अखिलेश के अयोध्या दौरे से पहले सपा का चुनाव आयोग पर हमला, 2027 में भाजपा को हराने का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे से ठीक पहले पार्टी नेताओं ने 4 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर तीखे प्रहार किए। सपा सांसदों ने चुनाव आयोग को 'सरकार के इशारे पर काम करने वाला' बताया और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इंडी गठबंधन के ज़रिये भाजपा को सत्ता से बाहर करने का संकल्प जताया।
अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा और राजीव राय के आरोप
सपा सांसद राजीव राय ने कहा कि भगवान राम की कृपा से अखिलेश यादव ने अयोध्या में हो रही 'चोरी' का पर्दाफाश किया और अब कुछ 'गलत काम करने वालों' को हटाए जाने के बाद यादव पूजा-अर्चना के उद्देश्य से अयोध्या जा रहे हैं।
राय ने चुनाव आयोग पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब 'न निष्पक्ष है, न स्वतंत्र और न ईमानदार' रहा है और वह सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष पूरे देश में चुनावी पारदर्शिता के सवाल पर आक्रामक रुख अपना रहा है।
सपा का स्थापना दिवस और अवधेश प्रसाद का संबोधन
अयोध्या में सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने पार्टी के स्थापना दिवस पर समस्त कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह दिन उस ऐतिहासिक अवसर की याद दिलाता है जब नेताजी मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी की नींव रखी थी।
प्रसाद ने घोषणा की कि पार्टी बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए मताधिकार की रक्षा, लोकतंत्र को बचाने और संविधान की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में मार्च निकालेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये मार्च चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में आयोजित होंगे।
चुनाव आयोग पर सपा के गंभीर आरोप
अवधेश प्रसाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पिछले चुनावों के दौरान मतदान में धांधली के मामले सामने आए थे। गौरतलब है कि विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद से एक निरंतर राजनीतिक विमर्श बन गया है।
इंडी गठबंधन और कांग्रेस को सपा का संदेश
दिल्ली में सपा सांसद रामा शंकर राजभर ने कांग्रेस से सीधी बात करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में सीटों की संख्या से अधिक जीत की रणनीति पर ध्यान देना ज़रूरी है। उन्होंने मध्य प्रदेश और हरियाणा में सीट बंटवारे के दौरान हुए घटनाक्रम का ज़िक्र किया और कहा कि पिछली गलतियों से सबक लेना होगा।
राजभर ने कहा कि इंडी गठबंधन मज़बूत है और सपा तथा कांग्रेस का साझा गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा को पहले ही पटखनी दे चुका है। उनके अनुसार 2027 के विधानसभा चुनाव में यह गठबंधन पुनः भाजपा को सत्ता से बेदखल करेगा।
आगे क्या होगा
सपा के प्रदेशव्यापी मार्च की घोषणा के साथ यह स्पष्ट है कि पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग और भाजपा दोनों के खिलाफ जन-आंदोलन तेज़ करने की तैयारी में है। अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह धार्मिक प्रतीकवाद और राजनीतिक रणनीति का संगम है।