दिल्ली: डीडीए ने 23 लाख पौधों के लक्ष्य में से 6.62 लाख रोपे, सितंबर तक चलेगा मेगा अभियान
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने उपराज्यपाल टीएस संधू के निर्देशन में चल रहे मेगा वृक्षारोपण अभियान के तहत कुछ ही दिनों में 6.62 लाख से अधिक पौधे रोप दिए हैं। 19 जुलाई 2026 को एक अधिकारी ने बताया कि यह इस सीजन के 23 लाख पौधों के निर्धारित लक्ष्य का लगभग 30 प्रतिशत है। यह अभियान जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में शुरू हुआ और सितंबर 2026 के मध्य तक जारी रहेगा।
अभियान की पृष्ठभूमि और शुभारंभ
7 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत 70 लाख वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया, जिसमें डीडीए का 23 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य शामिल है। गौरतलब है कि डीडीए के अध्यक्ष के रूप में उपराज्यपाल संधू ने विभाग को पारिस्थितिक बहाली, पर्यावरण स्थिरता और दिल्ली की हरित अवसंरचना के विस्तार के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया था।
कहाँ-कहाँ हो रहा है वृक्षारोपण
यह अभियान दिल्ली के कई महत्वपूर्ण हरित क्षेत्रों में एक साथ संचालित किया जा रहा है। इनमें डीडीए के 675 पार्क, चार रिज क्षेत्र — दक्षिण मध्य रिज, नानकपुरा रिज, मध्य रिज और उत्तरी रिज — तथा छह जैव विविधता पार्क शामिल हैं। रोपण में स्थानीय और जलवायु-प्रतिरोधी प्रजातियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
पर्यावरणीय उद्देश्य
आधिकारिक बयान के अनुसार, इस अभियान के कई दीर्घकालिक पर्यावरणीय लक्ष्य हैं — जैव विविधता में वृद्धि, कार्बन पृथक्करण क्षमता को मजबूत करना, सूक्ष्म जलवायु विनियमन में सुधार और दिल्ली की हरित प्रणालियों में पारिस्थितिक संपर्क बढ़ाना। इसके अलावा वायु गुणवत्ता, भूजल पुनर्भरण, पर्यावास निर्माण और समग्र शहरी जीवन स्तर में सुधार की भी उम्मीद जताई गई है।
जनभागीदारी और साझेदारी
अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए डीडीए ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक संगठनों, स्वयंसेवी समूहों और कॉर्पोरेट संस्थानों के साथ साझेदारी की है। उपराज्यपाल ने यह भी निर्देश दिया है कि लगाए गए पौधों की जीवित रहने की दर सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों द्वारा निरंतर निगरानी की जाए।
आगे क्या
सितंबर 2026 के मध्य तक चलने वाले इस अभियान में शेष 70 प्रतिशत लक्ष्य यानी लगभग 16.38 लाख पौधे और रोपे जाने हैं। दिल्ली की बढ़ती वायु प्रदूषण समस्या के मद्देनज़र यह अभियान शहर के दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।