ईरानी कप 2026: पंत ने 'फुलर लेंथ' रणनीति को बताया जीत का मंत्र, मुकेश कुमार की 6/33 की कहर
सारांश
मुख्य बातें
रेस्ट ऑफ इंडिया के कप्तान ऋषभ पंत ने 4 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में ईरानी कप जीतने के बाद खुलासा किया कि दूसरी पारी में 'फुलर लेंथ' गेंदबाज़ी की रणनीति ने जम्मू-कश्मीर की पारी को ध्वस्त कर दिया। रेस्ट ऑफ इंडिया ने रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू-कश्मीर को 167 रनों से हराकर यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया।
मैच का निर्णायक मोड़
जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी के आधार पर 41 रनों की बढ़त हासिल की थी, जिसके बाद रेस्ट ऑफ इंडिया पर दबाव था। लेकिन चौथे दिन लंच के बाद तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार ने 33 रन देकर 6 विकेट लेते हुए जम्मू-कश्मीर को 279 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए महज़ 111 रनों पर समेट दिया। यह रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए एक नाटकीय पलटवार था।
पंत की रणनीतिक स्वीकारोक्ति
बुखार के कारण मैदान पर न उतर पाए ऋषभ पंत ने पुरस्कार समारोह में स्वीकार किया कि पहली पारी में गेंदबाज़ तय रणनीति से भटक गए थे। पंत ने कहा, 'ज़्यादातर पहली पारी में भी फुलर लेंथ पर गेंदबाज़ी करने की ही योजना थी। गेंदबाज़ों के साथ हमारी यही बातचीत हुई थी कि हम लेंथ को थोड़ा आगे रखेंगे।' उन्होंने आगे कहा कि पहली पारी में ज़्यादा 'बैक ऑफ लेंथ' गेंदबाज़ी हुई, जिसे दूसरी पारी में सुधारा गया।
पंत के शब्दों में, 'हमें पता था कि हमारे गेंदबाज़ बहुत अच्छे हैं, लेकिन समस्या यह थी कि पहली पारी में हमने बहुत ज़्यादा बैक ऑफ लेंथ गेंदबाज़ी की थी। हमने इसे सुधारा और दूसरी पारी में लगातार फुलर लेंथ पर गेंदबाज़ी की।' गौरतलब है कि फुलर लेंथ गेंदें बल्लेबाज़ को आगे खेलने पर मजबूर करती हैं, जिससे एलबीडब्ल्यू और बोल्ड के अवसर बढ़ते हैं।
स्मरण की असाधारण पारियाँ
पंत ने युवा बल्लेबाज़ रविचंद्रन स्मरण की दोनों पारियों — 68 और 135 रन — की विशेष प्रशंसा की। पंत ने कहा, 'जैसा कि आपने स्मरण का ज़िक्र किया, उन्होंने दोनों पारियों में जिस तरह से खेला, मुझे लगता है कि वह शानदार पारी थी। खासकर तब जब हम दबाव में थे और दूसरी पारी में उन्होंने जिस तरह से खेला, वह वाकई जबरदस्त था।' स्मरण की ये पारियाँ रेस्ट ऑफ इंडिया को मुश्किल हालात से उबारने में निर्णायक साबित हुईं।
29वें जन्मदिन पर खास जीत
4 अक्टूबर को अपना 29वाँ जन्मदिन मनाने वाले पंत के लिए यह जीत और भी खास रही। उन्होंने कहा, 'जाहिर है कि जब आप जीतते हैं तो सारी तकलीफ और थकान दूर हो जाती है।' पंत ने यह भी कहा कि जब कोई योजना बनाई जाए और उस पर टिके रहा जाए, तो उसे सफल होते देखना बेहद संतोषजनक अनुभव होता है — खासकर तब जब मुक़ाबले की शुरुआत में पिछड़ना पड़ा हो।
आगे की राह
मुकेश कुमार के इस प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नज़रों में एक बार फिर स्थापित किया है, जबकि स्मरण की शतकीय पारी ने युवा प्रतिभाओं की गहराई को रेखांकित किया। ईरानी कप में रेस्ट ऑफ इंडिया की यह जीत घरेलू क्रिकेट के लिहाज़ से एक महत्वपूर्ण परिणाम है और आगामी चयन चर्चाओं में इन खिलाड़ियों के नाम शामिल होने की संभावना है।