13 अगस्त 2026
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सुभासपा कार्यालय में पिस्टल दिखाकर धमकी, अरविंद राजभर ने अखिलेश यादव से माँगा जवाब

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सुभासपा कार्यालय में पिस्टल दिखाकर धमकी, अरविंद राजभर ने अखिलेश यादव से माँगा जवाब

सारांश

लखनऊ में सुभासपा कार्यालय में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर पिस्टल निकालकर धमकी दी और अखिलेश यादव के खिलाफ बोलना बंद करने की चेतावनी दी। अरविंद राजभर ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए सपा से सीधा जवाब माँगा है।

मुख्य बातें

13 अगस्त को लखनऊ स्थित सुभासपा कार्यालय में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर पिस्टल निकालकर कार्यालय प्रभारी को धमकी दी।
आरोपी ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर और अरविंद राजभर सपा व अखिलेश यादव के खिलाफ बयानबाज़ी बंद करें।
कार्यालय प्रभारी ने कीबोर्ड से वार कर पिस्टल गिराई; आरोपी हथियार उठाकर भाग निकला।
अरविंद राजभर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और अखिलेश यादव से पार्टी का हिंसा पर रुख स्पष्ट करने की माँग की।
घटना को शिवपाल यादव के पूर्व 'विशेष इलाज' वाले बयान से जोड़कर साजिश की आशंका जताई गई।
उत्तर प्रदेश सरकार की महिला स्वरोज़गार योजना (करीब ₹50 हज़ार ) पर राजभर ने समर्थन जताया, लेकिन बेटियों की निःशुल्क शिक्षा की भी माँग की।

लखनऊ स्थित सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के कार्यालय में 13 अगस्त को एक व्यक्ति ने कथित तौर पर पिस्टल निकालकर कार्यालय प्रभारी को धमकी दी और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर तथा राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर को समाजवादी पार्टी (सपा) और अखिलेश यादव के विरुद्ध बोलना बंद करने की चेतावनी दी। इस घटना के बाद अरविंद राजभर ने सपा नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव से सार्वजनिक स्पष्टीकरण की माँग की है।

घटनाक्रम: कार्यालय में क्या हुआ

अरविंद राजभर के अनुसार, घटना के समय वह स्वयं कार्यालय में मौजूद नहीं थे और बस्ती के एक कार्यक्रम के लिए रवाना हो रहे थे। आरोपी व्यक्ति उनके केबिन में घुसा और कार्यालय प्रभारी से पहले बहसबाज़ी की, फिर कथित तौर पर पिस्टल निकालकर उनकी ओर तान दी।

आरोपी ने कार्यालय प्रभारी से कहा कि ओमप्रकाश राजभर और अरविंद राजभर को संदेश दे दिया जाए कि वे सपा और अखिलेश यादव के खिलाफ बयानबाज़ी बंद करें। जब विवाद और बढ़ा तो कार्यालय प्रभारी ने कंप्यूटर का कीबोर्ड उठाकर आरोपी पर वार किया, जिससे पिस्टल नीचे गिर गई। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर हथियार उठाकर कार्यालय से भाग निकला। पीछा करने पर भी वह लगातार धमकियाँ देता रहा।

राजनीतिक संदर्भ और शिवपाल यादव का बयान

अरविंद राजभर ने इस घटना को एक सुनियोजित साजिश की आशंका से जोड़ा। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ समय पहले शिवपाल यादव ने ओमप्रकाश राजभर के लिए 'विशेष इलाज' की बात कही थी। अरविंद राजभर ने तब सार्वजनिक रूप से पूछा था कि यह 'विशेष इलाज' किस प्रकार का होगा।

गौरतलब है कि शिवपाल यादव ने आज़म खान को गृहमंत्री बनाए जाने की संभावना का भी उल्लेख किया था, जिस पर अरविंद राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह 'खुली आँखों से देखा जाने वाला ऐसा सपना है जो पूरा होना संभव नहीं।' उनके अनुसार, किसी व्यक्ति को राजनीतिक पद देने की चर्चा करते समय उसके विरुद्ध न्यायालय में चल रहे मामलों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

अखिलेश यादव से स्पष्टीकरण की माँग

अरविंद राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से सीधे सवाल किया कि यदि धमकी देने वाला व्यक्ति सपा समर्थक या कार्यकर्ता होने का दावा कर रहा था, तो पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए कि इस तरह की हिंसा और धमकी के प्रति उसका रुख क्या है। उन्होंने कहा, 'राजनीतिक मतभेदों का जवाब तर्क और लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए, न कि बंदूक या धमकी के ज़रिए।'

उन्होंने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर भी कथित तौर पर उन्हें धमकियाँ दी जाती रही हैं और कुछ लोगों ने अखिलेश यादव के खिलाफ बोलना बंद करने की चेतावनी दी है। कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ एक धमकी भरा वीडियो भी प्रसारित हुआ था।

सपा के पीडीए नारे पर सवाल

अरविंद राजभर ने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सामाजिक न्याय की बात करने वाली राजनीति में सभी वंचित समुदायों को वास्तविक सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने अर्कवंशी, बंजारा, खंगार और अन्य पिछड़े व वंचित समुदायों को राजनीतिक रूप से मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

महिला सशक्तीकरण और उत्तर प्रदेश सरकार की योजना

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को स्वरोज़गार के लिए करीब ₹50 हज़ार की आर्थिक सहायता दिए जाने के प्रस्ताव पर अरविंद राजभर ने कहा कि पहले ₹20 हज़ार और बाद में ₹10 हज़ार की तीन किश्तों में सहायता दिए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने इसे एक उपयोगी पहल बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि केवल आर्थिक सहायता पर्याप्त नहीं है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से माँग की कि प्राथमिक विद्यालय से लेकर उच्च शिक्षा तक बेटियों की पढ़ाई निःशुल्क करने की दिशा में ठोस प्रावधान किया जाए।

अरविंद राजभर ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी धमकी के कारण अपनी राजनीतिक आवाज़ बंद नहीं करेंगे और पुलिस प्रशासन से इस मामले का शीघ्र खुलासा करने की माँग की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला सपा की साख पर दीर्घकालिक सवाल छोड़ता है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुभासपा कार्यालय में पिस्टल धमकी की घटना क्या है?
13 अगस्त को लखनऊ स्थित सुभासपा कार्यालय में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर पिस्टल निकालकर कार्यालय प्रभारी को धमकी दी और कहा कि ओमप्रकाश राजभर व अरविंद राजभर सपा और अखिलेश यादव के खिलाफ बोलना बंद करें। कार्यालय प्रभारी के प्रतिरोध के बाद आरोपी हथियार लेकर भाग गया।
अरविंद राजभर ने अखिलेश यादव से क्या माँग की है?
अरविंद राजभर ने अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की माँग की है कि समाजवादी पार्टी का हिंसा और धमकी की राजनीति के प्रति क्या रुख है। उनका कहना है कि यदि आरोपी सपा समर्थक था, तो पार्टी नेतृत्व को जवाबदेही लेनी चाहिए।
इस घटना को शिवपाल यादव के बयान से क्यों जोड़ा जा रहा है?
अरविंद राजभर ने बताया कि कुछ समय पहले शिवपाल यादव ने ओमप्रकाश राजभर के लिए 'विशेष इलाज' की बात कही थी। इस बयान और कार्यालय में हुई कथित धमकी के बीच समय की निकटता को देखते हुए राजभर ने इसे सुनियोजित साजिश की आशंका से जोड़ा है।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
अरविंद राजभर के अनुसार पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले का शीघ्र खुलासा करने की माँग की है, हालाँकि अब तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
उत्तर प्रदेश सरकार की महिला स्वरोज़गार योजना पर अरविंद राजभर का क्या कहना है?
अरविंद राजभर ने उत्तर प्रदेश सरकार की करीब ₹50 हज़ार की महिला स्वरोज़गार सहायता योजना को एक उपयोगी पहल बताया। साथ ही उन्होंने माँग की कि प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक बेटियों की पढ़ाई निःशुल्क की जाए, क्योंकि दीर्घकालिक सशक्तीकरण के लिए शिक्षा अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
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