13 जुलाई 2026
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लक्ष्मी रतन शुक्ला 2026-27 सत्र में भी बंगाल सीनियर टीम के हेड कोच, तिवारी-साहा-मजूमदार को युवा टीमों की कमान

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लक्ष्मी रतन शुक्ला 2026-27 सत्र में भी बंगाल सीनियर टीम के हेड कोच, तिवारी-साहा-मजूमदार को युवा टीमों की कमान

सारांश

कैब ने स्वतंत्र स्क्रीनिंग के बाद लक्ष्मी रतन शुक्ला को बंगाल सीनियर टीम का हेड कोच बनाए रखा — रणजी सेमीफाइनल हार के बाद उठे सवालों को दरकिनार करते हुए। मनोज तिवारी, ऋद्धिमान साहा और अनुस्तुप मजूमदार जैसे दिग्गज अब बंगाल की युवा पीढ़ी को तराशेंगे।

मुख्य बातें

लक्ष्मी रतन शुक्ला को 2026-27 घरेलू सत्र के लिए बंगाल सीनियर पुरुष टीम का हेड कोच बनाए रखा गया है।
सुरेंद्र भावे — 97 प्रथम श्रेणी मैचों में 7,971 रन और 2011 विश्व कप चयन समिति के सदस्य — सहायक कोच बने।
मनोज तिवारी को बंगाल अंडर-19 और ऋद्धिमान साहा को अंडर-23 टीम की कोचिंग जिम्मेदारी मिली।
अनुस्तुप मजूमदार — 103 प्रथम श्रेणी मैचों में 5,962 रन — अंडर-16 टीम के मुख्य कोच नियुक्त।
स्क्रीनिंग पैनल में अरुण लाल , देवांग गांधी और कल्याण चौधरी शामिल थे।

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) ने भारत के पूर्व ऑलराउंडर लक्ष्मी रतन शुक्ला को आगामी घरेलू सत्र 2026-27 के लिए बंगाल सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम का हेड कोच बनाए रखने की पुष्टि की है। गुरुवार, 28 मई 2026 को एक स्वतंत्र स्क्रीनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह निर्णय सामने आया। महाराष्ट्र के पूर्व बल्लेबाज सुरेंद्र भावे सहायक कोच के रूप में टीम से जुड़ेंगे।

स्क्रीनिंग प्रक्रिया और कैब का फैसला

कैब ने 24 अप्रैल को कोचिंग के विभिन्न पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे, जिससे यह अटकलें तेज हो गई थीं कि शुक्ला का कार्यकाल समाप्त किया जा सकता है। इस अनिश्चितता के पीछे रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ बंगाल की हार भी एक कारण बताई जा रही थी।

हालाँकि, स्वतंत्र स्क्रीनिंग पैनल — जिसमें अरुण लाल, देवांग गांधी और कल्याण चौधरी शामिल थे — ने विस्तृत साक्षात्कार के बाद शुक्ला को उनके पद पर बनाए रखने की सिफारिश की। कैब द्वारा जारी बयान में कहा गया, 'यह मूल्यांकन पूरी तरह से स्वतंत्र रूप और विस्तृत इंटरव्यू के जरिए किया गया। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष, योग्यता-आधारित और बिना किसी भेदभाव के हो।'

शुक्ला का अब तक का सफर

लक्ष्मी रतन शुक्ला 2022 से बंगाल सीनियर पुरुष टीम के हेड कोच हैं। उनके मार्गदर्शन में बंगाल ने 2022-23 में रणजी ट्रॉफी के फाइनल तक का सफर तय किया और दो बार सेमीफाइनल में भी जगह बनाई। यह रिकॉर्ड उनकी निरंतरता का प्रमाण है, भले ही इस सत्र का सेमीफाइनल निराशाजनक रहा।

सुरेंद्र भावे: अनुभवी बल्लेबाज़ी सलाहकार

सुरेंद्र भावे ने 97 प्रथम श्रेणी मैचों में 58.18 की औसत से 7,971 रन बनाए हैं। वह उस चयन समिति का हिस्सा रहे हैं जिसने 2011 वनडे विश्व कप विजेता भारतीय टीम का चयन किया था। बतौर कोच वह महाराष्ट्र, पंजाब और ओडिशा की घरेलू टीमों को अपनी सेवाएँ दे चुके हैं, और बंगाल में बैटिंग कंसल्टेंट की भूमिका निभाएंगे।

तिवारी, साहा और मजूमदार को युवा टीमों की ज़िम्मेदारी

बंगाल क्रिकेट के पूर्व कप्तान और भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी अपने कोचिंग करियर की शुरुआत कर रहे हैं। उन्हें बंगाल पुरुष अंडर-19 टीम का मुख्य कोच बनाया गया है, जबकि दत्तात्रेय मुखर्जी सहायक कोच होंगे।

भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा बंगाल पुरुष अंडर-23 टीम के मुख्य कोच के रूप में अपनी भूमिका जारी रखेंगे और सबीर अली उनके सहायक कोच होंगे।

अनुस्तुप मजूमदार को बंगाल पुरुष अंडर-16 टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। उनके सहायक कोच के रूप में गौतम शोम (जूनियर) की नियुक्ति हुई है। मजूमदार ने बंगाल के लिए 103 प्रथम श्रेणी मैचों में 41.40 की औसत से 5,962 रन बनाए हैं।

2026-27 सत्र में बंगाल का घरेलू कार्यक्रम

रणजी ट्रॉफी 2026-27 में बंगाल को झारखंड, महाराष्ट्र, सर्विसेज, गुजरात, केरल, दिल्ली और ओडिशा के साथ एक ग्रुप में रखा गया है। सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में बंगाल ग्रुप ए में है, जिसमें मौजूदा चैंपियन झारखंड, राजस्थान, बड़ौदा, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, कर्नाटक और मिजोरम शामिल हैं। विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल ग्रुप डी में कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, केरल, त्रिपुरा, ओडिशा, असम और पुडुचेरी के साथ खेलेगा। नई कोचिंग टीम के सामने इन तीनों टूर्नामेंट में बंगाल को शीर्ष पर पहुँचाने की कड़ी चुनौती होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल खुला रहता है कि स्वतंत्र पैनल की सिफारिश और कैब के पिछले रुख में बदलाव का असली कारण क्या था। तिवारी, साहा और मजूमदार जैसे अनुभवी नामों को जूनियर टीमों की जिम्मेदारी देना बंगाल क्रिकेट की पाइपलाइन को मजबूत करने की दिशा में सही कदम है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या यह कोचिंग ढाँचा 2026-27 में बंगाल को रणजी ट्रॉफी के खिताब तक पहुँचा पाता है, जो 2022-23 के फाइनल के बाद से अधूरा सपना बना हुआ है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लक्ष्मी रतन शुक्ला को बंगाल का हेड कोच क्यों बनाए रखा गया?
कैब द्वारा गठित स्वतंत्र स्क्रीनिंग पैनल ने विस्तृत साक्षात्कार के बाद शुक्ला को उनके पद पर बनाए रखने की सिफारिश की। शुक्ला 2022 से बंगाल के हेड कोच हैं और उनके कार्यकाल में टीम ने 2022-23 में रणजी फाइनल और दो बार सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सुरेंद्र भावे बंगाल टीम में क्या भूमिका निभाएंगे?
सुरेंद्र भावे बंगाल सीनियर पुरुष टीम के सहायक कोच और बैटिंग कंसल्टेंट होंगे। उन्होंने 97 प्रथम श्रेणी मैचों में 58.18 की औसत से 7,971 रन बनाए हैं और महाराष्ट्र, पंजाब व ओडिशा को कोचिंग देने का अनुभव रखते हैं।
मनोज तिवारी को कौन-सी कोचिंग जिम्मेदारी मिली है?
बंगाल क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मनोज तिवारी को बंगाल पुरुष अंडर-19 टीम का मुख्य कोच बनाया गया है। यह उनके कोचिंग करियर की शुरुआत है और दत्तात्रेय मुखर्जी उनके सहायक कोच होंगे।
2026-27 सत्र में बंगाल रणजी ट्रॉफी में किन टीमों के साथ खेलेगा?
रणजी ट्रॉफी 2026-27 में बंगाल को झारखंड, महाराष्ट्र, सर्विसेज, गुजरात, केरल, दिल्ली और ओडिशा के साथ एक ग्रुप में रखा गया है। सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में बंगाल ग्रुप ए में मौजूदा चैंपियन झारखंड सहित अन्य टीमों के साथ है।
अनुस्तुप मजूमदार कौन हैं और उन्हें क्या जिम्मेदारी मिली?
अनुस्तुप मजूमदार बंगाल के अनुभवी बल्लेबाज हैं जिन्होंने 103 प्रथम श्रेणी मैचों में 41.40 की औसत से 5,962 रन बनाए हैं। उन्हें बंगाल पुरुष अंडर-16 टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है और गौतम शोम (जूनियर) उनके सहायक कोच होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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