यूपी में 12 जुलाई को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान: एक दिन में लगेंगे 35 करोड़ पौधे, CM योगी ने किया जनप्रतिनिधियों से संवाद
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 6 जुलाई 2026 को लखनऊ से पौधरोपण महाभियान-2026 के अंतर्गत प्रदेश के जनप्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल संवाद किया और घोषणा की कि 12 जुलाई को 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। इस बैठक में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, महापौरों, जिला पंचायत अध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों और नगर निकाय पार्षदों सहित 72 हजार से अधिक निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रही।
अभियान का दायरा और नवीन वन योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के महाभियान में महर्षि चरक औषधि वन, समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन और कपि वन सहित अनेक नवीन वन स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त मिशन छाया के तहत गर्मी से राहत के लिए सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे, जबकि अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा और आम भंडारा भी अभियान के प्रमुख घटक होंगे।
आगामी राष्ट्रीय पर्वों पर भी वृक्षारोपण के विशेष कार्यक्रम निर्धारित हैं — 15 अगस्त को वंदे मातरम वाटिका, 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भाई-बहन पौधरोपण और 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर 'एक पेड़ गुरु के नाम' अभियान आयोजित होगा।
नौ वर्षों की उपलब्धि और तैयारियों की स्थिति
योगी ने बताया कि 5 जून 2026 (विश्व पर्यावरण दिवस) पर 5 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं, और विगत 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में कुल 247 करोड़ से अधिक पौधे रोपित किए गए हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि नौ वर्ष पहले वन एवं उद्यान विभाग की नर्सरियों में 5 करोड़ पौधे भी उपलब्ध नहीं थे, जबकि आज दोनों विभागों के पास 57 करोड़ से अधिक पौधों का भंडार है — जिनमें फलदार, औषधीय, इमारती और सजावटी प्रजातियाँ शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे अगले दो दिनों में अपने-अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण स्थलों का चयन कर पौधों की आवश्यकता का प्रस्ताव जिला प्रशासन और वन विभाग को उपलब्ध कराएं।
सामाजिक और पोषण संबंधी पहल
योगी ने विशेष रूप से कहा कि गरीब परिवारों और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को सहजन का पौधा उपलब्ध कराया जाए, क्योंकि यह कुपोषण से बचाव में प्रभावी है। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को भी इस जन अभियान से जोड़ने का निर्देश दिया।
नदियों के किनारे — विशेषतः गंगा और यमुना के तटवर्ती क्षेत्रों — अमृत सरोवरों, हाइवे-एक्सप्रेसवे के किनारे और मंडी समितियों में फलदार-छायादार पौधे रोपने पर विशेष बल दिया गया। सार्वजनिक स्थलों पर आम, जामुन, पीपल, बरगद, पाकड़, नीम और हरड़ जैसे जैव विविधता के लिए उपयोगी वृक्षों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया।
पारदर्शी निगरानी और डिजिटल दस्तावेज़ीकरण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वृक्षारोपण कार्यक्रम की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी वन विभाग के मोबाइल ऐप पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाए, ताकि अभियान की पारदर्शी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके। प्रत्येक आयोजन स्थल पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का बैनर लगाने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकगीतों, नुक्कड़ नाटकों के आयोजन का भी निर्देश दिया गया।
योगी ने जोर दिया कि पौधरोपण केवल पौधा लगाने तक सीमित न रहे — नियमित सिंचाई, गुड़ाई, ट्री गार्ड लगाकर सुरक्षा और देखरेख की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य दोनों को सुरक्षित रखने का राष्ट्रीय दायित्व है। 12 जुलाई का यह महाभियान उत्तर प्रदेश को देश में हरित नेतृत्व की भूमिका में और मज़बूत करेगा।