गुजरात का AI ग्रीन सिटीजन स्कोर ऐप लॉन्च, पर्यावरण गतिविधियों पर मिलेंगे ग्रीन पॉइंट्स
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने 24 सितंबर 2026 को गांधीनगर से एक अभिनव एआई आधारित मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसके ज़रिए राज्य के नागरिक अपनी पर्यावरण हितैषी गतिविधियों को डिजिटल रूप से दर्ज कर सकेंगे और सत्यापन के बाद ग्रीन पॉइंट्स अर्जित करेंगे। यह ऐप प्रत्येक नागरिक का एक ग्रीन सिटीजन स्कोर तैयार करता है, जो उनके समग्र पर्यावरण योगदान का डिजिटल प्रमाण बनेगा।
ऐप क्या है और किसने बनाया
'एआई ग्रीन सिटीजन स्कोर ऐप' को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अंतर्गत कार्यरत गुजरात इंफॉर्मेटिक्स लिमिटेड (जीआईएल) ने विकसित किया है। यह प्लेटफॉर्म पौधारोपण, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल परिवहन जैसी गतिविधियों में नागरिकों की भागीदारी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करता है।
गतिविधियों के सत्यापन के लिए ऐप एआई तकनीक का उपयोग करता है। जहाँ आवश्यक हो, वहाँ फोटो और लोकेशन डेटा के माध्यम से गतिविधि की पुष्टि की जाती है। एक बार सत्यापन पूरा होने पर ग्रीन पॉइंट्स नागरिक के खाते में जुड़ जाते हैं।
मुख्य विशेषताएँ और पात्र गतिविधियाँ
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने बताया, "इस प्लेटफॉर्म के ज़रिए नागरिक पौधारोपण, कचरे को अलग करना और रीसाइक्लिंग, प्लास्टिक इकट्ठा करना, जल संरक्षण, पैदल चलना, साइकिल चलाना, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल, कारपूलिंग और समुदाय आधारित पर्यावरण गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं। योग्य गतिविधियों पर नागरिकों को ग्रीन पॉइंट्स मिल सकते हैं, जिससे वे अपनी पर्यावरण गतिविधियों और कुल ग्रीन स्कोर को ट्रैक कर सकेंगे।"
ऐप में ग्रीन मोबिलिटी श्रेणी के अंतर्गत पैदल चलना, साइकिल चलाना, सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को विशेष मान्यता दी गई है। इसके अलावा नागरिक पर्यावरण अभियानों को खोजकर उनमें सीधे भाग भी ले सकते हैं।
तकनीकी ढाँचा और एआई की भूमिका
मोढवाडिया ने स्पष्ट किया, "प्लेटफॉर्म गतिविधियों के सत्यापन में मदद के लिए एआई आधारित फीचर्स का इस्तेमाल करता है। एआई ग्रीन असिस्टेंट पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों, अभियानों और ग्रीन पॉइंट्स के बारे में भी जानकारी देता है।" ऐप में एक्टिविटी हिस्ट्री का विकल्प भी मौजूद है, जहाँ यूज़र अपनी दर्ज गतिविधियाँ, सत्यापन की स्थिति और अर्जित पॉइंट्स एक जगह देख सकते हैं।
लीडरबोर्ड फीचर नागरिकों को अन्य यूज़र्स की तुलना में अपनी प्रगति देखने का अवसर देता है, जिससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सामुदायिक प्रेरणा बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य और आगे की राह
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पी. भारती ने कहा, "इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण के लिए लोगों की भागीदारी को आसान, मापने योग्य और रोचक बनाना है। साथ ही नागरिकों और समुदायों को अपने रोज़मर्रा के जीवन में पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।"
एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस ऐप को डिजिटल 'ग्रीन डायरी' की संज्ञा दी — एक ऐसा मंच जो सत्यापित पर्यावरण गतिविधियों को रिकॉर्ड करता है और नागरिकों को एक स्वच्छ, अधिक टिकाऊ गुजरात के निर्माण में अपने व्यक्तिगत योगदान को मापने का ज़रिया देता है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब देशभर में स्मार्ट गवर्नेंस और पर्यावरण जागरूकता को एक साथ बढ़ावा देने के प्रयास तेज़ हो रहे हैं।