत नहीं मिल रही है और कई राजनीतिक कैदियों को रखा गया है।
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