24 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नासिक में कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने फसल नुकसान का किया जायजा, शनिवार तक राहत अधिसूचना का वादा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नासिक में कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने फसल नुकसान का किया जायजा, शनिवार तक राहत अधिसूचना का वादा

सारांश

कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने नासिक के धोंडवीरनगर में खेतों तक पहुँचकर अल नीनो और अनियमित बारिश से हुए फसल नुकसान का जायजा लिया। शनिवार तक राहत अधिसूचना जारी करने और पंचनामा तुरंत पूरा करने के निर्देश — लेकिन असली सवाल यह है कि वादा ज़मीन पर कितनी तेजी से उतरता है।

मुख्य बातें

कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने 24 सितंबर 2026 को नासिक के सिन्नर तालुका में फसल नुकसान का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
अल नीनो प्रभाव और अनियमित बारिश से महाराष्ट्र के कई इलाकों में खरीफ फसलों को नुकसान पहुँचा है।
राहत के लिए आवश्यक अधिसूचना शनिवार, 26 सितंबर तक जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
संबंधित अधिकारियों को पंचनामा और नुकसान आकलन तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पात्र किसानों को पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने में बाधा डालने वाले बैंकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने 24 सितंबर 2026 को नासिक जिले के सिन्नर तालुका के धोंडवीरनगर में खेतों में पहुँचकर प्राकृतिक आपदा और अनियमित बारिश से हुए फसल नुकसान का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित किसानों से सीधे संवाद कर जमीनी हालात का जायजा लिया और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

मुख्य घटनाक्रम

भरणे ने इस दौरे में अल नीनो के प्रभाव, बदलते मौसम और वर्षा की अनियमितता से फसलों को हुए व्यापक नुकसान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा, 'किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस कठिन समय में राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और नुकसानग्रस्त किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।'

इस निरीक्षण दौरे में विधायक एडवोकेट माणिकराव कोकाटे, कृषि आयुक्त सूरज मांढरे, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रवींद्र माने सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

राहत की समयसीमा और प्रशासनिक निर्देश

कृषि मंत्री भरणे ने स्पष्ट किया कि नुकसानग्रस्त किसानों को सहायता देने के लिए आवश्यक अधिसूचना शनिवार तक जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को पंचनामा और अन्य आवश्यक कार्रवाई तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि वे किसानों के दरवाजे तक पहुँचें और शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक सुनिश्चित करें — कोई भी किसान सहायता से वंचित न रहे।

सरकार की प्रतिक्रिया और उच्च स्तरीय दौरे

भरणे ने बताया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों ने भी राज्य के विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का स्वयं दौरा कर किसानों से सीधे संवाद किया है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के कई जिलों में मानसून की बेरुखी और अत्यधिक वर्षा के बीच खरीफ फसलों पर दोहरी मार पड़ी है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना सहित अनेक कल्याण योजनाओं के तहत पात्र किसानों को पहले से राहत पहुँचा रही है। मौजूदा प्राकृतिक संकट में इन योजनाओं के क्रियान्वयन को और तेज किया जाएगा।

आम जनता पर असर

सिन्नर तालुका और आसपास के क्षेत्रों में अनेक किसान परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है। कृषि मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने में बैंक स्तर पर कोई अड़चन न आए — और यदि कोई बैंक पात्र किसानों को बाधित करे तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

क्या होगा आगे

प्रशासनिक स्तर पर फसल नुकसान के आकलन की कार्रवाई जारी है और शनिवार, 26 सितंबर 2026 तक राहत अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि पंचनामा प्रक्रिया की गति ही यह तय करेगी कि किसानों तक सहायता कितनी जल्दी पहुँचती है। भरणे ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों को राहत और आधार देने के साथ ही फसल नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यक कदम उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन महाराष्ट्र में यह कोई नई रस्म नहीं — हर मानसून संकट के बाद मंत्री खेतों में जाते हैं, अधिसूचनाओं की बात होती है, और पंचनामे महीनों खिंच जाते हैं। असली पैमाना यह है कि शनिवार की अधिसूचना से किसानों के खाते तक पैसा पहुँचने में कितना वक्त लगता है। बैंकों को चेतावनी देना सही है, लेकिन बिना जवाबदेही तंत्र के यह भी कागज़ पर ही रह जाता है। राज्य में किसान आत्महत्याओं की पृष्ठभूमि में, राहत की रफ्तार ही सरकार की असली परीक्षा है।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने नासिक में क्या किया?
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने 24 सितंबर 2026 को नासिक के सिन्नर तालुका के धोंडवीरनगर में खेतों में पहुँचकर अल नीनो और अनियमित बारिश से हुए फसल नुकसान का प्रत्यक्ष जायजा लिया। उन्होंने किसानों से संवाद किया और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
नासिक के किसानों को राहत कब तक मिलेगी?
कृषि मंत्री भरणे के अनुसार नुकसानग्रस्त किसानों को सहायता देने के लिए आवश्यक अधिसूचना शनिवार, 26 सितंबर 2026 तक जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही पंचनामा और नुकसान आकलन की कार्रवाई तत्काल पूरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
फसल नुकसान की इस स्थिति के लिए कौन-से कारण जिम्मेदार हैं?
कृषि मंत्री ने अल नीनो के प्रभाव, तेजी से बदलते मौसम और वर्षा की अनियमितता को मुख्य कारण बताया है। इन्हीं वजहों से राज्य के कई हिस्सों में किसानों को प्राकृतिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों को सहायता देने में बैंक अड़चन डालें तो क्या होगा?
कृषि मंत्री भरणे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने में बाधा उत्पन्न करने वाले बैंकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना क्या है?
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना महाराष्ट्र सरकार की एक प्रमुख कल्याण योजना है जिसके तहत पात्र किसानों को कर्ज से राहत दी जाती है। मौजूदा प्राकृतिक संकट के दौरान इस योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित किसानों तक तेजी से पहुँचाने की कार्रवाई जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 59 मिनट पहले
  2. कल
  3. 5 दिन पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले