ईरानी कप 2026: लक्ष्मी रतन शुक्ला बने ROI के बल्लेबाजी कोच, 1 अक्टूबर से श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर से भिड़ंत
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर लक्ष्मी रतन शुक्ला को आगामी ईरानी कप के लिए रेस्ट ऑफ इंडिया (ROI) टीम का बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया है। रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू-कश्मीर और ROI के बीच यह ऐतिहासिक मुकाबला 1 से 5 अक्टूबर 2026 तक श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में खेला जाएगा। यह पहली बार होगा जब जम्मू-कश्मीर अपने घरेलू मैदान पर प्रतिष्ठित ईरानी कप में उतरेगा।
लक्ष्मी रतन शुक्ला की नियुक्ति
46 वर्षीय लक्ष्मी रतन शुक्ला के लिए यह पहला मौका है जब उन्हें बीसीसीआई (BCCI) की किसी टीम के साथ कोचिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीसीसीआई सूत्रों के अनुसार, पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता देवाशीष मोहंती टीम के गेंदबाजी कोच होंगे, जबकि मिलाप मेवाड़ा को फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी दी गई है। गौरतलब है कि शुक्ला वर्तमान में बंगाल सीनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच हैं और पिछले रणजी सीजन में उनकी टीम सेमीफाइनल में जम्मू-कश्मीर से हारकर बाहर हुई थी — वही जम्मू-कश्मीर जो अंततः चैंपियन बनी।
शुक्ला का क्रिकेट करियर
लक्ष्मी रतन शुक्ला ने 1999 में भारत के लिए तीन वनडे मैच खेले थे। आईपीएल में वह कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स जैसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे हैं। एक खिलाड़ी से कोच बनने का उनका सफर घरेलू क्रिकेट में उनकी गहरी पकड़ और अनुभव को रेखांकित करता है।
ROI टीम की संरचना
रेस्ट ऑफ इंडिया की 15 सदस्यीय टीम की कप्तानी भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत करेंगे, जबकि सरफराज खान उपकप्तान होंगे। बल्लेबाजी में पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन के सर्वाधिक रन बनाने वाले कर्नाटक के स्मरण रविचंद्रन के अलावा सनत सांगवान, शिखर मोहन, सुदीप घरामी और आयुष दोसेजा को टीम में शामिल किया गया है। आर्यन जुयाल बैकअप विकेटकीपर होंगे।
गेंदबाजी आक्रमण
तेज गेंदबाजी की अगुआई मुकेश कुमार करेंगे, जिनका साथ मुकेश चौधरी और आर्यन पांडे देंगे। उल्लेखनीय है कि तेज गेंदबाज आकाश दीप भी टीम में शामिल हैं, जो पिछले सात महीनों से पीठ की चोट के कारण मैदान से दूर थे — हालाँकि उनका खेलना फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर करेगा। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी मानव सुथार, हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट पदार्पण करने वाले ऑफ स्पिनर सारांश जैन और बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर अनुकूल रॉय संभालेंगे।
ऐतिहासिक महत्व
यह मुकाबला इस मायने में विशेष है कि जम्मू-कश्मीर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने के बाद ईरानी कप में खेलेगा, और वह भी अपने घरेलू मैदान शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम पर। यह ऐसे समय में आया है जब कश्मीर में क्रिकेट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। आने वाले दिनों में यह टकराव घरेलू क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार पल बन सकता है।