ओपी राजभर का अखिलेश पर प्रहार: 'सपा का पीडीए अब केडीए बन गया, काट देगा अहीर'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने बुधवार, 17 जून 2026 को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। प्रयागराज में एक ही ओबीसी (तेली) परिवार के तीन बुजुर्गों की नृशंस हत्या पर अखिलेश यादव की चुप्पी को निशाना बनाते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि सपा का 'पीडीए' अब 'केडीए' — यानी 'काट देगा अहीर' — में तब्दील हो चुका है।
प्रयागराज हत्याकांड: घटना की पृष्ठभूमि
प्रयागराज में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना में एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों की हत्या कर दी गई। मृतकों में अमरावती देवी और श्यामलाल (दोनों 65 वर्ष) तथा इंद्रावती (62 वर्ष) शामिल हैं। आरोप है कि परिवार अपनी बेटी की शादी एक अनुचित व्यक्ति से नहीं करना चाहता था, और इसी विवाद में यह खूनी कांड हुआ। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
राजभर का एक्स पर सीधा हमला
ओमप्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा कि इस निर्मम घटना ने उनका दिल दहला दिया और खून खौला दिया। उन्होंने कहा, 'एक ही ओबीसी (तेली) परिवार के तीन बुजुर्गों को दौड़ा-दौड़ाकर काटते वक्त हाथ भी नहीं कांपे होंगे क्या हत्यारे के।' राजभर ने अखिलेश से पूछा कि जब आरोपी उन्हीं की पार्टी से जुड़ा व्यक्ति है, तो वे चुप क्यों हैं।
राजभर ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 'ट्विटर, एसी और पीसी से झूठ की दुकान चलाने वाले' अखिलेश यादव कम से कम संवेदना ही व्यक्त कर देते, या यह भी लिख देते कि हत्यारा कोई भी हो, कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पीडीए से केडीए: राजभर का बड़ा आरोप
राजभर ने सपा के चर्चित नारे 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पर तंज कसते हुए कहा कि अब यह 'पीट देगा अहीर' और 'पीट देगा अल्पसंख्यक' से आगे बढ़कर 'केडीए' यानी 'काट देगा अहीर' बन गया है। उन्होंने यह भी कटाक्ष किया कि जब अखिलेश यादव ने खुद कभी बुजुर्गों को सम्मान नहीं दिया, तो उनके समर्थक क्या देंगे।
यूपी पुलिस रिपोर्ट का हवाला
राजभर ने दावा किया कि यूपी पुलिस की जनवरी से अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार दलितों और शोषितों के खिलाफ अपराध के मामलों में सबसे अधिक 2,160 यादव और 1,983 मुस्लिम आरोपी शामिल हैं। उन्होंने घोषणा की कि वे अगले दिन जोनवार और कमिश्नरेटवार आँकड़े भी सार्वजनिक करेंगे। यह दावा उन्होंने अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए किया, हालाँकि इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियाँ तेज हो रही हैं और ओबीसी-दलित समीकरण सभी दलों के लिए केंद्रीय मुद्दा बना हुआ है। राजभर का यह हमला भाजपा गठबंधन और सपा के बीच पिछड़े वर्गों की राजनीति पर बढ़ते टकराव को और पैना करता है। समाजवादी पार्टी की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।