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विश्व पर्यावरण दिवस पर CM योगी ने दिलाए 5 संकल्प, बोले — टोंटी चोरी करने वालों को टोकें

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विश्व पर्यावरण दिवस पर CM योगी ने दिलाए 5 संकल्प, बोले — टोंटी चोरी करने वालों को टोकें

सारांश

विश्व पर्यावरण दिवस पर CM योगी का संदेश सिर्फ भाषण नहीं था — उन्होंने टोंटी चोरी से लेकर माफियाओं तक हर स्तर पर नागरिक जिम्मेदारी की बात की। 9 साल में 242 करोड़ पौधे और अब जुलाई में एक दिन में 35 करोड़ का लक्ष्य — यूपी का पर्यावरण अभियान नई रफ्तार पकड़ रहा है।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में संगोष्ठी को संबोधित किया।
प्रदेशवासियों को 5 संकल्प दिलाए — पेड़ लगाना, पेड़ों की सुरक्षा, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक त्याग और प्रकृति-अनुरूप जीवनशैली।
जुलाई 2026 में एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य; 9 वर्षों में अब तक 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।
यूपी में रामसर साइट्स की संख्या 1 से बढ़कर 13 हुई; बलिया के सुरहा ताल को 13वीं साइट का दर्जा मिला।
मौसम चक्र में 25 वर्षों में 1 से 1.5 महीने का बदलाव; किसानों पर सर्वाधिक असर की चेतावनी।
नर्सरी में पौधों की संख्या 5 लाख से बढ़कर 55 करोड़ हुई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित संगोष्ठी में प्रदेशवासियों से जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों को पाँच पर्यावरण संकल्प दिलाए और भूमाफिया, वन माफिया, खनन माफिया तथा स्मगलरों के विरुद्ध सजग रहने की अपील की।

पाँच पर्यावरण संकल्प

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जो पाँच संकल्प दिलाए, उनमें शामिल हैं — एक पेड़ मां के नाम लगाना, शरारती तत्वों व जीव-जंतुओं से पेड़ों की सुरक्षा, जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग और प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाना। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि कोई टोंटी चोरी कर रहा है, कोई पानी बर्बाद कर रहा है — ऐसे लोगों को टोकें। जल संरक्षण को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।

जलवायु परिवर्तन पर चेतावनी

योगी ने कहा कि 25 वर्ष पहले की तुलना में वर्तमान मौसम चक्र में एक से डेढ़ महीने का अंतर आ चुका है। उन्होंने चेताया कि भारत और उत्तर प्रदेश की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था में इस बदलाव का सर्वाधिक नुकसान किसानों को होगा — आमदनी पर असर, अतिवृष्टि-अनावृष्टि का सामना और संभावित खाद्यान्न संकट। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग, वायु प्रदूषण, जैव विविधता के क्षरण और जल संकट को प्रमुख चुनौतियाँ बताया।

वृक्षारोपण महाभियान

सीएम ने बताया कि मार्च 2017 में वन विभाग की नर्सरी में मुश्किल से 5 लाख पौधे उपलब्ध थे, जबकि आज सरकारी व निजी नर्सरियों में 55 करोड़ पौधे तैयार हैं। इस वर्ष एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 5 करोड़ पौधे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि जुलाई में होने वाले महाभियान में एक ही दिन में नागरिकों के साथ मिलकर 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। 9 वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।

जल संरक्षण और रामसर साइट्स

उत्तर प्रदेश में 9 वर्ष पहले केवल एक रामसर साइट थी, जो अब बढ़कर 13 हो गई हैं। बलिया के सुरहा ताल को 13वीं रामसर साइट के रूप में चुना गया है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के 1,400 एकड़ में फैले रामगढ़ताल और 400-500 एकड़ के चिलुआताल के संरक्षण का उल्लेख किया और बताया कि चिलुआताल से फर्टिलाइजर कारखाना, टाउनशिप, सैनिक स्कूल और एसएसबी मुख्यालय को जलापूर्ति हो रही है। उन्होंने कुकरैल वन क्षेत्र और सौमित्र वन का भी उल्लेख किया, जहाँ लखनऊ की तुलना में तापमान 5 डिग्री या उससे अधिक कम रहता है।

भारतीय परंपरा और पर्यावरण

मुख्यमंत्री ने भगवान राम के श्लोक 'अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी' का उद्धरण देते हुए मातृभूमि के प्रति कर्तव्य का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में हर जीव-जंतु को जीवन चक्र से जोड़ा गया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य' के संदेश के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण जन-जन का दायित्व है। समारोह में वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, वन राज्यमंत्री केपी मलिक, प्रमुख सचिव (वन) वी. हेकाली झिमोमी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आगे जुलाई में होने वाला पौधरोपण महाभियान इस संकल्प की अगली बड़ी परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी जुलाई के उस महाभियान में होगी जब एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का दावा परखा जाएगा। 242 करोड़ पौधों के आँकड़े प्रभावशाली हैं, पर पौधों की जीवित रहने की दर और वन आवरण में वास्तविक वृद्धि के स्वतंत्र सत्यापन का अभाव इन दावों को अधूरा बनाता है। मौसम चक्र में डेढ़ महीने के बदलाव की चेतावनी और खाद्यान्न संकट की आशंका गंभीर है, लेकिन इसके समाधान के लिए सिर्फ पौधरोपण पर्याप्त नहीं — औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण और जलनिकायों की कानूनी सुरक्षा पर ठोस कदमों की जरूरत है जो भाषण में नदारद रहे।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM योगी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर कौन से 5 संकल्प दिलाए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 जून 2026 को पाँच संकल्प दिलाए — एक पेड़ मां के नाम लगाना, पेड़ों को शरारती तत्वों से बचाना, जल संरक्षण करना, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करना और प्रकृति के अनुरूप जीवनशैली अपनाना।
उत्तर प्रदेश में जुलाई 2026 में कितने पौधे लगाने का लक्ष्य है?
CM योगी ने घोषणा की कि जुलाई 2026 में एक ही दिन में नागरिकों के साथ मिलकर 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। अभी तक 9 वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।
उत्तर प्रदेश में कितनी रामसर साइट्स हैं और नई साइट कहाँ है?
उत्तर प्रदेश में अब कुल 13 रामसर साइट्स हैं, जो 9 वर्ष पहले केवल 1 थी। बलिया जिले के सुरहा ताल को 13वीं रामसर साइट के रूप में चुना गया है।
CM योगी ने जलवायु परिवर्तन से किसानों पर क्या असर बताया?
योगी ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में मौसम चक्र में 1 से 1.5 महीने का बदलाव आ गया है। इससे कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था वाले उत्तर प्रदेश में किसान सर्वाधिक प्रभावित होंगे — आमदनी पर असर पड़ेगा, अतिवृष्टि-अनावृष्टि बढ़ेगी और खाद्यान्न संकट की आशंका है।
सीएम योगी ने जल संरक्षण पर क्या संदेश दिया?
CM योगी ने कहा कि टोंटी चोरी करने वाले और पानी बर्बाद करने वालों को नागरिक खुद टोकें। उन्होंने ग्राम प्रधानों और नगर निकायों से तालाब, पोखरे, कुएं और बावड़ियों को संरक्षित-पुनर्जीवित करने का आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
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