ईरानी कप 2026: पारस डोगरा बोले — '167 रन की हार सीखने का मौका, रेस्ट ऑफ इंडिया ने कमाल किया'
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने 4 अक्टूबर 2026 को शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम, श्रीनगर में ईरानी कप के समापन के बाद स्वीकार किया कि रेस्ट ऑफ इंडिया के हाथों 167 रन की हार उनकी टीम के लिए एक बहुमूल्य सीख है, जो अब रणजी ट्रॉफी 2026-27 की तैयारियों में जुटेगी। रेस्ट ऑफ इंडिया ने शानदार टीम प्रदर्शन से यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया।
मैच का निर्णायक मोड़
पहली पारी में 41 रन की बढ़त हासिल करने के बाद मौजूदा रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू-कश्मीर का बल्लेबाजी क्रम चौथे दिन बिखर गया। 279 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पूरी टीम मात्र 111 रन पर सिमट गई।
रेस्ट ऑफ इंडिया की ओर से मुकेश कुमार ने 6 विकेट और आकाशदीप ने 3 विकेट लेकर जम्मू-कश्मीर की पारी ध्वस्त कर दी। गेंदबाजी के इस तेवर ने मैच का नतीजा बेहद स्पष्ट रूप से तय कर दिया।
स्मरण रविचंद्रन का करिश्मा
इस मैच को रेस्ट ऑफ इंडिया के पक्ष में पलटने में युवा बल्लेबाज स्मरण रविचंद्रन की भूमिका निर्णायक रही। उन्होंने दूसरी पारी में 135 रन की उल्लेखनीय पारी खेली और मुकेश चौधरी के साथ मिलकर 9वें विकेट के लिए 113 रन की मैच-बदलने वाली साझेदारी की।
डोगरा ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी में स्मरण की तारीफ करते हुए कहा, 'सारा श्रेय स्मरण को जाता है। उन्होंने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। मुझे नहीं लगता कि इसके लिए कोई शब्द है, और फिर आकाश और मुकेश ने भी बेहतरीन गेंदबाजी की।'
कप्तान डोगरा की प्रतिक्रिया
मैच के बाद हुई प्रेजेंटेशन सेरेमनी में पारस डोगरा ने कहा, 'यह सच में एक अच्छा मैच था। उन्होंने बहुत अच्छा खेला। यह हमारे लिए सीखने का मौका था और खिलाड़ियों ने इससे अच्छी बातें सीखी हैं। इसका श्रेय रेस्ट ऑफ इंडिया को जाता है।'
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर पिछले सीजन की रणजी ट्रॉफी जीत के बाद ऊँची उम्मीदों के साथ ईरानी कप में उतरी थी। गौरतलब है कि पहली पारी में बढ़त के बावजूद चौथे दिन बल्लेबाजी का इस तरह बिखरना एक ऐसी कमज़ोरी की ओर इशारा करता है जिसे टीम प्रबंधन को रणजी सीजन से पहले दुरुस्त करना होगा।
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट की प्रगति और मिथुन मन्हास का योगदान
डोगरा ने जम्मू-कश्मीर के घरेलू क्रिकेट ढाँचे में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए इसका श्रेय पूर्व बल्लेबाज और वर्तमान बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास को दिया। उन्होंने कहा, 'सब कुछ तब शुरू हुआ जब मिथुन मन्हास आए और टीम की कमान संभाली। मैं सच में शुक्रगुजार हूँ कि उन्होंने मुझे इस टीम की अगुवाई करने का मौका दिया। मैनेजमेंट, सिलेक्टर, हर कोई हमारा साथ दे रहा है।'
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) के प्रशासनिक सुधारों ने पिछले कुछ वर्षों में टीम की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को काफी बढ़ाया है, जिसकी परिणति रणजी खिताब जीत के रूप में सामने आई थी।
आगे का रास्ता — रणजी ट्रॉफी की चुनौती
जम्मू-कश्मीर अब 11 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर में मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी खिताब के बचाव से अपना अभियान शुरू करेगा। डोगरा ने कहा, 'आने वाले सीजन का बेसब्री से इंतजार है।' ईरानी कप की इस हार से मिले सबक रणजी अभियान में टीम को और मजबूत बना सकते हैं।