4 अगस्त 2026
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बस्ती घटना पर ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर प्रहार: 'तुष्टिकरण से यदुवंश कुचल रहा है'

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बस्ती घटना पर ओम प्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर प्रहार: 'तुष्टिकरण से यदुवंश कुचल रहा है'

सारांश

सुभासपा मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने बस्ती की एक घटना को आधार बनाकर अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला — आरोप लगाया कि सपा की तुष्टिकरण नीति अब यादव समुदाय को ही कुचल रही है। 2027 चुनाव से पहले यह बयान यूपी की जातीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 4 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला।
बस्ती जिले में एक यदुवंशी परिवार की गर्भवती महिला पर हमले और परिवार के पलायन का आरोप लगाया गया।
राजभर ने सपा के 'पीडीए' समीकरण को 'पीट देगा अशफाक' कहकर निशाना साधा।
घटना की तुलना सपा शासनकाल के कैराना पलायन प्रकरण से की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का हवाला देते हुए राजभर ने ऐसी घटनाओं को रोकने का भरोसा दिलाया।
बस्ती घटना के तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक उपलब्ध नहीं है।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 4 अगस्त को बस्ती जिले की एक घटना को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। राजभर ने आरोप लगाया कि सपा की तुष्टिकरण की राजनीति का खामियाजा अब उसके परंपरागत समर्थक यादव समुदाय को भी भुगतना पड़ रहा है।

एक्स पर क्या लिखा राजभर ने

राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सीधे अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि बस्ती जिले में एक यदुवंशी परिवार की गर्भवती महिला के पेट पर लात मारकर एक अजन्मे शिशु को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया। उन्होंने इस कृत्य के लिए 'अशफाक' नामक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया। राजभर ने कहा कि पीड़ित यदुवंशी परिवार घर-मकान छोड़कर पलायन को मजबूर हो गया है।

कैराना से तुलना और राजनीतिक आरोप

राजभर ने इस घटना की तुलना कैराना पलायन प्रकरण से करते हुए कहा कि यह वैसा ही है जैसा सपा के शासनकाल में हुआ था। उन्होंने सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब यह 'पीट देगा अशफाक' बन गया है। राजभर के अनुसार, सपा के एमवाई (मुस्लिम-यादव) समीकरण में 'एम' इतना भारी पड़ गया है कि 'वाई' यानी यादव समुदाय हर रोज कुचल रहा है।

योगी सरकार का हवाला

राजभर ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं को रोका जाएगा, क्योंकि प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार है। उन्होंने दिवंगत मुलायम सिंह यादव का भी उल्लेख करते हुए कहा कि काश वे आज जीवित होते और यह सब देख पाते। राजभर ने अखिलेश यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि तुष्टिकरण की आग से इतना न खेलें कि यदुवंश का नाश हो जाए।

राजनीतिक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और यादव-मुस्लिम गठजोड़ को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। गौरतलब है कि सुभासपा वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है और राजभर का यह हमला विपक्षी सपा को यादव वोट बैंक पर घेरने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। बस्ती घटना के तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक उपलब्ध नहीं है; राजभर के बयान उनके अपने एक्स पोस्ट पर आधारित हैं।

आगे क्या

अभी तक अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बस्ती की घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाज़ी आगामी चुनावी मौसम में जातीय ध्रुवीकरण को और गहरा कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और राजभर इसमें माहिर हैं। हालाँकि, बस्ती की घटना के तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना इस तरह के तीखे बयान सांप्रदायिक तनाव को हवा दे सकते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है कि राजभर खुद पिछड़े वर्ग के नेता हैं और यादव-मुस्लिम गठजोड़ पर उनका हमला जातीय पुनर्गठन की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा है जो यूपी में 2022 के बाद से जारी है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्यों हमला बोला?
राजभर ने बस्ती जिले में एक यदुवंशी परिवार की गर्भवती महिला पर कथित हमले और उस परिवार के पलायन की घटना को आधार बनाकर अखिलेश यादव पर सपा की 'तुष्टिकरण की राजनीति' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस नीति का खामियाजा अब सपा के परंपरागत यादव समर्थक भी भुगत रहे हैं।
बस्ती की यह घटना क्या है?
राजभर के अनुसार, बस्ती जिले में 'अशफाक' नामक व्यक्ति ने एक यदुवंशी परिवार की गर्भवती महिला के पेट पर लात मारी, जिससे परिवार को घर छोड़कर पलायन करना पड़ा। हालाँकि, इस घटना के तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
राजभर ने 'पीडीए' को 'पीट देगा अशफाक' क्यों कहा?
सपा का 'पीडीए' यानी पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक गठजोड़ राजभर के निशाने पर था। उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से इसे 'पीट देगा अशफाक' कहकर यह जताने की कोशिश की कि सपा की मुस्लिम-परस्त नीतियाँ यादव समुदाय को नुकसान पहुँचा रही हैं।
राजभर ने कैराना का ज़िक्र क्यों किया?
राजभर ने बस्ती की घटना की तुलना कैराना पलायन प्रकरण से की, जो सपा शासनकाल में हुआ था और जिसे BJP ने बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाया था। यह तुलना सपा के शासन को कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर कमज़ोर दिखाने की कोशिश है।
क्या समाजवादी पार्टी ने इस पर कोई जवाब दिया है?
अभी तक अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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