17 जुलाई 2026
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ओपी राजभर का अखिलेश पर तीखा प्रहार: 'सपा शासन में दलितों पर अत्याचार, जनता नहीं भूली भदोही कांड'

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ओपी राजभर का अखिलेश पर तीखा प्रहार: 'सपा शासन में दलितों पर अत्याचार, जनता नहीं भूली भदोही कांड'

सारांश

सुभासपा अध्यक्ष और यूपी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर 'सपा की जातीय हिंसा : पार्ट-3' के ज़रिए तीखा हमला बोला। 2012 में भदोही के मकदूमपुर गाँव की दलित बस्ती को जलाने और एफआईआर न दर्ज होने के आरोपों के साथ यह बयान यूपी की दलित-पिछड़ा राजनीति को नई धार दे रहा है।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 17 जुलाई को एक्स पर 'सपा की जातीय हिंसा : पार्ट-3' पोस्ट कर अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला।
राजभर ने मार्च 2012 में भदोही के मकदूमपुर गाँव की दलित बस्ती में कथित आगजनी और महिलाओं से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ितों की एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई और पूरा प्रशासन दबाव में था।
राजभर ने कहा कि 'शोषणवाद ही सपा का समाजवाद है' और सपा का सत्ता में आना यूपी को पश्चिम बंगाल बना देगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब दलित-पिछड़े मतदाताओं को लेकर यूपी में राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज है।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 17 जुलाई को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कड़ा हमला बोला। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी अपनी 'सपा की जातीय हिंसा' श्रृंखला के तीसरे भाग में राजभर ने आरोप लगाया कि सपा के शासनकाल में दलितों और अति पिछड़े वर्ग पर व्यापक अत्याचार हुए और सत्ता मिलते ही हिंसा का दौर शुरू हो गया था।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

राजभर ने अपनी पोस्ट में मार्च 2012 का हवाला देते हुए कहा कि जनादेश मिलते ही सपा समर्थकों ने प्रदेशभर में हिंसा का रास्ता अपनाया। उन्होंने भदोही जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के मकदूमपुर गाँव की दलित बस्ती पर हुए कथित हमले का विशेष उल्लेख किया। राजभर के अनुसार, उस घटना में कई घरों को आग के हवाले किया गया और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ — केवल इसलिए कि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया था।

प्रशासनिक निष्क्रियता का आरोप

राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ितों की शिकायत पर एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रशासन पर लखनऊ से दबाव था और महज दिखावे के लिए आवेदन लिया गया। मामले की व्यापक आलोचना होने पर तत्कालीन कांग्रेस नेता पीएल पुनिया को भदोही आना पड़ा था।

राजभर का सपा पर सीधा प्रहार

राजभर ने अपनी पोस्ट में कहा कि 'शोषणवाद ही आपका समाजवाद है।' उन्होंने यह भी कहा कि सपा का सत्ता में आना उत्तर प्रदेश के लिए पश्चिम बंगाल जैसी स्थिति बनाएगा। गौरतलब है कि राजभर पहले भी इस श्रृंखला के अंतर्गत सपा पर जातीय हिंसा के आरोप लगा चुके हैं और यह उसी क्रम की तीसरी कड़ी है।

राजनीतिक संदर्भ

यह हमला ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावी गणित को लेकर विभिन्न दलों के बीच दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को साधने की होड़ तेज है। ओमप्रकाश राजभर वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) नीत गठबंधन का हिस्सा हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में मंत्री पद पर हैं। आलोचकों का कहना है कि इस प्रकार के बयान चुनावी ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।

सपा की प्रतिक्रिया

इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। राजभर ने अपनी पोस्ट का समापन 'जय भारत, जय श्री राम, जय श्री कृष्ण, जय महाराज सुहेलदेव' के साथ किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यूपी में दलित-पिछड़े मतदाता को अपने पाले में रखने की सुनियोजित चुनावी रणनीति है। गौर करने वाली बात यह है कि ये आरोप दशक पुराने हैं, पर इन्हें अभी उठाया जा रहा है — जो समय का चुनाव बताता है। सपा की चुप्पी भी रणनीतिक हो सकती है, क्योंकि जवाब देने से इस नैरेटिव को और हवा मिलेगी। असली सवाल यह है कि क्या भदोही जैसी घटनाओं की स्वतंत्र जाँच कभी हुई — और अगर नहीं, तो जवाबदेही की माँग केवल चुनावों के मौसम में ही क्यों उठती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए हैं?
राजभर ने आरोप लगाया है कि सपा के 2012 के शासनकाल में दलितों और अति पिछड़े वर्ग पर व्यापक अत्याचार हुए। विशेष रूप से भदोही के मकदूमपुर गाँव में दलित बस्ती को जलाने और महिलाओं से दुर्व्यवहार का आरोप है, जिस पर एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई।
'सपा की जातीय हिंसा : पार्ट-3' क्या है?
यह ओमप्रकाश राजभर द्वारा एक्स पर चलाई जा रही एक श्रृंखला है जिसमें वे सपा के शासनकाल में दलितों और पिछड़ों पर हुई कथित हिंसा के मामले उठाते हैं। 17 जुलाई को प्रकाशित तीसरी कड़ी में भदोही के मकदूमपुर गाँव की घटना का विस्तृत विवरण दिया गया।
भदोही के मकदूमपुर गाँव में क्या हुआ था?
राजभर के अनुसार, मार्च 2012 में सपा को सत्ता मिलने के बाद भदोही जिले के मकदूमपुर गाँव की दलित बस्ती पर हमला हुआ था। कई घरों को आग लगाई गई और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया, कथित तौर पर इसलिए क्योंकि उन्होंने सपा को वोट नहीं दिया था।
क्या सपा ने राजभर के आरोपों का जवाब दिया है?
इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
ओमप्रकाश राजभर वर्तमान में किस पद पर हैं?
ओमप्रकाश राजभर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और भाजपा नीत गठबंधन के तहत उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री पद पर कार्यरत हैं।
राष्ट्र प्रेस
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