विश्व पर्यावरण दिवस: CM योगी ने लगाया आम का पौधा, 9 वर्षों में UP में 242 करोड़ पौधरोपण का दावा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत आम का पौधा रोपा। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण बचेगा तो प्रकृति बचेगी और प्रकृति बचेगी तो समस्त जीव सृष्टि भी बचेगी।
9 वर्षों में 242 करोड़ पौधरोपण का दावा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के साथ ही वन महोत्सव के अवसर पर 5 करोड़ पौधरोपण कार्यक्रम की जिम्मेदारी उठाई गई थी। उस समय न पर्याप्त नर्सरी थी और न ही इतने बड़े अभियान का अनुभव, फिर भी वन एवं संबद्ध विभागों ने उल्लेखनीय कार्य किया। उनके अनुसार, बीते 9 वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे राज्य का वन आवरण (फॉरेस्ट कवर) भी बढ़ा है।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान और पौधरोपण महाभियान
योगी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन वर्ष पूर्व प्रकृति व मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता स्वरूप 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का शुभारंभ किया था। इसी कड़ी में 5 जून से प्रदेश में पौधरोपण महाभियान प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से पौधे लगाने और उनके संरक्षण की अपील की।
प्लास्टिक मुक्त प्रदेश और माटी कला बोर्ड
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार गांव, शहर, जनपद और पूरे प्रदेश को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में कार्यरत है। सिंगल यूज प्लास्टिक को हतोत्साहित कर उसके विकल्प के रूप में मिट्टी के बर्तनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए माटी कला बोर्ड की स्थापना की गई है। अप्रैल से जून तक प्रजापति व कुम्हार समाज के लोगों को गांव-शहर के तालाबों से निशुल्क मिट्टी उपलब्ध कराई जा रही है और उन्हें मैन्युअल के साथ-साथ सोलर व इलेक्ट्रिक चाक भी दिए गए हैं।
जल संरक्षण और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग
जल संरक्षण के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं। विकास प्राधिकरण ने निर्धारित क्षेत्रफल से बड़े आवासीय भवनों और वाणिज्यिक परिसरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम के उद्घोष 'जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी' का उल्लेख करते हुए कहा कि मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण हर नागरिक का सर्वोच्च दायित्व है। आने वाले समय में ग्लोबल वार्मिंग, क्लाइमेट चेंज और मौसम चक्र में परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार के प्रयास जारी रहेंगे।