विश्व पर्यावरण दिवस 2025: दिल्ली में 10 हज़ार एकड़ में वृक्षारोपण, नासिक में 15,000 लोगों ने साफ की नंदिनी नदी
सारांश
मुख्य बातें
विश्व पर्यावरण दिवस पर 5 जून 2025 को देशभर में पर्यावरण संरक्षण के व्यापक अभियान चलाए गए — दिल्ली में हज़ारों पेड़ लगाए गए, नासिक में नंदिनी नदी की सफाई के लिए 15,000 नागरिक एकजुट हुए, और उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत हुई। इस वर्ष का आयोजन राजनीतिक दलों की सीमाओं से परे जाकर एक व्यापक जन-भागीदारी का रूप ले चुका है।
दिल्ली में वृक्षारोपण अभियान
भाजपा सांसद वीरेंद्र सचदेवा ने मयूर विहार में पौधे लगाए और नागरिकों से अधिक पेड़ लगाने, कागज़ का उपयोग घटाने तथा सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से दूरी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा, 'आज पूरी दिल्ली में पेड़ लगाओ अभियान चला रहे हैं। प्रकृति को हम अपनी मां के रूप में देखते हैं — ऐसे में प्रकृति का संरक्षण करना बहुत ज़रूरी है। आने वाली पीढ़ियों को अच्छा पर्यावरण देना है तो आज हमें भरपूर पेड़ लगाने होंगे।'
दक्षिणी दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के मार्गदर्शन में उनके लोकसभा क्षेत्र में 10 हज़ार एकड़ भूमि पर वृक्षारोपण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से दिल्ली को हरा-भरा बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की शुरुआत
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस धरती और पर्यावरण की सुरक्षा की सामूहिक ज़िम्मेदारी की याद दिलाता है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि हर व्यक्ति को बारिश के मौसम में कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए।
यूपी सरकार के मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को एक खास और अहम पहल बताया, जिसकी औपचारिक शुरुआत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हुई। उन्होंने कहा कि इस मौके पर सभी को अपनी मां के नाम पर एक पेड़ लगाना चाहिए।
यह अभियान पश्चिम बंगाल तक भी पहुंचा। बंगाल सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने आसनसोल के रामकृष्ण मिशन में 'एक पेड़ मां के नाम' वृक्षारोपण परियोजना की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और पहलों के बहुत करीब है।
नासिक में नंदिनी नदी की सफाई
महाराष्ट्र के नासिक में विश्व पर्यावरण दिवस पर नंदिनी नदी की सफाई का अभियान चलाया गया, जिसमें लगभग 15,000 नागरिकों ने भाग लिया। नासिक की मेयर हिमागौरी अडके ने कहा, 'नंदिनी नदी की सफाई करने के लिए हम सब इकट्ठे हुए हैं — सेवा ही स्नान है, यह हमारा नारा है।'
महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने भी नासिक में उपस्थित होकर कहा कि सुंदर, स्वच्छ और हरित नासिक के लिए सभी लोग आज नंदिनी नदी में काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि नदियों की सफाई और शहरी हरियाली दोनों ही पर्यावरण नीति के दो अहम स्तंभ माने जाते हैं।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों — बढ़ती गर्मी, घटते भूजल और प्रदूषित नदियों — का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक-दिवसीय आयोजनों को दीर्घकालिक नीतिगत प्रतिबद्धताओं में बदलना ज़रूरी है। वृक्षारोपण अभियानों की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि लगाए गए पेड़ों का संरक्षण और निगरानी कितने प्रभावी ढंग से की जाती है।