सेंसेक्स 372 अंक टूटा, 76,728 पर बंद; अमेरिका-ईरान तनाव से ऑटो-IT शेयरों में बिकवाली
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स सोमवार, 29 जून 2026 को 372.10 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,728.37 पर बंद हुआ, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से बढ़े तनाव ने निवेशकों की धारणा को कमज़ोर किया। इसके साथ ही घरेलू बाज़ार में लगातार दो सत्रों से चली आ रही बढ़त का सिलसिला थम गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 भी 109.75 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,946.25 पर बंद हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
ऑटो, आईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों पर सबसे ज़्यादा दबाव रहा। निफ्टी ऑटो इंडेक्स में सबसे तीखी गिरावट रही, जो करीब 2 प्रतिशत तक लुढ़का। इसके अलावा निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी रियल्टी में 0.9 से 1.3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
व्यापक बाज़ार भी दबाव में रहा — निफ्टी मिडकैप 0.37 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। हालाँकि, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी मेटल इस बिकवाली से बचे रहे और हरे निशान में बंद हुए।
सर्वाधिक नुकसान और फायदे में रहे शेयर
निफ्टी 50 में सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), इंडिगो और मारुति सुजुकी प्रमुख रहे। दूसरी ओर, मैक्स हेल्थकेयर, डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज़, कोल इंडिया, एटर्नल, BEL और ट्रेंट के शेयरों ने बढ़त दर्ज की।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, सोमवार का सत्र उतार-चढ़ाव भरा रहा। निफ्टी पूरे दिन करीब 195 अंकों की रेंज में कारोबार करता रहा — दिन के पहले हिस्से में तीखी अस्थिरता देखी गई, जबकि दूसरे हिस्से में यह सिमटकर महज 63 अंकों की संकरी रेंज में आ गया। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई, जो अल्पकालिक कमज़ोरी का संकेत मानी जाती है।
तकनीकी दृष्टि से, निफ्टी अभी भी अपने 20-दिवसीय और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर बना हुआ है, जो निचले स्तरों पर सपोर्ट का संकेत देता है। हालाँकि, मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑस्सिलेटर्स यह दर्शा रहे हैं कि फिलहाल बाज़ार में कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।
आगे क्या देखें
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले सत्रों में निफ्टी के लिए 23,850–23,800 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन है, जहाँ 20-दिवसीय और 50-दिवसीय EMA मौजूद हैं। यदि इंडेक्स 23,800 के नीचे निर्णायक रूप से फिसलता है, तो गिरावट 23,650 तक बढ़ सकती है। ऊपरी तरफ, 24,070–24,100 का क्षेत्र मज़बूत रेजिस्टेंस बना हुआ है — जब तक निफ्टी इसे पार नहीं करता, बाज़ार में तेजी सीमित रह सकती है। अमेरिका-ईरान तनाव के आगे के घटनाक्रम पर निवेशकों की नज़र बनी रहेगी।