अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीद से सेंसेक्स 940 अंक उछला, निफ्टी 24,330 पर बंद
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स बुधवार, 6 मई 2026 को 940.73 अंक यानी 1.22 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 77,958.52 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी50 298.15 अंक (1.24 प्रतिशत) चढ़कर 24,330.95 पर पहुँचा। यह तेजी उन रिपोर्टों के बाद आई जिनमें कहा गया कि अमेरिका और ईरान मध्य पूर्व संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौते के करीब हैं, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों का भरोसा लौटा।
बाज़ार का मुख्य घटनाक्रम
दिन के दौरान सेंसेक्स 77,424.36 पर खुलकर इंट्रा-डे हाई 78,022.78 तक पहुँचा। वहीं निफ्टी50 24,171.00 पर खुला और 24,356.50 का उच्चतम स्तर छुआ। बैंक निफ्टी भी 566.35 अंक (1.04 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 55,113.40 पर खुला था।
व्यापक बाज़ार और सेक्टोरल प्रदर्शन
व्यापक बाज़ारों ने भी इस तेजी को मजबूत समर्थन दिया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने 1.93 प्रतिशत और निफ्टी मिडकैप 100 ने 1.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी एफएमसीजी (0.26 प्रतिशत की गिरावट) को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में रहे।
निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज हुई। निफ्टी मीडिया, निफ्टी मेटल और निफ्टी हेल्थकेयर में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की तेजी रही।
टॉप गेनर्स और लूज़र्स
निफ्टी50 पैक में इंडिगो, टीएमपीवी, श्रीराम फाइनेंस, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, एसबीआई, बजाज ऑटो, एक्सिस बैंक, अदाणी इंटरप्राइजेज और एचडीएफसी बैंक के शेयर 3 प्रतिशत से 7 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ शीर्ष लाभ में रहे। दूसरी ओर, ओएनजीसी, रिलायंस, पावरग्रिड, एनटीपीसी, एलएंडटी, हिंडाल्को, कोल इंडिया और एचसीएल टेक के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों की संपत्ति में इज़ाफा
बुधवार के कारोबारी सत्र में निवेशकों ने लगभग ₹6 लाख करोड़ की कमाई की। BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के ₹467 लाख करोड़ से बढ़कर ₹473 लाख करोड़ हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ार भू-राजनीतिक तनाव में संभावित कमी की संभावना से उत्साहित हैं।
आगे की दिशा
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति पर निवेशकों की नज़र बनी रहेगी। यदि कोई औपचारिक समझौता होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट संभव है, जो भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए सकारात्मक संकेत होगा और बाज़ार में तेजी को और बल दे सकता है।