ट्रंप के 2020 चुनाव दावों पर कमला हैरिस का पलटवार — 'सच्चाई से ध्यान भटकाने की कोशिश'
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में चीन के वोटर डेटा हैकिंग और रूस-ईरान की कथित सेंधमारी के आरोपों ने वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस सहित कई शीर्ष डेमोक्रेटिक नेताओं ने इन दावों को खारिज करते हुए ट्रंप पर आगामी मिड-टर्म चुनावों से पहले जनता का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया है।
हैरिस का सीधा जवाब
पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'इससे पहले कि राष्ट्रपति आज रात टेलीविजन पर झूठ और साजिश के सिद्धांत फैलाएं, आपको यह जानना आवश्यक है: 2020 का चुनाव चोरी नहीं हुआ था। हम जीत गए और वह हार गए।' हैरिस ने 'सेव एक्ट' को वोटर दमन का हथियार बताते हुए कहा कि यह उन कंजर्वेटिव ताकतों के बड़े एजेंडे का हिस्सा है जो लोगों से सत्ता छीनना चाहती हैं।
हैरिस ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन ने घर, स्वास्थ्य सुविधा, बच्चों की देखभाल और खाने-गैस की कीमतें कम करने के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका को एक ऐसे युद्ध में ले गए जो जनता नहीं चाहती थी।
मतदाताओं को सीधा संदेश
हैरिस ने मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'राष्ट्रपति आपकी ताकत से डरे हुए हैं और वह चाहते हैं कि आप यह मान लें कि आपके वोट का कोई मतलब नहीं है। वह चाहते हैं कि हमारे इलेक्टोरल सिस्टम पर आपका भरोसा खत्म हो जाए, इसलिए आप इस नवंबर घर पर रहें।' उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर लोग अपनी संख्या में मतदान करें तो रिपब्लिकन हार जाएंगे।
अन्य डेमोक्रेटिक नेताओं की प्रतिक्रिया
अमेरिकी प्रतिनिधि नैंसी पेलोसी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप एक हारे हुए इंसान हैं। सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने तंज कसा कि ट्रंप जनता के खर्च कम करने के बजाय छह साल पुराने झूठ दोहराने में अपनी शाम बर्बाद कर रहे हैं।
डेमोक्रेट नेता हकीम जेफरीज ने ट्रंप को 'कमजोर, पागल और साजिशी' बताते हुए कहा कि उनके राज में आर्थिक हालत बदतर हुई है और अमेरिकी जनता यह जानती है। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने एपस्टीन फाइलों का हवाला देते हुए ट्रंप को 'लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा' करार दिया।
एरिजोना के सीनेटर मार्क केली ने कहा कि ट्रंप का यह दोहरा मानदंड उजागर है — जीतें तो निष्पक्ष, हारें तो धांधली। उन्होंने याद दिलाया कि 2020 का चुनाव ट्रंप के अपने कार्यकाल में हुआ था। जॉर्जिया के सीनेटर जॉन ओसोफ्फ ने कहा कि उन्होंने 'एक नाकाम और हताश राष्ट्रपति' को सुना जो जवाबदेही से बचने के लिए चुनावी प्रक्रिया पर हमला कर रहा है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब अमेरिका में मिड-टर्म चुनाव नजदीक हैं और राजनीतिक ध्रुवीकरण अपने चरम पर है। गौरतलब है कि 2020 के चुनाव में धांधली के ट्रंप के दावे अमेरिकी अदालतों में बार-बार खारिज हो चुके हैं। सीनेटर राफेल वार्नॉक ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि छह साल बाद भी उस चुनाव पर अटके रहना किसी थेरेपिस्ट से बात करने का विषय है।
आगे क्या
डेमोक्रेटिक नेताओं ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वे मिड-टर्म चुनावों में मतदाता भागीदारी को अपनी प्रमुख रणनीति बनाएंगे। हैरिस ने कहा कि मतदान ही वह 'जरूरी कदम' है जिससे इस 'भ्रष्ट और क्रूर सरकार' पर असली रोक लगाई जा सकती है। आने वाले हफ्तों में चुनावी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।