4 नवंबर 2026
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2027 UP चुनाव: सपा कार्यकर्ता अखिलेश यादव को फिर CM बनाना चाहते हैं — प्रवक्ता आशुतोष वर्मा

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2027 UP चुनाव: सपा कार्यकर्ता अखिलेश यादव को फिर CM बनाना चाहते हैं — प्रवक्ता आशुतोष वर्मा

सारांश

2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है। सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने साफ कहा — हर कार्यकर्ता अखिलेश यादव को फिर CM देखना चाहता है। भाजपा की लखनऊ रैली से दीपावली पर व्यापारियों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाकर सपा ने सत्तारूढ़ दल को घेरने की कोशिश की।

मुख्य बातें

सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 4 नवंबर 2026 को कहा कि पार्टी के हर कार्यकर्ता की इच्छा है कि अखिलेश यादव 2027 के चुनाव बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें।
वर्मा ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार में पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों को आरक्षण का उचित लाभ नहीं मिल रहा।
भाजपा की लोकतंत्र बचाओ रैली के दौरान लखनऊ के हजरतगंज व अमीनाबाद में यातायात बाधित होने से दीपावली के मौसम में व्यापारियों को आर्थिक नुकसान का आरोप।
वर्मा ने कहा कि गोरखपुर में भी इसी तरह के भाजपा कार्यक्रम की तैयारी है, जिसका व्यापारी विरोध कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयानों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाया गया था, अब वे केवल ध्यान खींचने के लिए बयान देते हैं।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने 4 नवंबर 2026 को लखनऊ में पार्टी की रणनीति और प्राथमिकताओं को लेकर खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता अखिलेश यादव को एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहता है। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखे हमले भी बोले।

सामाजिक न्याय पर सपा का रुख

आशुतोष वर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से सामाजिक न्याय की लड़ाई का प्रतिनिधित्व करती रही है। उनके अनुसार, पार्टी का मूल उद्देश्य एक समतामूलक समाज की स्थापना करना है। वर्मा ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव हो रहा है और सरकार की घोषणाओं के बावजूद इन वर्गों को उनके अधिकारों के अनुरूप आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा।

2027 चुनाव की रणनीति और कार्यकर्ताओं की उम्मीद

वर्मा ने स्पष्ट किया कि सपा का प्रत्येक कार्यकर्ता चाहता है कि अखिलेश यादव अगले विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें। उन्होंने बताया कि पार्टी के भीतर हुई चर्चाओं में कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं और कार्यकर्ता चाहते हैं कि आगामी चुनाव की पूरी प्रक्रिया व राजनीतिक रणनीति की बारीकी से समीक्षा की जाए। उनका मानना है कि इस समीक्षा से 2027 में बेहतर चुनावी प्रदर्शन संभव होगा।

भाजपा रैली और कानून-व्यवस्था पर निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से त्योहारों के दौरान उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी पर टिप्पणी करते हुए वर्मा ने सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ रैली' के दौरान लखनऊ के हजरतगंज और अमीनाबाद सहित कई प्रमुख इलाकों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने यातायात बाधित किया। उनके अनुसार इससे आम नागरिकों और व्यापारियों दोनों को भारी असुविधा हुई।

दीपावली पर व्यापारियों को हुआ नुकसान

सपा प्रवक्ता ने कहा कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार के दौरान सड़कों पर जाम लगने से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने पूछा कि जब भाजपा के कार्यक्रमों से आम जनता परेशान होती है, तो उसे क्या कहा जाना चाहिए? वर्मा ने यह भी कहा कि गोरखपुर में भी ऐसे ही कार्यक्रम की तैयारी है, जिसका वहाँ के व्यापारी विरोध कर रहे हैं।

शिवराज सिंह चौहान के बयान पर कटाक्ष

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष वर्मा ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि चौहान के बयानों को अब गंभीरता से नहीं लिया जाता, क्योंकि उन्हें स्वयं मुख्यमंत्री पद से हटाया गया था और अब वे केवल ध्यान आकर्षित करने के लिए इस प्रकार के बयान देते हैं। यह बयानबाजी ऐसे समय में तेज हुई है जब उत्तर प्रदेश में सभी दल 2027 के चुनावी मैदान के लिए अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पार्टी के पास भाजपा के संगठनात्मक ढाँचे से टक्कर लेने की ज़मीनी तैयारी है। अखिलेश यादव को CM प्रोजेक्ट करना पुराना फॉर्मूला है — 2022 में भी यही किया गया था और सपा चुनाव हार गई थी। भाजपा रैली से यातायात बाधित होने का मुद्दा उठाना तात्कालिक राजनीतिक अवसर है, पर दीर्घकालिक विकल्प नहीं। सपा को सामाजिक न्याय के नारे से आगे बढ़कर ठोस नीतिगत एजेंडा पेश करना होगा, वरना 2027 की लड़ाई भावनात्मक लामबंदी तक सिमट जाएगी।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा 2027 के UP चुनाव में अपना CM उम्मीदवार किसे बना रही है?
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा के अनुसार पार्टी के हर कार्यकर्ता की इच्छा है कि अखिलेश यादव 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें। हालाँकि पार्टी ने औपचारिक रूप से उन्हें CM उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।
सपा ने भाजपा की लखनऊ रैली पर क्या आरोप लगाए?
सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ रैली' के दौरान लखनऊ के हजरतगंज और अमीनाबाद सहित कई प्रमुख इलाकों में यातायात बाधित हुआ। उनके अनुसार दीपावली के मौसम में इस जाम से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
सपा का सामाजिक न्याय पर क्या रुख है?
सपा का कहना है कि वह हमेशा से पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए लड़ती रही है। वर्मा ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार में इन वर्गों को उनके अधिकारों के अनुरूप आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा।
सपा ने शिवराज सिंह चौहान के बयानों पर क्या कहा?
सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाया जा चुका है और अब वे केवल ध्यान आकर्षित करने के लिए बयान देते हैं।
2027 UP चुनाव के लिए सपा की रणनीति क्या है?
सपा का कहना है कि पार्टी अब तक की राजनीतिक रणनीति की बारीकी से समीक्षा करेगी ताकि 2027 में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। पार्टी सामाजिक न्याय, आरक्षण के अधिकार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी अभियान तैयार कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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