नवसारी बाढ़: कृषि मंत्री जीतू वाघाणी का दौरा, नुकसान सर्वे पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने गुरुवार, 30 जुलाई को नवसारी जिले के बाढ़ प्रभावित गाँवों का दौरा किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि नुकसान का सर्वे पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों को बिना देरी के राहत पहुँचाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मंत्रियों का जमीनी दौरा
वाघाणी ने गंडेवी तालुका के बाढ़ प्रभावित गाँवों — सोनवाड़ी, सलेज और गदत — का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरे में आदिवासी विकास मंत्री नरेश पटेल भी उनके साथ थे। दोनों मंत्रियों ने प्रभावित ग्रामीणों और किसानों से सीधे मुलाकात कर जमीनी हालात का जायजा लिया।
मंत्रियों ने घरों, बागों, फसलों और पशुओं को हुए नुकसान का आकलन किया। उन्होंने ग्रामीणों से राहत कार्यों और सर्वे की प्रगति पर सीधी प्रतिक्रिया भी ली।
जिला प्रशासन की जानकारी
जिला कलेक्टर मनीष गुरवानी ने मंत्रियों को भारी बारिश के बाद जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्रभावित परिवारों के नुकसान का आकलन करने के लिए चल रहे सर्वे की अद्यतन स्थिति भी साझा की।
समीक्षा बैठक और निर्देश
दौरे के बाद कृषि मंत्री वाघाणी ने संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित गाँव में घरों, फसलों और पशुओं के नुकसान का सर्वे पूर्ण पारदर्शिता और सटीकता के साथ किया जाए।
उन्होंने प्रशासन को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि हर प्रभावित व्यक्ति को राज्य सरकार के नियमों के तहत तत्काल सहायता मिल सके। वाघाणी ने कहा कि प्रभावित लोगों को सही और त्वरित मदद देना मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
दौरे में उपस्थित प्रमुख लोग
इस दौरे में नवसारी विधायक राकेश देसाई, जिला पंचायत अध्यक्ष निराली नायक, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी और सामुदायिक नेता उपस्थित थे। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब नवसारी जिले के कई हिस्सों में लगातार और भारी बारिश के कारण व्यापक नुकसान हुआ है।
आगे क्या होगा
सर्वे पूरा होने के बाद राज्य सरकार के नियमों के अनुसार प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरित किया जाएगा। प्रशासन को समयबद्ध सर्वे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राहत राशि में किसी प्रकार की देरी न हो।