अखिलेश यादव पाकिस्तान भाग जाएंगे — सपा के पीडीए पर ओम प्रकाश राजभर का तीखा तंज
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 23 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया। सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठजोड़ को निशाना बनाते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव आने वाले दिनों में पाकिस्तान भाग जाएंगे।
राजभर का सीधा हमला
मंत्री राजभर ने कहा, 'अखिलेश यादव न तो शिक्षा की बात कर रहे हैं, न पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण बांटने की, न ही स्वास्थ्य सेवा या शांति और सद्भाव की। वह हमेशा नफरत की भाषा का इस्तेमाल करते हैं और नफरत की ही बातें करते रहते हैं। आने वाले दिनों में आप देखेंगे कि अखिलेश यादव ही पाकिस्तान भाग जाएंगे।' यह बयान लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया गया।
आरक्षण पर राजभर का पक्ष
दिल्ली में आरक्षण-विरोधी प्रदर्शनों के संदर्भ में राजभर ने स्पष्ट किया कि वे आरक्षण के पूर्ण समर्थक हैं। उन्होंने कहा, 'बाबासाहेब बीआर अंबेडकर ने जो आरक्षण दिया था, उसका मकसद समाज के सबसे निचले तबके के लोगों को विकास की मुख्यधारा में लाना था। आरक्षण सिर्फ एक व्यक्ति या एक समुदाय को नहीं दिया जा रहा।'
राजभर ने संविधान में वर्णित चार वर्गों का हवाला देते हुए कहा कि सामान्य वर्ग को 10 प्रतिशत, पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को 22.5 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछड़े और दलित समुदाय आबादी का लगभग 85 प्रतिशत हैं, इसलिए उनकी हिस्सेदारी अधिक नज़र आती है।
चीनी की बढ़ती कीमतों पर टिप्पणी
चीनी की बढ़ती कीमतों पर पूछे गए सवाल पर मंत्री राजभर ने कहा, 'यह तय है कि सभी को कानून के दायरे में रहकर काम करना होगा। अगर कोई हद पार करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि सुभासपा उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन की सहयोगी है, जबकि सपा मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है जब सपा अपने पीडीए फॉर्मूले को आगामी चुनावों के लिए धार देने में जुटी है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान राजनीतिक तापमान बढ़ाने के लिए दिए जाते हैं और इनका ज़मीनी मुद्दों से कम संबंध होता है। आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।