शरजील इमाम की जमानत याचिका: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से माँगा जवाब, 27 अगस्त को अगली सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली हाईकोर्ट ने 18 जुलाई 2025 को 2020 दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में आरोपी शरजील इमाम की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख निर्धारित की है।
मुख्य घटनाक्रम
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की खंडपीठ ने शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया। यह शरजील इमाम की दूसरी जमानत याचिका है, जिसमें तर्क दिया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के छह महीने बाद भी मुकदमे में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है।
पूर्व न्यायिक प्रक्रिया
इमाम को जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं — यानी लगभग साढ़े पाँच वर्ष से अधिक समय से। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय ने 5 जनवरी को उनकी जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों से गैर-कानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
इसके बाद इमाम ने सत्र न्यायालय में नई जमानत अर्जी दाखिल की, किंतु 4 जुलाई को निचली अदालत ने यह याचिका यह कहते हुए अस्वीकार कर दी कि यह इस चरण में सुनवाई योग्य नहीं है। उसी आदेश को चुनौती देते हुए इमाम ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ा है। शरजील इमाम और कई अन्य पर दंगे भड़काने की बड़ी साजिश रचने का आरोप है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि इमाम ने उकसावे वाले भाषण दिए जिनसे हिंसा को बढ़ावा मिला — हालाँकि बचाव पक्ष इन आरोपों को निराधार बताता रहा है।
आगे क्या होगा
दिल्ली पुलिस को अब हाईकोर्ट के समक्ष अपना जवाब दाखिल करना होगा। 27 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे का निर्णय करेगी। यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि दीर्घ विचाराधीन कारावास के आधार पर हाईकोर्ट जमानत पर क्या रुख अपनाता है।