सेंसेक्स 582 अंक और निफ्टी 127 अंक चढ़े, वैश्विक तनाव के बीच आईटी शेयरों ने 4.3% की छलांग लगाई
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स ने 18 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में 582.06 अंक यानी 0.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,151.45 पर कारोबार बंद किया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 में 127.4 अंक यानी 0.5 प्रतिशत की साप्ताहिक वृद्धि दर्ज हुई। अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में 15.91 प्रतिशत की उछाल और कमज़ोर वैश्विक संकेतों के बावजूद घरेलू बाज़ार ने यह बढ़त हासिल की, जिसे मज़बूत कॉर्पोरेट तिमाही नतीजों और सरकार की नीतिगत घोषणाओं का सहारा मिला।
साप्ताहिक प्रदर्शन और शुक्रवार की तेज़ी
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को बाज़ार में ज़ोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी 50 261.55 अंक यानी 1.09 प्रतिशत उछलकर 24,334.30 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 964.58 अंक यानी 1.25 प्रतिशत की छलांग लगाकर 78,151.45 पर पहुँचा। हालाँकि व्यापक बाज़ार अपेक्षाकृत कमज़ोर रहा — निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों सूचकांक सप्ताहभर में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
भू-राजनीतिक दबाव और तेल बाज़ार
सप्ताह के दौरान निवेशकों की नज़र पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर टिकी रही। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसने 12 जुलाई को ईरान के कई ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिनका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाज़ों पर ईरान की हमलावर क्षमता को कमज़ोर करना था। इस घटनाक्रम के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमत सप्ताहभर में 15.91 प्रतिशत उछलकर 88.10 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँची। अंतिम सत्र में ब्रेंट 85.03 डॉलर और अमेरिकी WTI क्रूड 79.07 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा, रात के कारोबार में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ। इस दबाव के बीच इंडिया VIX में 7.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई, जो बाज़ार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है।
कॉर्पोरेट नतीजे और सरकारी नीतिगत फ़ैसले
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू बाज़ार को दो मज़बूत आधारों ने थामे रखा। पहला, एचसीएल टेक्नोलॉजीज़, टेक महिंद्रा, विप्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़ सहित कई बड़ी कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे इस सप्ताह जारी हुए। दूसरा, 15 जुलाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने करीब ₹1.9 लाख करोड़ (22 अरब डॉलर) की लागत वाली दो बड़ी विनिर्माण योजनाओं को मंज़ूरी दी, जिससे निवेशकों का भरोसा और मज़बूत हुआ। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया जब वैश्विक बाज़ारों में सतर्कता का माहौल था।
सेक्टोरल प्रदर्शन
निफ्टी आईटी इस सप्ताह सबसे बड़ा विजेता रहा और इसमें 4.3 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। इसके बाद निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 3.1 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 2.5 प्रतिशत मज़बूत हुआ। निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.5 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.1 प्रतिशत चढ़ा, जिसे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का समर्थन मिला। दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी सबसे कमज़ोर सेक्टर रहा और इसमें 2.1 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी मेटल 2 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.5 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 1.1 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 0.8 प्रतिशत फिसले।
आगे क्या होगा
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले सत्रों में बाज़ार की दिशा मुख्यतः कंपनियों के तिमाही नतीजों, प्रबंधन गाइडेंस, मानसून की प्रगति, कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। यदि वैश्विक तनाव में कमी आती है और कॉर्पोरेट नतीजे मज़बूत बने रहते हैं, तो घरेलू बाज़ार में तेज़ी का सिलसिला जारी रह सकता है।