सेंसेक्स 165 अंक टूटा, निफ्टी 24,052 पर; अमेरिका-ईरान तनाव से बैंकिंग सेक्टर में भारी बिकवाली
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 5 मई — अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को लाल निशान में खुला। सुबह के शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स 165.65 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,103.72 पर था, जबकि NSE निफ्टी 66.70 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,052.60 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक बाजारों में व्यापक बिकवाली और मध्य पूर्व में बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया।
बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई में गिरावट
शुरुआती कारोबार में गिरावट का नेतृत्व बैंकिंग सेक्टर कर रहा था। निफ्टी बैंक 258 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 54,619 पर था। इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शीर्ष घाटे वाले सूचकांकों में शामिल थे।
दूसरी ओर, निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी एनर्जी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे बाजार में चुनिंदा खरीदारी का संकेत मिला।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का हाल
सेंसेक्स पैक में इन्फोसिस, टीसीएस, आईटीसी, एचयूएल, टेक महिंद्रा और टाइटन बढ़त में रहे। वहीं, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, एमएंडएम, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, इंडिगो और एचटीएल टेक लाल निशान में थे। गौरतलब है कि बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर सबसे अधिक दबाव रहा, जो वैश्विक जोखिम-परिहार की भावना का प्रतिबिंब है।
अमेरिका-ईरान तनाव: क्या हुआ
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी सेना ने ईरान के 7 छोटे जहाजों को डुबो दिया। ट्रंप के अनुसार यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रहे थे। ईरान ने अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, हालाँकि उसने यह ज़रूर कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसी का नियंत्रण है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पहले से ही दबाव में है।
वैश्विक बाजारों का रुख
अधिकांश वैश्विक बाजार भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया और हांगकांग के बड़े बाजार लाल निशान में खुले, जबकि बैंकॉक और जकार्ता में भी बिकवाली हावी रही। राष्ट्रीय अवकाश के कारण जापान और शंघाई के बाजार बंद रहे। अमेरिकी बाजार सोमवार को लाल निशान में बंद हुए थे, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा।
कच्चे तेल की कीमतों में उलटफेर
तनाव के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में बिकवाली देखी गई — जो बाजार की सामान्य प्रतिक्रिया के उलट है। ब्रेंट क्रूड 2.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.3 डॉलर प्रति बैरल पर था। आलोचकों का कहना है कि यह असामान्य गिरावट वैश्विक माँग में मंदी की आशंका को दर्शाती है, न कि भू-राजनीतिक जोखिम के कम होने को। आगे चलकर होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा भारतीय बाजारों की चाल तय करेगी।