4 अक्टूबर 2026
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रांची पुलिस मुठभेड़: चेन स्नैचिंग गिरोह का सरगना रंगीला गोली लगने से घायल, तीन गिरफ्तार

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रांची पुलिस मुठभेड़: चेन स्नैचिंग गिरोह का सरगना रंगीला गोली लगने से घायल, तीन गिरफ्तार

सारांश

रांची पुलिस ने रविवार को ओरमांझी के पास मुठभेड़ में चेन स्नैचिंग गिरोह के सरगना रंगीला को गोली मारकर घायल किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। बिहार के कटिहार के कुख्यात 'कोढ़ा गैंग' से जुड़े इस गिरोह पर झारखंड-बिहार में दर्जनों वारदातों का संदेह है।

मुख्य बातें

रांची पुलिस ने 4 अक्टूबर 2026 को ओरमांझी के चुट्टू गांव के पास मुठभेड़ में अंतरराज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह को दबोचा।
गिरोह के कथित सरगना रंगीला को पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगी; उसके खिलाफ 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अमन यादव और कार्तिक यादव को भी गिरफ्तार किया गया; आरोपियों के पास से 10 से अधिक सोने की चेन बरामद।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों का संबंध बिहार के कटिहार के कुख्यात 'कोढ़ा गैंग' से सामने आया।
गिरोह धनबाद, हजारीबाग, रामगढ़ सहित कई जिलों में वारदातों में संलिप्त होने का संदेह; नेटवर्क की जांच जारी।

रांची पुलिस ने 4 अक्टूबर 2026 को ओरमांझी थाना क्षेत्र के चुट्टू गांव के निकट रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग पर एक अंतरराज्यीय चेन स्नैचिंग गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के कथित मुख्य सदस्य रंगीला को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया। उसके दो कथित साथियों अमन यादव और कार्तिक यादव को भी मौके से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 10 से अधिक सोने की चेन बरामद हुई हैं।

मुठभेड़ का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, रांची के लालपुर, बरियातू और डोरंडा सहित कई थाना क्षेत्रों में लगातार हो रही चेन छिनतई की घटनाओं की जांच के दौरान इस गिरोह से जुड़ी अहम सूचना मिली थी। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गठित विशेष टीम को रविवार को खुफिया जानकारी मिली कि गिरोह के सदस्य ओरमांझी के चुट्टू इलाके में वारदात की तैयारी में हैं।

इस सूचना पर पुलिस दल ने इलाके में घेराबंदी कर ली। पुलिस का दावा है कि संदिग्धों ने घेरा तोड़कर भागने की कोशिश की। पकड़े जाने के दौरान रंगीला ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्तौल छीन ली और टीम पर दो से तीन राउंड फायर किए। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली रंगीला के पैर में लगी। घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया।

बिहार के 'कोढ़ा गैंग' से संबंध

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि तीनों आरोपी बिहार के कटिहार जिले के कुख्यात 'कोढ़ा गैंग' से कथित तौर पर जुड़े हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह झारखंड और बिहार में चेन छिनतई और लूट की कई वारदातों में शामिल रहा है। धनबाद, हजारीबाग और रामगढ़ में भी इनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

मुख्य आरोपी रंगीला के खिलाफ झारखंड और बिहार के विभिन्न थानों में 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व की घटनाओं का सत्यापन कर रही है।

गिरोह के काम करने का तरीका

पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली का भी खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, ये अपराधी पहले भीड़-भाड़ वाले या अपेक्षाकृत शांत इलाकों में रेकी करते थे और विशेष रूप से अकेली महिलाओं तथा बुजुर्गों को निशाना बनाते थे। फिर बाइक पर सवार होकर अचानक पास आते और कुछ ही सेकंड में सोने की चेन झपट कर तेज गति से फरार हो जाते थे।

रांची के बरियातू क्षेत्र में हाल में हुई चेन छिनतई में भी इनकी भूमिका की जांच चल रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लूटी गई चेन कहां बेची जाती थीं और इस नेटवर्क में कौन-कौन अन्य लोग शामिल हैं।

आगे की जांच

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के शेष सदस्यों की तलाश जारी है और अंतरराज्यीय नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर करने के लिए बिहार पुलिस के साथ समन्वय किया जा रहा है। यह कार्रवाई रांची में आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और वृद्धों के लिए सड़क सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा बन चुका है। असली सवाल यह है कि 18 से अधिक मामलों के दर्ज होने के बावजूद रंगीला इतने लंबे समय तक सक्रिय कैसे रहा — यह पुलिस की पूर्व खुफिया विफलता की ओर इशारा करता है। मुठभेड़ के दावे सत्यापन की मांग करते हैं, क्योंकि आरोपी द्वारा पुलिस की ही पिस्तौल छीनकर फायरिंग की कहानी न्यायिक जांच के दायरे में आनी चाहिए।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में चेन स्नैचिंग मुठभेड़ में क्या हुआ?
4 अक्टूबर 2026 को रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र के चुट्टू गांव के पास पुलिस और चेन स्नैचिंग गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई। गिरोह के कथित सरगना रंगीला को पैर में गोली लगी और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनसे क्या बरामद हुआ?
गिरफ्तार आरोपियों में रंगीला (कथित सरगना), अमन यादव और कार्तिक यादव शामिल हैं। पुलिस ने तीनों के पास से 10 से अधिक सोने की चेन बरामद की हैं।
'कोढ़ा गैंग' क्या है और इसका रांची से क्या संबंध है?
'कोढ़ा गैंग' बिहार के कटिहार जिले का एक कुख्यात आपराधिक गिरोह है, जो कथित तौर पर झारखंड और बिहार में चेन छिनतई और लूट की वारदातों में शामिल रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में रांची में गिरफ्तार आरोपियों का इसी गैंग से संबंध सामने आया है।
मुठभेड़ के दौरान फायरिंग कैसे हुई?
पुलिस के दावे के अनुसार, घेराबंदी के दौरान रंगीला ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्तौल छीन ली और टीम पर दो से तीन राउंड फायर किए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली रंगीला के पैर में लगी।
इस गिरोह के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस गिरोह के शेष सदस्यों की तलाश कर रही है और लूटी गई चेन की बिक्री के नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है। बिहार पुलिस के साथ समन्वय कर अंतरराज्यीय नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर करने के प्रयास जारी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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