अखिलेश यादव की दादरी में महिलाओं के लिए बड़ी योजना, भाजपा पर कसा तंज
सारांश
Key Takeaways
- समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में अधिक सीटों की उम्मीद कर रही है।
- अखिलेश यादव ने भाजपा पर झूठे वादों का आरोप लगाया।
- महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान बढ़ाने के लिए योजनाओं की घोषणा की।
- जेवर एयरपोर्ट का क्रेडिट समाजवादी पार्टी को दिया।
- संविधान और आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा की।
दादरी, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को दादरी के मिहिर भोज कॉलेज मैदान में एक भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए यह दावा किया कि आने वाले चुनाव में समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन, भाजपा की अपेक्षाओं से कहीं अधिक सीटें हासिल करेगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार भारतीय जनता पार्टी को जितनी उम्मीद नहीं होगी, उससे अधिक सीटें समाजवादी पार्टी जीतेगी। यह भूमि संघर्ष की एक गहरी परंपरा रखती है, यह स्वाभिमान का प्रतीक है, जिसकी आवाज़ से धरती हिलती है। यह केवल एक रैली नहीं है, बल्कि लोगों का आह्वान है कि भाजपा को सत्ता से हटना चाहिए। हम सबने उस लड़ाई में भाग लिया था, जब कुछ लोग हमारे इतिहास को छीनना चाहते थे। 2027 में सरकार बनाइए, और हम लखनऊ में पीडीए महापुरुषों की याद में रिवर फ्रंट पर प्रतिमाएं स्थापित करेंगे।
भाजपा पर कटाक्ष करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इन जुमलेबाजों की हर बात झूठी होती है। वे कहते हैं कि 15 लाख रुपए देंगे, हर साल एक करोड़ नौकरियां देंगे, गन्ने का भुगतान समय पर करेंगे—ये महाझूठ हैं। पीडीए की मुहिम केवल एक या दो चुनावों की नहीं, बल्कि सदियों से चल रहे उत्पीड़न के खिलाफ है।
जेवर एयरपोर्ट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस एयरपोर्ट को एनओसी दिलाने का कार्य समाजवादी पार्टी ने किया था, और इसी का परिणाम है कि आज यहाँ एयरपोर्ट अस्तित्व में है। हम किसान भाइयों की ज़मीन का सम्मान करेंगे और उन्हें बाजार के दाम पर भुगतान करेंगे।
कानून व्यवस्था पर बात करते हुए, अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में 1090 को और मजबूत करके अपनी बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। समाजवादी पेंशन को फिर से शुरू करेंगे और गरीब माताएँ-बहनें हर साल 40 हजार रुपये पाकर उनके सम्मान को बढ़ाएंगे।
संविधान का संदर्भ देते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में जो आरक्षण है, वह उनके एजेंडे में कभी नहीं रहा। इसलिए वे सरकारी नौकरियाँ नहीं देते और पेपर लीक कराते हैं। बाबा साहेब ने हमें एक ऐसा दस्तावेज दिया है जो लोहे की तलवार से भी मजबूत है। चाहे कितनी भी रुकावट आएं, हम गैर-बराबरी को समाप्त करने के लिए संघर्ष करते रहेंगे।