दिल्ली में 'एक पेड़ मां के नाम 2.0': सिरसा और मल्होत्रा ने किया पौधरोपण, 10 साल का वन्यजीव मास्टर प्लान जारी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और केंद्रीय राज्यमंत्री एवं दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 20 अगस्त 2026 को 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान के तहत पीबीजी ग्राउंड, नई दिल्ली में पौधरोपण किया। इस कार्यक्रम में BJP के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मंत्री सिरसा ने इस अवसर पर दिल्ली के लिए एक 10 वर्षीय वन्यजीव मास्टर प्लान की भी जानकारी दी।
अभियान की वर्तमान स्थिति
मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान की शुरुआत दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में की गई। उन्होंने कहा कि अब तक इस अभियान के तहत 50 लाख पेड़ और पौधे लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 15 लाख पेड़ और पौधे वन विभाग द्वारा लगाए गए हैं। इससे पहले, दिल्ली सरकार ने पूरे शहर में 70 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
वन्यजीव मास्टर प्लान की मुख्य बातें
मंत्री सिरसा ने बताया कि दिल्ली सरकार ने वन्यजीवों की सुरक्षा और उनकी संख्या बढ़ाने के लिए एक व्यापक वन्यजीव मास्टर प्लान तैयार किया है। उन्होंने कहा, 'यह प्लान इस बात पर केंद्रित है कि वन्यजीवों को कैसे बचाया और बढ़ाया जाए और उनके सामने आने वाले खतरों और चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए।' दिल्ली में तेंदुए, हिरण और अन्य कई प्रजातियाँ मौजूद हैं। इस योजना में जलाशय विकसित करने और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास एवं भोजन स्रोतों के विस्तार की रूपरेखा शामिल है, ताकि वन्यजीव सड़कों पर न आएँ।
सरकार की पर्यावरण नीति पर भाजपा का पक्ष
केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि दिल्ली में सरकार बनने के बाद से हर क्षेत्र में '360 डिग्री विकास' हो रहा है। उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने पर्यावरण के नाम पर केवल 'शोर' मचाया और आरोप-प्रत्यारोप में समय बर्बाद किया, लेकिन ठोस काम नहीं किया। मल्होत्रा ने BJP नेता पवन राणा के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों की भी सराहना की।
आगे की राह
दिल्ली सरकार का यह वन्यजीव मास्टर प्लान अगले 10 वर्षों की कार्ययोजना को परिभाषित करता है। इसमें वन्यजीवों के आवास में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जलाशय निर्माण और अन्य आवश्यक उपाय शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली के शहरी विस्तार के कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले महीनों में इस योजना के क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।