ओमप्रकाश राजभर ने यादव समाज पर फिर निशाना साधा, पिछड़ों पर अत्याचार के आरोप दोहराए
सारांश
ओमप्रकाश राजभर ने बलिया में एक बार फिर यादव समाज पर निशाना साधते हुए पिछड़ों पर अत्याचार के आरोप दोहराए और कई कथित घटनाओं का हवाला दिया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर पिछड़ों में फूट डालने का आरोप लगाते हुए यह बयान उत्तर प्रदेश की जाति-केंद्रित राजनीति को और गरमा सकता है।
मुख्य बातें
ओमप्रकाश राजभर ने 2 मई को बलिया में यादव समाज पर अत्याचार के आरोप फिर दोहराए।
राजभर ने मऊ, बाराबंकी और जौनपुर की कथित घटनाओं का हवाला देते हुए यादव समाज पर पिछड़ों के उत्पीड़न का आरोप लगाया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर पिछड़ों को आपस में लड़ाने का आरोप लगाया गया।
राजभर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सार्वजनिक स्थानों पर नमाज न पढ़ने के आदेश का समर्थन किया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने का दावा किया।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने शनिवार, 2 मई को बलिया में एक बार फिर यादव समाज को लेकर अपना विवादित बयान दोहराया, जिससे उत्तर प्रदेश की राजनीतिक बयानबाजी और तीखी हो गई है। राजभर के इस बयान ने पिछड़ा वर्ग की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
राजभर का विवादित बयान
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में ओमप्रकाश राजभर ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
जहाँ सुभासपा भाजपा गठबंधन में रहते हुए भी अपनी अलग पहचान बनाए रखना चाहती है। यादव समाज को ऐतिहासिक रूप से 'उत्पीड़क' बताना समाजवादी पार्टी के वोट बैंक को कमज़ोर करने की रणनीति भी हो सकती है। हालाँकि, इस तरह के बयान जातीय तनाव को बढ़ावा देने का जोखिम उठाते हैं और चुनाव आयोग की नज़र में भी आ सकते हैं। सवाल यह है कि क्या भाजपा नेतृत्व इस बयानबाजी से खुद को अलग करेगा या चुप्पी साधे रहेगा।
RashtraPress
26 जून 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ओमप्रकाश राजभर ने यादव समाज पर क्या बयान दिया?
राजभर ने कहा कि यादव समाज पहले मुगलों और फिर अंग्रेजों की फौज में रहकर पिछड़ों को प्रताड़ित करता था और अब पुलिस में भर्ती होकर यही काम कर रहा है। उन्होंने मऊ, बाराबंकी और जौनपुर की कथित घटनाओं का हवाला दिया।
राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि वे पिछड़ों को आपस में लड़ाते हैं और यादव समाज के ज़रिए पिछड़ों के बीच फूट डालने का काम किया जा रहा है।
राजभर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर क्या कहा?
ओमप्रकाश राजभर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सार्वजनिक स्थानों पर नमाज न पढ़ने संबंधी आदेश का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नमाज के लिए मस्जिद और पूजा के लिए मंदिर बने हैं, इसलिए सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने की जरूरत नहीं है।
पश्चिम बंगाल चुनाव पर राजभर का क्या दावा है?
राजभर ने दावा किया कि आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है।
ओमप्रकाश राजभर कौन हैं?
ओमप्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख हैं। वे पिछड़ा वर्ग की राजनीति के प्रमुख चेहरा हैं और भाजपा के साथ गठबंधन में हैं।