सेंसेक्स 165 अंक टूटा, निफ्टी 24,052 पर; अमेरिका-ईरान तनाव से बैंकिंग सेक्टर में भारी बिकवाली

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सेंसेक्स 165 अंक टूटा, निफ्टी 24,052 पर; अमेरिका-ईरान तनाव से बैंकिंग सेक्टर में भारी बिकवाली

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ईरानी जहाजों को डुबोने के दावे के बाद भारतीय बाजार लाल निशान में खुले। सेंसेक्स 165 अंक और निफ्टी बैंक 258 अंक टूटे। दिलचस्प बात यह है कि तनाव के बावजूद कच्चा तेल 2% से अधिक गिरा — जो वैश्विक माँग में मंदी की गहरी आशंका का संकेत है।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स मंगलवार सुबह 165.65 अंक (0.21%) गिरकर 77,103.72 पर खुला।
NSE निफ्टी 66.70 अंक (0.28%) की गिरावट के साथ 24,052.60 पर था।
निफ्टी बैंक 258 अंक (0.47%) टूटकर 54,619 पर — गिरावट में सबसे आगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि सेना ने ईरान के 7 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पास डुबोए।
तनाव के बावजूद ब्रेंट क्रूड 2.02% गिरकर 104.3 डॉलर प्रति बैरल पर आया।
इन्फोसिस, टीसीएस, आईटीसी बढ़त में; एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस दबाव में।

मुंबई, 5 मई — अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को लाल निशान में खुला। सुबह के शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स 165.65 अंक यानी 0.21 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,103.72 पर था, जबकि NSE निफ्टी 66.70 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,052.60 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक बाजारों में व्यापक बिकवाली और मध्य पूर्व में बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया।

बैंकिंग सेक्टर की अगुवाई में गिरावट

शुरुआती कारोबार में गिरावट का नेतृत्व बैंकिंग सेक्टर कर रहा था। निफ्टी बैंक 258 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 54,619 पर था। इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शीर्ष घाटे वाले सूचकांकों में शामिल थे।

दूसरी ओर, निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी एनर्जी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे बाजार में चुनिंदा खरीदारी का संकेत मिला।

सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का हाल

सेंसेक्स पैक में इन्फोसिस, टीसीएस, आईटीसी, एचयूएल, टेक महिंद्रा और टाइटन बढ़त में रहे। वहीं, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, एमएंडएम, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, इंडिगो और एचटीएल टेक लाल निशान में थे। गौरतलब है कि बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर सबसे अधिक दबाव रहा, जो वैश्विक जोखिम-परिहार की भावना का प्रतिबिंब है।

अमेरिका-ईरान तनाव: क्या हुआ

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी सेना ने ईरान के 7 छोटे जहाजों को डुबो दिया। ट्रंप के अनुसार यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रहे थे। ईरान ने अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, हालाँकि उसने यह ज़रूर कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसी का नियंत्रण है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पहले से ही दबाव में है।

वैश्विक बाजारों का रुख

अधिकांश वैश्विक बाजार भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया और हांगकांग के बड़े बाजार लाल निशान में खुले, जबकि बैंकॉक और जकार्ता में भी बिकवाली हावी रही। राष्ट्रीय अवकाश के कारण जापान और शंघाई के बाजार बंद रहे। अमेरिकी बाजार सोमवार को लाल निशान में बंद हुए थे, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा।

कच्चे तेल की कीमतों में उलटफेर

तनाव के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में बिकवाली देखी गई — जो बाजार की सामान्य प्रतिक्रिया के उलट है। ब्रेंट क्रूड 2.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.3 डॉलर प्रति बैरल पर था। आलोचकों का कहना है कि यह असामान्य गिरावट वैश्विक माँग में मंदी की आशंका को दर्शाती है, न कि भू-राजनीतिक जोखिम के कम होने को। आगे चलकर होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और अमेरिका-ईरान वार्ता की दिशा भारतीय बाजारों की चाल तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए वहाँ किसी भी सैन्य कार्रवाई का सीधा असर भारत की ऊर्जा आयात लागत पर पड़ता है। विरोधाभास यह है कि तनाव के बावजूद कच्चा तेल गिर रहा है — यह संकेत है कि बाजार भू-राजनीतिक जोखिम से ज़्यादा वैश्विक माँग में मंदी को गंभीरता से ले रहा है। भारतीय बाजार की गिरावट अभी सीमित है, लेकिन यदि होर्मुज में तनाव और बढ़ा तो बैंकिंग व इन्फ्रा सेक्टर पर दबाव तेज़ होगा। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है, वह यह है कि ईरान की चुप्पी एक रणनीतिक संयम है — और उसकी अगली चाल बाजारों की दिशा तय कर सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

5 मई को भारतीय शेयर बाजार क्यों गिरा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के 7 जहाजों को डुबोने के दावे के बाद वैश्विक जोखिम-परिहार की भावना बढ़ी, जिससे भारतीय बाजार लाल निशान में खुले। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर सबसे अधिक दबाव रहा।
निफ्टी बैंक आज कितना गिरा?
निफ्टी बैंक मंगलवार सुबह 258 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 54,619 पर था। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक प्रमुख घाटे वाले शेयरों में शामिल थे।
अमेरिका-ईरान तनाव का भारतीय बाजार पर क्या असर है?
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का अहम मार्ग है और भारत बड़ा तेल आयातक देश है, इसलिए वहाँ किसी भी सैन्य तनाव से भारतीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है। फिलहाल गिरावट सीमित है, लेकिन स्थिति और बिगड़ने पर दबाव तेज़ हो सकता है।
तनाव के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें क्यों गिरीं?
ब्रेंट क्रूड 2.02 प्रतिशत गिरकर 104.3 डॉलर प्रति बैरल पर आया, जो भू-राजनीतिक तनाव के दौरान असामान्य है। आलोचकों का कहना है कि यह वैश्विक माँग में मंदी की आशंका को दर्शाता है।
आज कौन से भारतीय शेयर बढ़त में रहे?
इन्फोसिस, टीसीएस, आईटीसी, एचयूएल, टेक महिंद्रा और टाइटन सेंसेक्स पैक में बढ़त में रहे। सेक्टर के लिहाज से निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी एनर्जी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
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