2027 में सपा की सरकार आएगी, अखिलेश यादव फिर बनेंगे मुख्यमंत्री: रविदास मेहरोत्रा
सारांश
Key Takeaways
- रविदास मेहरोत्रा का 2027 में सपा की सरकार बनने का दावा
- अखिलेश यादव के नेतृत्व में बदलाव की लहर
- दादरी में आयोजित रैली का ऐतिहासिक महत्व
- डीए भुगतान पर ममता बनर्जी की घोषणा
- मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति पर अपडेट
लखनऊ, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के अनुभवी नेता रविदास मेहरोत्रा ने यह अनुमान व्यक्त किया है कि 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार स्थापित होगी और अखिलेश यादव प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बनेंगे।
यह बयान तब आया है, जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दादरी में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया।
इस जनसभा के सिलसिले में रविदास मेहरोत्रा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दादरी में एक विशाल रैली का संचालन किया। इस आयोजन के साथ ही, 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की योजनाओं की औपचारिक शुरुआत हो गई है। उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन की लहर अब शुरू हो चुकी है। जनता बदलाव की आकांक्षा रखती है। दादरी में लाखों लोग रैली में शामिल हुए थे और करोड़ों लोगों ने मोबाइल फोन के माध्यम से अखिलेश यादव की बातों को सुना। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इससे पहले इतनी बड़ी रैली का आयोजन नहीं हुआ था। इस रैली ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बदलाव का समय आ चुका है। अखिलेश यादव ने जनसमस्याओं पर अपनी बात रखी है।
उन्होंने यह भी बताया कि जब वह एक मंदिर गए थे, तो पूरे मंदिर को साफ कर दिया गया था। उत्तर प्रदेश में भाजपा के झंडे अब नीचे उतर रहे हैं। भाजपा 2027 में सत्ता से हटेगी, सपा की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे, तभी यूपी विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा और प्रदेश में भाईचारा स्थापित होगा।
पश्चिम बंगाल में डीए भुगतान के मुद्दे पर रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई में राज्य सरकार ने 2016-2019 की अवधि का बकाया महंगाई भत्ता 31 मार्च से पहले एक ही किस्त में चुकाने की घोषणा की है। नेताओं ने इस निर्णय की सराहना की है और इसे एक सकारात्मक कदम बताया है।
मिडिल ईस्ट के युद्ध पर रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष अब वास्तविक कार्रवाई के करीब पहुंचता दिख रहा है। शुरुआती हमले इजरायल और अमेरिका ने किए थे, लेकिन ईरान का कहना है कि इस युद्ध की शुरुआत अमेरिका और इजरायल ने की है, और उसने चेतावनी दी है कि वह उचित जवाब देगा।