शिवपाल यादव का दावा: '2027 में अखिलेश के नेतृत्व में बनेगी सपा सरकार', मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने 4 अक्टूबर 2026 को इटावा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार को सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है और 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार प्रदेश में आएगी। इसी के साथ उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी माँग की।
जिला बैठक से मिला राजनीतिक संदेश
शिवपाल यादव ने बताया कि इटावा में समाजवादी पार्टी की जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई, जिसमें पार्टी के तमाम पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव निकट है और इस समय विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जारी है, इसलिए सभी पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को इससे जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
शिवपाल ने जोर देकर कहा कि सपा की नीतियों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुँचाना इस वक्त पार्टी की प्राथमिकता है।
सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप
शिवपाल यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार अधिकारियों के माध्यम से भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा, 'जनता ने भाजपा सरकार को हटाने का पूरी तरह मन बना लिया है। 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार प्रदेश में बनने जा रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सभी दल अपनी चुनावी तैयारियाँ तेज़ कर रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ माँग
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बारे में शिवपाल यादव ने कहा कि उनके कार्यकाल में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'पूरा विपक्ष उनके खिलाफ है, इसलिए उन्हें खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए।' गौरतलब है कि विपक्षी दल लंबे समय से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते रहे हैं।
इंडी गठबंधन पर स्पष्टीकरण
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदले जाने से जुड़े सवाल पर शिवपाल यादव ने कहा कि सपा इंडी गठबंधन का हिस्सा है और सभी घटक दलों के बीच बातचीत जारी रहती है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदलना कांग्रेस का आंतरिक मामला है, इसलिए उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इंडी गठबंधन एकजुट रहेगा और सभी घटक दल मिलकर 2027 के चुनाव लड़ेंगे।
यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक और सक्रिय चुनावी संकेत है — विधानसभा चुनाव अभी लगभग एक वर्ष दूर हैं, लेकिन सपा और भाजपा दोनों तरफ से ज़मीनी तैयारियाँ तेज़ होती दिख रही हैं।