उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ पौधों का रोपण, वनाच्छादन में वृद्धि: सीएम योगी का संबोधन
सारांश
Key Takeaways
- पिछले नौ वर्षों में 242 करोड़ पौधों का रोपण किया गया।
- उत्तर प्रदेश का वनाच्छादन बढ़कर 10%25 हुआ।
- रामसर साइटों की संख्या 1 से 11 हुई।
- वन महोत्सव के दौरान 37 करोड़ पौधे लगाए गए।
- कृषकों को कार्बन क्रेडिट के तहत धनराशि वितरित की जा रही है।
लखनऊ, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अंतरराष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वानिकी संवाद के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज की दुनिया जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण असंतुलन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में वनों का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में वनाच्छादन को बढ़ाने में उल्लेखनीय सफलता मिली है।
सीएम ने कहा कि हर व्यक्ति प्रकृति के साथ हुए खिलवाड़ के दुष्परिणामों का सामना कर रहा है, जो हमें आत्म मंथन की आवश्यकता को दर्शाता है। भारतीय वैदिक परंपरा में प्रकृति को सर्वोच्च स्थान देने का संदेश दिया गया है। हमारे ऋषियों ने कहा है कि धरती हमारी माता है। इसलिए हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपनी “मां” की रक्षा करे और उसके साथ खिलवाड़ न करे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया और विभिन्न व्यक्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने वन विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की ऋषि परंपरा हमेशा से यह कहती आई है कि वृक्ष की महत्ता सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि यदि वन हैं तो जल है, जल है तो वन हैं और वायु है तो जीवन है। इस वर्ष की थीम 'फॉरेस्ट एंड इकोनॉमिक्स' रखी गई है, जो पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने और वनों के माध्यम से आर्थिक विकास की आवश्यकता को दर्शाती है।
योगी ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में 242 करोड़ पौधों का रोपण किया गया है और प्रदेश का वनाच्छादन लगभग 10 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि हमें इसे 16-17 प्रतिशत तक बढ़ाने की आवश्यकता है। वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल 1 रामसर साइट थी, जो अब बढ़कर 11 हो गई है। हमारा लक्ष्य इसे 100 तक पहुंचाने का है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामसर साइटों के संरक्षण से भू-माफियाओं का कब्जा मुक्त रहेगा और संरक्षण कार्यक्रम प्रभावी रूप से चलाए जा सकेंगे। गंगा, यमुना और सरयू नदियों के किनारे पौधरोपण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां कृषकों को कार्बन क्रेडिट के तहत धनराशि वितरित की जा रही है। दुधवा नेशनल पार्क में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में 2,467 वन आधारित ग्रीन इकोनॉमी मॉडल उद्योग स्थापित किए गए हैं।
योगी ने कहा कि टाइगर कभी अचानक हमला नहीं करता है। यदि हम उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करेंगे, तो स्वाभाविक रूप से वे हिंसक हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वन संरक्षण केवल मानव सभ्यता के लिए नहीं, बल्कि जीव सृष्टि के लिए भी आवश्यक है। इस वर्ष भी वन विभाग के बजट को बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रानीपुर टाइगर रिजर्व के संरक्षण के लिए 50 करोड़ का कॉर्पस फंड दिया गया है। क्लीन एयर मैनेजमेंट के लिए 194 करोड़ और वानिकी विश्वविद्यालय के लिए 50 करोड़ उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में सात शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है और अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।