राजभर का अखिलेश पर हमला: 'बहुजनों और गैर यादव पिछड़ों की 5 वारदातों पर क्यों है खामोशी?'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने 2 जून 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया। राजभर ने आरोप लगाया कि बहुजन और गैर यादव पिछड़े वर्ग के विरुद्ध पिछले पाँच दिनों में हुई पाँच बड़ी वारदातों पर सपा प्रमुख की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े करती है। यह टकराव ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में पिछड़े और दलित वर्ग की राजनीति एक बार फिर केंद्र में है।
एक्स पर राजभर का सीधा वार
राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा कि यदि उन्हें लगता है कि धमकियों से वे चुप हो जाएँगे, तो यह उनकी गलतफ़हमी है। उन्होंने कहा, 'गरीबों, बहुजनों, आम नागरिकों और गैर-यादव ओबीसी वर्ग के खिलाफ आपके वोटर पिछले 5 दिन में 5 बड़ी वारदातें कर दिए हैं और आप चाहते हैं कि मैं चुप रहूँ — यह नहीं हो सकता।'
राजभर ने सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर भी सवाल उठाया और पूछा, 'क्या यही है आपका पीडीए?'
किन घटनाओं का किया उल्लेख
राजभर ने अपनी पोस्ट में जिन घटनाओं का जिक्र किया, उनमें शामिल हैं — सपा विधायक महाराजी प्रजापति से मारपीट, चंदौली में महिला सपा जिलाध्यक्ष गार्गी पटेल से मारपीट, रामजन्म राजभर की हत्या, धनराज मौर्य और सूर्या चौहान से जुड़ी घटनाएँ, तथा लखनऊ में संदीप सिंह की कथित निर्मम हत्या। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सभी घटनाओं के पीछे सपा से जुड़े लोग हैं और अखिलेश यादव ने न घायलों को ढाँढस बँधाया, न मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
अखलाक प्रकरण का संदर्भ
राजभर ने अखलाक की मौत का भी उल्लेख किया और कहा कि उस मामले में अखिलेश यादव ने ₹45 लाख और ग्रेटर नोएडा में चार फ्लैट देने की बात की थी, लेकिन बहुजन और पिछड़े वर्ग की पीड़ा पर उनकी जुबान नहीं खुलती। उन्होंने इसे चयनात्मक संवेदनशीलता बताया।
राजभर की चुनौती और आत्मकथ्य
राजभर ने अखिलेश यादव की पृष्ठभूमि से तुलना करते हुए कहा कि वे स्वयं 'टेम्पू चलाकर' दलितों और पिछड़ों के लिए संघर्ष करते आए हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा, 'आप नवाब साहब हैं, आपने दर्द नहीं सहा, ठोकरें नहीं सही, सिपाही की गालियाँ नहीं सुनीं।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अखिलेश यादव 'ट्विटर, एसी और पीसी' वाले नेता हैं और कम से कम इस मुद्दे पर एसी में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस ही कर दें।
आगे क्या होगा
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राजभर का यह हमला उत्तर प्रदेश में गैर यादव पिछड़े वर्ग को लेकर सपा और भाजपा गठबंधन के बीच जारी खींचतान का हिस्सा है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस वर्ग की राजनीतिक गोलबंदी तेज़ होने के संकेत हैं। सपा की ओर से अभी तक इस पोस्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।