राजभर का अखिलेश पर तीखा वार: '2012 में सपा राज में यूपी बना था हिंसा का अखाड़ा'
सारांश
मुख्य बातें
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 15 जुलाई 2025 को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। राजभर ने आरोप लगाया कि 2012 में सपा सत्ता में आने के बाद उत्तर प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक हिंसा चरम पर पहुँच गई थी और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी।
एक्स पर राजभर का सीधा हमला
राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा कि 2012 में पिता के राजनीतिक प्रभाव से मुख्यमंत्री बनना और उसके बाद उत्तर प्रदेश का पश्चिम बंगाल जैसी स्थिति में पहुँचना — यह एक दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय था। उन्होंने इसे 'सपा की जातीय हिंसा: पार्ट-2' की संज्ञा दी।
36 घंटों में नौ जिलों में आगजनी का आरोप
राजभर के अनुसार, सपा की चुनावी जीत के 36 घंटों के भीतर पार्टी कार्यकर्ताओं ने नौ जिलों में अति पिछड़े और दलित बहुल गाँवों में आगजनी की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस हिंसा में हत्याएँ भी हुईं और पुलिस निष्क्रिय बनी रही। राजभर ने कहा कि यह घटनाएँ भुलाई नहीं जा सकतीं।
अम्बेडकरनगर की घटना का ज़िक्र
राजभर ने विशेष रूप से अम्बेडकरनगर जिले के अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र का उल्लेख किया, जहाँ कथित तौर पर बसपा के एक पूर्व मंत्री की राइस मिल को आग लगाई गई थी। उनके अनुसार, आग की लपटें अकबरपुर कस्बे के तहसील तिराहे तक पहुँच गई थीं, और उस समय स्थानीय पुलिस अनिर्णय की स्थिति में थी।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
राजभर का यह हमला ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो रहा है। गौरतलब है कि राजभर पहले सपा के करीबी माने जाते थे, लेकिन अब वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री हैं। सपा की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।