10 अगस्त 2026
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ओपी राजभर का अखिलेश पर प्रहार: 'सपा का पीडीए अब केडीए बन गया, काट देगा अहीर'

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ओपी राजभर का अखिलेश पर प्रहार: 'सपा का पीडीए अब केडीए बन गया, काट देगा अहीर'

सारांश

प्रयागराज में तीन बुजुर्गों की हत्या पर अखिलेश यादव की चुप्पी को ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर सीधे निशाना बनाया। उन्होंने सपा के 'पीडीए' को 'केडीए — काट देगा अहीर' करार दिया और यूपी पुलिस की जनवरी-अप्रैल 2026 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दलितों के खिलाफ अपराध के आँकड़े सार्वजनिक करने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 17 जून 2026 को एक्स पर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला।
प्रयागराज में एक ओबीसी (तेली) परिवार के तीन बुजुर्गों — अमरावती देवी, श्यामलाल (65 वर्ष) और इंद्रावती (62 वर्ष) — की हत्या पर अखिलेश की चुप्पी को निशाना बनाया।
राजभर ने सपा के 'पीडीए' नारे को 'केडीए' (काट देगा अहीर) करार दिया।
यूपी पुलिस की जनवरी-अप्रैल 2026 रिपोर्ट के अनुसार दलितों के खिलाफ अपराध में 2,160 यादव और 1,983 मुस्लिम आरोपी — राजभर का दावा, स्वतंत्र पुष्टि शेष।
राजभर ने अगले दिन जोनवार और कमिश्नरेटवार आँकड़े जारी करने की घोषणा की।
समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने बुधवार, 17 जून 2026 को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। प्रयागराज में एक ही ओबीसी (तेली) परिवार के तीन बुजुर्गों की नृशंस हत्या पर अखिलेश यादव की चुप्पी को निशाना बनाते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि सपा का 'पीडीए' अब 'केडीए' — यानी 'काट देगा अहीर' — में तब्दील हो चुका है।

प्रयागराज हत्याकांड: घटना की पृष्ठभूमि

प्रयागराज में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना में एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों की हत्या कर दी गई। मृतकों में अमरावती देवी और श्यामलाल (दोनों 65 वर्ष) तथा इंद्रावती (62 वर्ष) शामिल हैं। आरोप है कि परिवार अपनी बेटी की शादी एक अनुचित व्यक्ति से नहीं करना चाहता था, और इसी विवाद में यह खूनी कांड हुआ। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

राजभर का एक्स पर सीधा हमला

ओमप्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा कि इस निर्मम घटना ने उनका दिल दहला दिया और खून खौला दिया। उन्होंने कहा, 'एक ही ओबीसी (तेली) परिवार के तीन बुजुर्गों को दौड़ा-दौड़ाकर काटते वक्त हाथ भी नहीं कांपे होंगे क्या हत्यारे के।' राजभर ने अखिलेश से पूछा कि जब आरोपी उन्हीं की पार्टी से जुड़ा व्यक्ति है, तो वे चुप क्यों हैं।

राजभर ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 'ट्विटर, एसी और पीसी से झूठ की दुकान चलाने वाले' अखिलेश यादव कम से कम संवेदना ही व्यक्त कर देते, या यह भी लिख देते कि हत्यारा कोई भी हो, कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

पीडीए से केडीए: राजभर का बड़ा आरोप

राजभर ने सपा के चर्चित नारे 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पर तंज कसते हुए कहा कि अब यह 'पीट देगा अहीर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' से आगे बढ़कर 'केडीए' यानी 'काट देगा अहीर' बन गया है। उन्होंने यह भी कटाक्ष किया कि जब अखिलेश यादव ने खुद कभी बुजुर्गों को सम्मान नहीं दिया, तो उनके समर्थक क्या देंगे।

यूपी पुलिस रिपोर्ट का हवाला

राजभर ने दावा किया कि यूपी पुलिस की जनवरी से अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार दलितों और शोषितों के खिलाफ अपराध के मामलों में सबसे अधिक 2,160 यादव और 1,983 मुस्लिम आरोपी शामिल हैं। उन्होंने घोषणा की कि वे अगले दिन जोनवार और कमिश्नरेटवार आँकड़े भी सार्वजनिक करेंगे। यह दावा उन्होंने अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए किया, हालाँकि इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियाँ तेज हो रही हैं और ओबीसी-दलित समीकरण सभी दलों के लिए केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है। राजभर का यह हमला भाजपा गठबंधन और सपा के बीच पिछड़े वर्गों की राजनीति पर बढ़ते टकराव को और पैना करता है। समाजवादी पार्टी की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली दाँव यूपी पुलिस की वह रिपोर्ट है जिसके आँकड़े राजभर ने उद्धृत किए — अगर ये सत्यापित हुए, तो सपा की पिछड़े-दलित एकता की राजनीति के लिए यह गंभीर चुनौती होगी। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक बयानबाज़ी पर टिकी है, जबकि असल सवाल यह है कि प्रयागराज हत्याकांड में न्याय कब और कैसे मिलेगा — वह चर्चा दोनों ही पक्षों की राजनीति में दब जाती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर हमला क्यों बोला?
प्रयागराज में एक ओबीसी परिवार के तीन बुजुर्गों की नृशंस हत्या पर अखिलेश यादव की चुप्पी को लेकर राजभर ने एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी सपा से जुड़ा व्यक्ति है और अखिलेश अपराधी की जाति देखकर प्रतिक्रिया देते हैं।
प्रयागराज हत्याकांड में कौन मारे गए?
मृतकों में अमरावती देवी और श्यामलाल (दोनों 65 वर्ष) तथा इंद्रावती (62 वर्ष) शामिल हैं — तीनों एक ही ओबीसी (तेली) परिवार के बुजुर्ग थे। आरोप है कि परिवार की बेटी की शादी के विवाद में यह हत्याएँ हुईं और मामले की जाँच यूपी पुलिस कर रही है।
पीडीए को केडीए कहने से राजभर का क्या मतलब है?
राजभर ने सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर व्यंग्य करते हुए कहा कि यह अब 'केडीए — काट देगा अहीर' बन गया है। यह सपा की ओबीसी-दलित एकता की राजनीति पर सीधा प्रहार है।
राजभर ने यूपी पुलिस की किस रिपोर्ट का हवाला दिया?
राजभर ने दावा किया कि यूपी पुलिस की जनवरी से अप्रैल 2026 की रिपोर्ट में दलितों के खिलाफ अपराध में 2,160 यादव और 1,983 मुस्लिम आरोपी हैं। उन्होंने अगले दिन जोनवार और कमिश्नरेटवार आँकड़े जारी करने की घोषणा की, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।
समाजवादी पार्टी ने राजभर के आरोपों पर क्या कहा?
17 जून 2026 तक समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अखिलेश यादव ने प्रयागराज हत्याकांड पर भी सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया, जिसे राजभर ने अपने हमले का आधार बनाया।
राष्ट्र प्रेस
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