4 अक्टूबर 2026
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रेस्ट ऑफ इंडिया ने 167 रन से जीता ईरानी कप, स्मरण की 135 रनों की पारी रही निर्णायक

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रेस्ट ऑफ इंडिया ने 167 रन से जीता ईरानी कप, स्मरण की 135 रनों की पारी रही निर्णायक

सारांश

श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में रेस्ट ऑफ इंडिया ने 167 रन की शानदार जीत के साथ 31वाँ ईरानी कप अपने नाम किया। रविचंद्रन स्मरण की दोनों पारियों में कुल 203 रन और मुकेश चौधरी के साथ नौवें विकेट की 113 रन की साझेदारी इस जीत की असली नींव बनी।

मुख्य बातें

रेस्ट ऑफ इंडिया ने 4 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर को 167 रनों से हराकर 31वाँ ईरानी कप खिताब जीता।
रविचंद्रन स्मरण ने दोनों पारियों में 68 और 135 रन बनाए और 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए।
स्मरण और मुकेश चौधरी के बीच नौवें विकेट की 113 रनों की साझेदारी ने जम्मू-कश्मीर के सामने 279 रनों का लक्ष्य रखा।
स्मरण के माता-पिता और बचपन के कोच सैयद जबीउल्ला मैच में मौजूद रहे।
स्मरण 11 अक्टूबर को विजयवाड़ा में आंध्र के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक की कप्तानी करेंगे।

रेस्ट ऑफ इंडिया ने 4 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी चैंपियन जम्मू-कश्मीर को 167 रनों से हराकर अपना 31वाँ ईरानी कप खिताब अपने नाम किया। बाएँ हाथ के बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण 'प्लेयर ऑफ द मैच' रहे, जिन्होंने दोनों पारियों में संकट से टीम को उबारते हुए कुल 203 रन (68 और 135) बनाए।

मुख्य घटनाक्रम

स्मरण की दूसरी पारी की सेंचुरी और मुकेश चौधरी के साथ नौवें विकेट के लिए 113 रनों की साझेदारी ने जम्मू-कश्मीर के सामने 279 रनों का लक्ष्य खड़ा किया। यह लक्ष्य जम्मू-कश्मीर की टीम के लिए अंततः अजेय साबित हुआ और वह पूरी तरह ढेर हो गई।

यह ऐसे समय में आया है जब रेस्ट ऑफ इंडिया ने रणजी ट्रॉफी के ताज़ा चैंपियन के खिलाफ दोनों पारियों में कठिन परिस्थितियों का सामना किया था। स्मरण की पहली पारी में 68 और दूसरी पारी में 135 रनों की पारियाँ टीम के लिए रीढ़ की हड्डी बनीं।

स्मरण का बयान — शांत सोच का रहस्य

पुरस्कार समारोह में स्मरण ने अपनी मानसिक दृढ़ता का श्रेय कर्नाटक में घरेलू क्रिकेट के अंडर-23 स्तर पर मिले लंबे अनुभव को दिया। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक में घर पर, अंडर-23 स्तर पर ऐसी पारियाँ खेलने का अनुभव यहाँ बल्लेबाजी करते समय काम आया। जाहिर है, मुकेश मेरे साथ थे और उस साझेदारी में उन्होंने भी बहुत अहम भूमिका निभाई।'

मौके की गंभीरता के बावजूद स्मरण ने जानबूझकर उसे सामान्य मैच की तरह लिया। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मैं इसे कोई बहुत बड़ा मैच नहीं मानता। मैं बस हर मैच को एक जैसा मानता हूँ और जब भी मैदान पर उतरता हूँ तो अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूँ।'

रणनीति और बल्लेबाजी शैली

जब उनसे मैच के दौरान रणनीति में बदलाव के बारे में पूछा गया तो स्मरण ने कहा कि दोनों पारियों में उनका रवैया एक जैसा रहा — सकारात्मक क्रिकेट खेलना और गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखना। उन्होंने कहा, 'पहली पारी में भी मेरा रवैया वही था। मकसद बस सकारात्मक क्रिकेट खेलना और गेंदबाजों पर दबाव बनाना था।'

प्रसारण के दौरान दिखाए गए एक ग्राफिक — जिसमें ऑफ-स्टंप के बाहर उनकी स्कोरिंग क्षमता को उजागर किया गया था — पर स्मरण ने माना कि यह उनकी प्राकृतिक ताकत है। उन्होंने कहा, 'ऑफ-स्टंप के बाहर खेलना मेरी ताकत है और ऑफ-स्टंप के बाहर कोई भी खराब गेंद मिलने पर मैंने उस पर बाउंड्री लगाई।'

परिवार और कोच की मौजूदगी

यह पारी और भी यादगार इसलिए रही क्योंकि स्मरण के माता-पिता और उनके बचपन के कोच सैयद जबीउल्ला शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में उन्हें प्रत्यक्ष रूप से खेलते देखने के लिए मौजूद थे। इस माहौल ने स्मरण के प्रदर्शन को और भी भावनात्मक रंग दिया।

आगे क्या

रविचंद्रन स्मरण अब 11 अक्टूबर को विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मैच में कर्नाटक की कप्तानी करेंगे। ईरानी कप में उनके इस प्रदर्शन ने निश्चित रूप से उन्हें राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नज़र में ला दिया होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरानी कप 2026 किसने जीता?
रेस्ट ऑफ इंडिया ने 4 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में जम्मू-कश्मीर को 167 रनों से हराकर ईरानी कप 2026 जीता। यह रेस्ट ऑफ इंडिया का 31वाँ ईरानी कप खिताब है।
रविचंद्रन स्मरण ने ईरानी कप में कितने रन बनाए?
रविचंद्रन स्मरण ने ईरानी कप में दोनों पारियों में कुल 203 रन बनाए — पहली पारी में 68 और दूसरी पारी में 135 रन। उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
स्मरण और मुकेश चौधरी की साझेदारी ने मैच में क्या भूमिका निभाई?
स्मरण और मुकेश चौधरी ने नौवें विकेट के लिए 113 रनों की अहम साझेदारी की, जिसने जम्मू-कश्मीर के सामने चौथी पारी में 279 रनों का लक्ष्य रखा। यह लक्ष्य जम्मू-कश्मीर की टीम के लिए अजेय साबित हुआ।
स्मरण दबाव में शांत कैसे रहे?
स्मरण ने अपनी मानसिक शांति का श्रेय कर्नाटक में अंडर-23 स्तर पर मिले घरेलू क्रिकेट के लंबे अनुभव को दिया। उन्होंने कहा कि वे हर मैच को एक जैसा मानते हैं और इसी सोच से उन्हें बड़े मैचों में भी दबाव से मुक्त रहकर खेलने में मदद मिली।
ईरानी कप के बाद स्मरण का अगला मैच कब और कहाँ है?
रविचंद्रन स्मरण 11 अक्टूबर को विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मैच में कर्नाटक की कप्तानी करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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