मिशन ग्रीन दिल्ली: डीडीए ने गुलमोहर पार्क में लगाए 55 पौधे, 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को मिला बल
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 23 जुलाई 2026 को गुलमोहर पार्क, नई दिल्ली में 'हरित दिल्ली अभियान' वृक्षारोपण कार्यक्रम 2026–27 का आयोजन किया, जिसके तहत लगभग 55 पौधे लगाए गए। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' आह्वान से प्रेरित 'मिशन ग्रीन दिल्ली' पहल का हिस्सा है। स्थानीय निवासियों की सक्रिय भागीदारी के साथ आयोजित इस कार्यक्रम को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक व्यावहारिक कदम माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
एयर कमोडोर रंजन मुखर्जी ने बताया कि इस कार्यक्रम में लगभग 55 पौधे लगाए गए। उन्होंने कहा कि यह डीडीए की 'ग्रीन दिल्ली' अभियान के अंतर्गत एक विशेष पहल है, जो प्रधानमंत्री मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' के राष्ट्रीय आह्वान से प्रेरणा लेती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस स्लोगन को कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों की टोपियों पर भी देखा जा सकता था और बड़ी संख्या में सुबह टहलने आने वाले लोगों ने इसमें हिस्सा लिया।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
सर्वोच्च न्यायालय के वकील विराग गुप्ता ने कहा, 'ऐसे समय में जब दुनिया भर में तापमान बढ़ रहा है और जलवायु संकट गहराता जा रहा है, मॉनसून के मौसम में पेड़ लगाना एक अच्छी परंपरा है। हमारी परंपराओं और साहित्य में, जिसमें कालिदास का 'मेघदूत' भी शामिल है, पेड़ लगाने का बहुत महत्व है।' उन्होंने नई पीढ़ी और बच्चों को प्रकृति से जोड़ने पर विशेष बल दिया, यह कहते हुए कि इससे न केवल मानव स्वास्थ्य बल्कि पृथ्वी के स्वास्थ्य को भी लाभ होगा।
गुप्ता ने आगे कहा, 'जब हम धरती माता से जुड़ते हैं तो हमारे अंदर बहुत तरीके की अच्छी भावनाएं पैदा होती हैं। एक पौधा हजारों बच्चों के बराबर होता है। पेड़ से फल, फूल और छाया मिलती है।' उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पौधे लगाएं और उनकी देखरेख करें ताकि एक हरी-भरी धरती का निर्माण हो सके।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता श्याम जाजू ने कहा, 'प्रदूषण की समस्या का समाधान खोजने के लिए कोई काम नहीं कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डीडीए ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को लागू करने की बहुत अच्छी पहल की है।' जाजू ने कहा कि स्थानीय निवासियों की भागीदारी और डीडीए के सहयोग से गुलमोहर पार्क में यह वृक्षारोपण किया जा रहा है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली प्रतिवर्ष सर्दियों में गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में आती है और शहर के हरित आवरण को बढ़ाने की माँग लंबे समय से उठती रही है। गौरतलब है कि मॉनसून का मौसम वृक्षारोपण के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है, क्योंकि इस दौरान पौधों के जीवित रहने की दर अधिक होती है। स्थानीय निवासियों की सहभागिता इस अभियान को दीर्घकालिक रूप से प्रभावी बनाने में सहायक हो सकती है।
क्या होगा आगे
'हरित दिल्ली अभियान' वृक्षारोपण कार्यक्रम 2026–27 के तहत इस प्रकार के आयोजन आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। डीडीए और स्थानीय समुदायों के संयुक्त प्रयास से दिल्ली के हरित क्षेत्र में विस्तार का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पौधरोपण के साथ-साथ उनकी दीर्घकालिक देखभाल सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।