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यूपी में 12 जुलाई को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान: एक दिन में लगेंगे 35 करोड़ पौधे, CM योगी ने किया जनप्रतिनिधियों से संवाद

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यूपी में 12 जुलाई को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान: एक दिन में लगेंगे 35 करोड़ पौधे, CM योगी ने किया जनप्रतिनिधियों से संवाद

सारांश

उत्तर प्रदेश में 12 जुलाई को एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है — यह महज़ एक सरकारी आँकड़ा नहीं, बल्कि 9 वर्षों में 247 करोड़ पौधों की नींव पर खड़ा जनआंदोलन है। CM योगी ने 72 हजार जनप्रतिनिधियों को सीधे इस अभियान की धुरी बनाया है।

मुख्य बातें

12 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक दिन में 35 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे।
CM योगी आदित्यनाथ ने 6 जुलाई को प्रदेश के 72 हजार से अधिक जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल संवाद किया।
विगत 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 247 करोड़ से अधिक पौधे रोपित; वन एवं उद्यान विभाग के पास अब 57 करोड़ पौधों का भंडार।
इस वर्ष महर्षि चरक औषधि वन , समरस वन , कपि वन सहित अनेक नवीन वन स्थापित किए जाएंगे।
गरीब परिवारों और PM आवास योजना लाभार्थियों को कुपोषण-रोधी सहजन का पौधा वितरित किया जाएगा।
प्रत्येक कार्यक्रम की वन विभाग के मोबाइल ऐप पर अनिवार्य फोटो-वीडियो अपलोडिंग से पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 जुलाई 2026 को लखनऊ से पौधरोपण महाभियान-2026 के अंतर्गत प्रदेश के जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल संवाद किया और घोषणा की कि 12 जुलाई को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। इस बैठक में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौरों, जिला पंचायत अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों और नगर निकाय पार्षदों सहित 72 हजार से अधिक निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रही।

अभियान का दायरा और नवीन वन योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के महाभियान में महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन और कपि वन सहित अनेक नवीन वन स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त मिशन छाया के तहत गर्मी से राहत के लिए सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे, जबकि अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा और आम भंडारा भी अभियान के प्रमुख घटक होंगे।

आगामी राष्ट्रीय पर्वों पर भी वृक्षारोपण के विशेष कार्यक्रम निर्धारित हैं — 15 अगस्त को वंदे मातरम वाटिका, 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भाई-बहन पौधरोपण और 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर 'एक पेड़ गुरु के नाम' अभियान आयोजित होगा।

नौ वर्षों की उपलब्धि और तैयारियों की स्थिति

योगी ने बताया कि 5 जून 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) पर 5 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, और विगत 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में कुल 247 करोड़ से अधिक पौधे रोपित किए गए हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि नौ वर्ष पहले वन एवं उद्यान विभाग की नर्सरियों में 5 करोड़ पौधे भी उपलब्ध नहीं थे, जबकि आज दोनों विभागों के पास 57 करोड़ से अधिक पौधों का भंडार है — जिनमें फलदार, औषधीय, इमारती और सजावटी प्रजातियाँ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे अगले दो दिनों में अपने-अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण स्थलों का चयन कर पौधों की आवश्यकता का प्रस्ताव जिला प्रशासन और वन विभाग को उपलब्ध कराएं।

सामाजिक और पोषण संबंधी पहल

योगी ने विशेष रूप से कहा कि गरीब परिवारों और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को सहजन का पौधा उपलब्ध कराया जाए, क्योंकि यह कुपोषण से बचाव में प्रभावी है। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को भी इस जन अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया।

नदियों के किनारे — विशेषतः गंगा और यमुना के तटवर्ती क्षेत्रों — अमृत सरोवरों, हाइवे-एक्सप्रेसवे के किनारे और मंडी समितियों में फलदार-छायादार पौधे रोपने पर विशेष बल दिया गया। सार्वजनिक स्थलों पर आम, जामुन, पीपल, बरगद, पाकड़, नीम और हरड़ जैसे जैव विविधता के लिए उपयोगी वृक्षों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।

पारदर्शी निगरानी और डिजिटल दस्तावेज़ीकरण

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वृक्षारोपण कार्यक्रम की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी वन विभाग के मोबाइल ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए, ताकि अभियान की पारदर्शी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके। प्रत्येक आयोजन स्थल पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का बैनर लगाने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकगीतों, नुक्कड़ नाटकों के आयोजन का भी निर्देश दिया गया।

योगी ने जोर दिया कि पौधरोपण केवल पौधा लगाने तक सीमित न रहे — नियमित सिंचाई, गुड़ाई, ट्री गार्ड लगाकर सुरक्षा और देखरेख की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य दोनों को सुरक्षित रखने का राष्ट्रीय दायित्व है। 12 जुलाई का यह महाभियान उत्तर प्रदेश को देश में हरित नेतृत्व की भूमिका में और मज़बूत करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इनमें से कितने पौधे पाँच साल बाद वृक्ष बनकर खड़े होंगे। पिछले वर्षों के विशाल पौधरोपण अभियानों में उत्तरजीविता दर को लेकर पर्यावरण विशेषज्ञ सवाल उठाते रहे हैं। मोबाइल ऐप पर अनिवार्य अपलोडिंग की व्यवस्था पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम है, परंतु डेटा की स्वतंत्र तृतीय-पक्ष सत्यापन की कोई व्यवस्था अभी स्पष्ट नहीं है। 247 करोड़ पौधों की संख्या उत्साहजनक है, किंतु जब तक वन आवरण के उपग्रह-आधारित आँकड़े इस वृद्धि की पुष्टि न करें, यह अभियान संख्याओं का उत्सव बनने के जोखिम से मुक्त नहीं है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'एक पेड़ मां के नाम' अभियान उत्तर प्रदेश में 12 जुलाई को क्यों मनाया जा रहा है?
प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी 'एक पेड़ मां के नाम' आह्वान के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने 12 जुलाई 2026 को पौधरोपण महाभियान-2026 का मुख्य दिन निर्धारित किया है, जिसमें एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है। CM योगी आदित्यनाथ ने इसे जनआंदोलन का रूप देने के लिए 72 हजार से अधिक जनप्रतिनिधियों को सीधे जोड़ा है।
उत्तर प्रदेश में अब तक कुल कितने पौधे लगाए जा चुके हैं?
CM योगी आदित्यनाथ के अनुसार, विगत 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 247 करोड़ से अधिक पौधे रोपित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस पर अकेले 5 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए।
पौधरोपण महाभियान-2026 में कौन-कौन से नए वन बनाए जाएंगे?
इस वर्ष के अभियान में महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन और कपि वन सहित अनेक नवीन वन स्थापित किए जाएंगे। मिशन छाया के तहत सड़क किनारे छायादार पौधे और नदी तटों पर सघन वृक्षारोपण भी इस अभियान का हिस्सा है।
गरीब परिवारों और किसानों को इस अभियान से कैसे जोड़ा जाएगा?
CM योगी ने निर्देश दिया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों और गरीब परिवारों को कुपोषण-रोधी सहजन का पौधा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को भी इस पौधरोपण जन अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया गया है।
पौधों की निगरानी और सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
प्रत्येक वृक्षारोपण कार्यक्रम की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी वन विभाग के मोबाइल ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाने और नियमित सिंचाई-गुड़ाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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