उपराष्ट्रपति वेंस ने एच-1बी वीजा नीति पर उठाए सवाल, कहा- अमेरिकी पहचान जरूरी

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उपराष्ट्रपति वेंस ने एच-1बी वीजा नीति पर उठाए सवाल, कहा- अमेरिकी पहचान जरूरी

सारांश

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी वीजा के दुरुपयोग पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका आने वाले व्यक्तियों को देश की समृद्धि में योगदान देने की आवश्यकता है। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जो अमेरिका की आर्थिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।

Key Takeaways

  • उपराष्ट्रपति वेंस ने एच-1बी वीजा पर चिंता जताई है।
  • देश के विकास में योगदान देने की आवश्यकता है।
  • नए नियम 27 फरवरी 2026 से लागू होंगे।
  • एच-1बी वीजा की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
  • चयन प्रक्रिया में कुशल पेशेवरों को प्राथमिकता दी जाएगी।

वाशिंगटन, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एच-1बी वीजा नीति के दुरुपयोग के खिलाफ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कड़े शब्दों में अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति एच-1बी वीजा के माध्यम से अमेरिका आता है, तो उसे देश के विकास और समृद्धि के बारे में सोचना चाहिए। उस व्यक्ति को खुद को एक अमेरिकी की तरह मानना चाहिए।

उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा, "एक ओर, एच-1बी सिस्टम में काफी धांधली हो रही है और दूसरी ओर, मेरे ससुराल वालों जैसे लोग भी हैं जो आए और इस देश की समृद्धि में योगदान दिया। ऐसे नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे केवल अपने देश या समुदाय के बारे में न सोचें, बल्कि अमेरिका के बारे में भी सोचना चाहिए। सिस्टम तभी सही तरीके से काम करता है जब हर कोई खुद को अमेरिकन समझता है।"

ईरान और अमेरिका के बीच पहले दौर की वार्ताएं पाकिस्तान में हुईं, लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। ईरान ने अमेरिका की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया। इस तनाव पर उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा, "हम वास्तव में राष्ट्रपति की नीति पर निर्भर हैं, ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं हो सकते, और हम यह सुनिश्चित करने के लिए बातचीत कर रहे हैं कि ऐसा ही हो। वर्तमान में एक सीजफायर की स्थिति बनी हुई है। आप जो देख रहे हैं, वह राष्ट्रपति की इच्छाओं का प्रतिबिंब है; वह छोटी डील नहीं, बल्कि एक ठोस समझौता चाहते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका ने पिछले 49 वर्षों में ईरानी सरकार के साथ इस स्तर की मीटिंग नहीं की है। यह एक ऐसी मीटिंग है जो पहले कभी नहीं हुई थी। न डेमोक्रेट, न रिपब्लिकन, हमने कभी ऐसी मीटिंग नहीं की जहां वह व्यक्ति जो ईरान में सत्ता संभाल रहा है, अमेरिकी उपराष्ट्रपति के सामने बैठा हो।"

2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा की फीस बढ़ाने का निर्देश जारी किया था। नए नियमों के अनुसार, एच-1बी वीजा की प्रक्रिया में पूर्ण परिवर्तन हो गया है। पहले रैंडम लॉटरी सिस्टम लागू था, लेकिन अब इसे समाप्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर एक 'वेटेड सेलेक्शन प्रोसेस' लागू किया जाएगा, जिसमें अधिक कुशल (हायर स्किल) और अधिक वेतन पाने वाले विदेशी पेशेवरों को प्राथमिकता दी जाएगी।

एच-1बी वीजा की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हर साल 65,000 एच-1बी वीजा जारी होते हैं, जबकि अमेरिका से उच्च डिग्री प्राप्त करने वालों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा उपलब्ध हैं। हालांकि, नए नियमों के तहत चयन की संभावना अब अधिक कुशल और अधिक वेतन वाले आवेदकों के पक्ष में होगी, जबकि सभी वेतन स्तरों के लिए अवसर बने रहेंगे।

यह नया नियम 27 फरवरी 2026 से लागू होगा और वित्त वर्ष 2027 की एच-1बी कैप रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में प्रभावी रहेगा। इस साल की शुरुआत में एच-1बी वीजा को समाप्त करने के लिए नया कानून पेश किया गया था। अमेरिकी सरकार का कहना है कि एच-1बी वीजा विदेशी कामकाजी लोगों को अधिक फायदा पहुंचाता है, उन्हें अधिक प्राथमिकता मिलती है।

Point of View

बल्कि अमेरिका की आर्थिक स्थिरता को भी प्रभावित कर सकता है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

एच-1बी वीजा क्या है?
एच-1बी वीजा एक अस्थायी वीजा है जो विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में काम करने की अनुमति देता है।
उपराष्ट्रपति वेंस ने एच-1बी वीजा नीति पर क्या कहा?
उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा है कि अमेरिका आने वाले लोगों को देश के विकास में योगदान देना चाहिए और खुद को अमेरिकी समझना चाहिए।
नए एच-1बी नियम कब लागू होंगे?
नए एच-1बी नियम 27 फरवरी 2026 से लागू होंगे।
क्या एच-1बी वीजा की संख्या में बदलाव हुआ है?
एच-1बी वीजा की संख्या में कोई बदलाव नहीं किया गया है, हर साल 65,000 वीजा जारी होते हैं।
एच-1बी वीजा का चयन प्रक्रिया कैसे बदली है?
अब एच-1बी वीजा के लिए 'वेटेड सेलेक्शन प्रोसेस' लागू किया जाएगा, जिसमें अधिक कुशल विदेशी पेशेवरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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