नासिक में कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने फसल नुकसान का किया जायजा, शनिवार तक राहत अधिसूचना का वादा
सारांश
मुख्य बातें
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने 24 सितंबर 2026 को नासिक जिले के सिन्नर तालुका के धोंडवीरनगर में खेतों में पहुँचकर प्राकृतिक आपदा और अनियमित बारिश से हुए फसल नुकसान का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित किसानों से सीधे संवाद कर जमीनी हालात का जायजा लिया और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
मुख्य घटनाक्रम
भरणे ने इस दौरे में अल नीनो के प्रभाव, बदलते मौसम और वर्षा की अनियमितता से फसलों को हुए व्यापक नुकसान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा, 'किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस कठिन समय में राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और नुकसानग्रस्त किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।'
इस निरीक्षण दौरे में विधायक एडवोकेट माणिकराव कोकाटे, कृषि आयुक्त सूरज मांढरे, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी रवींद्र माने सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
राहत की समयसीमा और प्रशासनिक निर्देश
कृषि मंत्री भरणे ने स्पष्ट किया कि नुकसानग्रस्त किसानों को सहायता देने के लिए आवश्यक अधिसूचना शनिवार तक जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को पंचनामा और अन्य आवश्यक कार्रवाई तत्काल पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि वे किसानों के दरवाजे तक पहुँचें और शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक सुनिश्चित करें — कोई भी किसान सहायता से वंचित न रहे।
सरकार की प्रतिक्रिया और उच्च स्तरीय दौरे
भरणे ने बताया कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों ने भी राज्य के विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का स्वयं दौरा कर किसानों से सीधे संवाद किया है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के कई जिलों में मानसून की बेरुखी और अत्यधिक वर्षा के बीच खरीफ फसलों पर दोहरी मार पड़ी है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमुक्ति योजना सहित अनेक कल्याण योजनाओं के तहत पात्र किसानों को पहले से राहत पहुँचा रही है। मौजूदा प्राकृतिक संकट में इन योजनाओं के क्रियान्वयन को और तेज किया जाएगा।
आम जनता पर असर
सिन्नर तालुका और आसपास के क्षेत्रों में अनेक किसान परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है। कृषि मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने में बैंक स्तर पर कोई अड़चन न आए — और यदि कोई बैंक पात्र किसानों को बाधित करे तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्या होगा आगे
प्रशासनिक स्तर पर फसल नुकसान के आकलन की कार्रवाई जारी है और शनिवार, 26 सितंबर 2026 तक राहत अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि पंचनामा प्रक्रिया की गति ही यह तय करेगी कि किसानों तक सहायता कितनी जल्दी पहुँचती है। भरणे ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों को राहत और आधार देने के साथ ही फसल नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यक कदम उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।